एक शख्स को बुरी तरह मारते पुलिसवाले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें एक पुलिसकर्मी, जमीन पर पड़े एक शख्स के सिर पर लात मारता नजर आ रहा है. वीडियो में एक महिला भी नजर आती है जो उस शख्स को पुलिस से बचाने की कोशिश करती है.
कुछ लोगों का कहना है कि ये वीडियो यूके के मैनचेस्टर एयरपोर्ट का है, जहां इस मुस्लिम व्यक्ति ने एक 11 साल की बच्ची के साथ छेड़खानी की, और उसके निजी अंगों को गलत तरह से छुआ, जिसके बाद पुलिस ने उसे इस तरह से सबक सिखाया.
एक्स पर एक व्यक्ति ने तंज करते हुए लिखा, “ऐसे नहीं मारना चाहिए था बेचारे मुस्लिम को. बहुत गलत बात ब्रिटिश पुलिस की. सुना है उसकी गर्दन हमेशा के लिए टूट गई.”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये मामला 2024 का है. एयरपोर्ट पर कुछ लोगों के बीच झगड़ा हुआ था और मौके पर पहुंची पुलिस की संदिग्धों से झड़प हो गई थी. बच्ची से छेड़खानी जैसी कोई बात नहीं हुई थी.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें इससे संबंधित जुलाई 2024 की तमाम न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं. यानी ये हाल-फिलहाल की घटना नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ये मामला मैनचेस्टर एयरपोर्ट का है, जहां एक आदमी को हिरासत में लेने के दौरान ये घटना हुई थी.
मिरर की 24 जुलाई, 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक मैनचेस्टर एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर कुछ यात्रियों के बीच झगड़े की सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची थी. पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेने की कोशिश की थी, लेकिन इस दौरान पुलिस पर भी हमला हुआ था, जिसमें एक महिला पुलिसकर्मी की नाक भी टूट गई थी.
The Spectator की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद फाहिर अमाज और मुहम्मद अमाद नाम के दो भाई अपनी मां को लेने मैनचेस्टर एयरपोर्ट गए थे. वहां पहुंचने पर उनकी मां ने उन्हें बताया था कि अब्दुलकरीम इस्माइल नाम के एक यात्री ने उन पर नस्लीय टिप्पणी की थी, जिस वजह से उनकी उससे कहासुनी हो गई थी.
इस बात पर दोनों भाइयों ने टर्मिनल-2 के पास इस्माइल को पकड़ा था, और उससे हाथापाई की थी. सूचना मिलते ही जैसे ही पुलिस दोनों भाइयों को पकड़ने वहां पहुंची, तो उन्होंने पुलिस पर भी हमला कर दिया. इस हमले में एक महिला पुलिसकर्मी की नाक टूट गई थी.
इसके बाद पुलिस ने बल का इस्तेमाल किया. एक पुलिसकर्मी अमाज के सिर में तेजी से लात मारता हुआ नजर आता है. वायरल वीडियो इसी घटना का है. उस वक्त जब ये वीडियो सामने आया था, तो पुलिस के इस तरीके की काफी आलोचना हुई थी, और काफी विरोध प्रदर्शन भी हुए थे.
जुलाई 2026 में इस मामले में महिला पुलिसकर्मी और बाकी लोगों पर हमला करने के आरोप में मोहम्मद अमाज को 3.5 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी.
यानी साफ है कि ये एक पुराना मामला है, और पूरे घटनाक्रम की वजह कुछ और थी, न कि वो जैसा दावा किया जा रहा है. इस मामले से संबंधित किसी भी रिपोर्ट में बच्ची से छेड़खानी जैसी किसी घटना का कोई जिक्र नहीं है.
साफ है कि वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.
अभिषेक पाठक