Pratyusha Banerjee suicide case: प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद बड़ा अपडेट, कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

बॉम्बे हाईकोर्ट ने टेलीविजन एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी की आत्महत्या मामले में आरोपी राहुल राज सिंह को बरी कर दिया है. कोर्ट ने 2016 में हुई अंतिम बातचीत को अहम आधार मानते हुए फैसला सुनाया.

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बालिका वधू की आनंदी याद है? (Photo: Social Media) बालिका वधू की आनंदी याद है? (Photo: Social Media)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई ,
  • 30 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:15 PM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी आत्महत्या मामले में आरोपी राहुल राज सिंह को बड़ी राहत देते हुए केस से बरी कर दिया. राहुल पर प्रत्युषा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप था. प्रत्युषा टेलीविजन सीरियल 'बालिका वधू' में आनंदी का किरदार निभाकर घर-घर में मशहूर हुई थीं. 

जस्टिस शिवकुमार डिगे की बेंच ने 1 अप्रैल 2016 को फांसी लगाने से पहले प्रत्युषा और राहुल के बीच हुई आखिरी बातचीत को अहम आधार माना. इसी बातचीत के आधार पर कोर्ट ने करीब एक दशक पुराने मामले में राहुल को आरोपों से मुक्त कर दिया. 

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10 साल बाद बड़ा फैसला
24 साल की प्रत्युषा अपने फ्लैट में मृत मिली थीं. उस वक्त वो अपने एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज सिंह संग रिलेशनशिप में थीं. सुसाइड करने के बाद राहुल ही प्रत्युषा को अस्पताल लेकर गए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. 

प्रत्युषा के माता-पिता ने राहुल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रत्युषा को परेशान करते थे और उनकी प्रताड़ना की वजह से बेटी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. इसके बाद राहुल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, मारपीट और आपराधिक धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी.

इससे पहले दिंडोशी सेशंस कोर्ट ने राहुल की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी और उनके खिलाफ आरोप तय करने की तैयारी थी. ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि ये मामला इंसानी व्यवहार और मानसिक स्थिति के बारीक विश्लेषण से जुड़ा है. इसलिए हर मामले को उसके तथ्यों और आरोपी मृतक की मानसिक स्थिति पर असर डालने वाले हालात को ध्यान में रखकर देखना जरूरी है. इसी आदेश को राहुल ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

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राहुल की ओर से पेश हुए वकील आबाद पोंडा और श्रेयांश मिठारे ने दलील में कहा- प्रत्युषा के साथ हुई आखिरी बातचीत से साफ होता है कि राहुल उन्हें ऐसा कदम ना उठाने के लिए समझा रहे थे. राहुल ने कहा था कि वो अपनी गाड़ी घुमाकर उनसे मिलने आ रहे हैं. वहीं प्रत्युषा बातचीत में अपने माता-पिता समेत सभी लोगों को अपनी हालत के लिए जिम्मेदार ठहरा रही थीं. प्रत्युषा और राहुल लिव-इन रिलेशनशिप में थे. इसी आखिरी बातचीत के आधार पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने साल 2016 में राहुल को अग्रिम जमानत भी दी थी.

आखिरी बातचीत में प्रत्युषा, राहुल से कहती हैं कि वो उनसे आखिरी बार बात कर रही हैं. राहुल उन्हें ऐसा ना करने के लिए मनाते हैं. राहुल ने प्रत्युषा से कहा कि उन्होंने अपनी गाड़ी वापस मोड़ ली है और वो उनसे मिलने के लिए रास्ते में हैं. 

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