एक लड़की की तस्वीर को शेयर करते हुए कुछ लोग कह रहे हैं कि वो सीजेपी के ‘संसद मार्च’ में हुई पुलिस कार्रवाई में गंभीर रूप से घायल हो गई थी और अब उसकी मौत हो गई है. लड़की की इस तस्वीर पर फूल-माला भी चढ़ी हुई है.
कई इन्फ्लुएंसर भी यही दावा करते हुए एक दूसरी फोटो शेयर कर रहे हैं जिस पर लिखा है, "लाठीचार्ज से लड़की नहीं रही."
कॉकरोच जनता पार्टी के ‘संसद मार्च’ के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में कई लोग घायल हो गए थे जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे. इसी संदर्भ में अब ये दोनों तस्वीरें शेयर हो रही हैं.
लोग हजारों की संख्या में इन पोस्ट्स को शेयर कर रहे हैं और तस्वीर वाली लड़कियों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये दोनों ही तस्वीरें AI से बनी हैं. खबर लिखे जाने तक सीजेपी के संसद मार्च में घायल हुए किसी भी प्रदर्शनकारी की मौत की जानकारी सामने नहीं आई है. इस मार्च में साक्षी नाम की एक लड़की गंभीर रूप से घायल हुई थी और राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती हुई थी. लेकिन उसकी बहन ने आजतक को बताया कि ये दोनों ही तस्वीरें उसकी नहीं हैं.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
हमने ओपेन AI और साइट इंजन के इमेज डिटेक्शन टूल्स की मदद से इन तस्वीरों की जांच की. दोनों ही टूल्स ने इनके AI से बने होने की संभावना जताई.
हमने दोनों वायरल तस्वीरें साक्षी की बहन को भेजीं. उन्होंने आजतक फैक्ट चेक से इस बात की पुष्टि की कि ये साक्षी की तस्वीरें नहीं है. उन्होंने ये भी बताया कि उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है.
दिल्ली के छतरपुर में रहने वाली साक्षी अपने दोस्तों के साथ सीजेपी के संसद मार्च में हिस्सा लेने गई थीं. न्यूजलॉन्ड्री की खबर के मुताबिक वो भगदड़ के दौरान गिर गई थीं जिससे उन्हें कई चोटें आई थीं और उन्हें आरएमएल हॉस्पिटल ले जाया गया था.
हमने आरएमल हॉस्पिटल के पीआरओ से संपर्क किया जिन्होंने हमें इस मामले से संबंधित 23 जुलाई को जारी की गई प्रेस रिलीज भेजी. इसके मुताबिक, साक्षी को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और अब वो सामान्य रूप से सांस ले पा रही हैं. वो पूरी तरह होश में हैं और डॉक्टरों की बातों का जवाब दे रही हैं.
आरएमएसल हॉस्पिटल की एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर हमें बताया कि 23 जुलाई की दोपहर को साक्षी को वेंटिलेटर से हटा दिया गया और उसका इलाज चल रहा है. उसके मरने की बात पूरी तरह गलत है.
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने भी संसद मार्च के दौरान घायल हुई किसी भी लड़की की मौत की बात को गलत बताया है.
संसद मार्च में कितने लोग घायल हुए?
संसद मार्च में घायल होने वालों की संख्या को लेकर पुलिस और कॉकरोच जनता पार्टी के अलग-अलग दावे हैं. जहां पुलिस ने 118 पुलिसकर्मियों और 70 प्रदर्शनकारियों के घायल होने का दावा किया , वहीं सीजेपी ने 150 से भी ज्यादा प्रदर्शनकारियों के अस्पताल में इलाज करवाने की बात कही.
हम ये बात पक्के तौर पर तो नहीं कह सकते कि वायरल तस्वीरें किसी लड़की की तस्वीरों को एडिट करके बनाई गई हैं या ये पूरी तरह AI से ही बनी हैं. लेकिन इतनी बात पक्की है कि खबर लिखे जाने तक सीजेपी के संसद मार्च में घायल किसी प्रदर्शनकारी की मौत की खबर सामने नहीं आई है और ये साक्षी की तस्वीरें नहीं हैं.
(इनपुट: पथिकृत सान्याल )
ज्योति द्विवेदी