पद्मावत: देश के नक़्शे पर देखें कहां-कहां बैन हुई भंसाली की फिल्म?

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को लेकर जारी विवाद थमा नहीं है. गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान फिल्म पर जारी विवाद चरम पर पहुंच गया था.

Advertisement
पद्मावत पद्मावत

ऋचा मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 17 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 5:46 PM IST

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को लेकर जारी विवाद थमा नहीं है. गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान फिल्म पर जारी विवाद चरम पर पहुंच गया था. सेंसर से क्लियरेंस नहीं मिल पाने की वजह से ये फिल्म पिछले साल 1 दिसंबर को रिलीज नहीं हो पाई थी.

संसदीय कमेटी से गुजरने और सेंसर की औपचारिकताओं को पूरा करने के बावजूद फिल्‍म को लेकर उठा तूफ़ान अभी ख़त्म नहीं हुआ है. एक-एक कर चार बीजेपी शासित राज्यों ने फिल्म पर बैन लगाने की घोषणा कर दी है. बैन लगाने वाला सबसे नया राज्य हरियाणा है. दिलचस्प है कि कुछ दिन पहले जब बीजेपी नेता फिल्म की आलोचना कर रहे थे तब मनोहर लाल खट्टर ने फिल्म पर किसी तरह के प्रतिबंध की आशंका को खारिज कर दिया था. हरियाणा के कदम से यह भी आशंका है कि दूसरे बीजेपी शासित राज्यों पर फिल्म बैन करने को लेकर दबाव होगा.

Advertisement

दरअसल, कुछ दिन पहले उत्तराखंड, यूपी और दूसरे बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और दूसरे नेताओं ने फिल्म पर बैन लगाने जैसी बातें कहीं थीं. महाराष्ट्र और गोवा में भी फिल्म के खिलाफ बयान आए हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो मुंबई पुलिस ने भी राज्य सरकार से फिल्म के प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई है. गोवा पुलिस ने टूरिस्ट सीजन का हवाला देते हुए सुरक्षा कारणों से इसकी रिलीज पर आशंका जताई है. इन दोनों राज्यों में बीजेपी सरकारें हैं.

नीचे हम देश का जो नक्शा दिखा रहे हैं, उनमें नारंगी रंग वाले राज्यों में फिल्म बैन की जा चुकी है. जबकि हरे रंग वाले बीजेपी शासित इलाकों में फिल्म पर बैन को लेकर मामला 50-50 का बना हुआ है. इसमें महाराष्ट्र, गोवा के अलावा यूपी, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम जैसे राज्य हैं. मेहरून रंग वाले इलाकों जिसमें बिहार, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य हैं वहां बीजेपी और सहयोगियों की सरकार है. यहां फिल्म के बैन होने की आशंका कम है. यूपी में तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इतिहास पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए पहले बैन लगाने की बात कह चुके हैं. हालांकि फिल्म की नई रिलीज डेट आने के बाद इसपर उनका कोई बयान नहीं आया है.

Advertisement

जिन इलाकों पर फिल्म के प्रदर्शन पर सबसे ज्यादा खतरा है, वहीं हिंदी फिल्मों की सबसे ज्यादा ऑडियंस हैं. एक तरीके से देखें तो अगर फिल्म बैन हुई तो निर्माताओं को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा. इस फिल्म का कुल बजट 180 करोड़ रुपये है. वायकॉम18 ने फिल्म में सबसे ज्यादा पैसा लगाया है.

बैन के चलते फिल्‍म पद्मावत के निर्माता Viacom 18 की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है. जिसमें चार राज्‍यों द्वारा फिल्‍म के प्रदर्शन पर बैन के खिलाफ गुहार लगाई गई है. सुप्रीम कोर्ट जल्द ही याचिका पर सुनवाई कर सकती है.

IMAX 3D हिंदी में होगी रिलीज

बता दें, संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत तीन भाषाओं तमिल, तेलुगु और हिंदी में रिलीज होगी. सेंसर ने पांच मॉडिफिकेशन के साथ फिल्म को "U/A" सर्टिफिकेट दिया है.  इस सर्टिफिकेट वाली फ़िल्में नाबालिग बच्चों को अकेले देखने की अनुमति नहीं है. यह देश की पहली ऐसी हिंदी फिल्म होगी जो IMAX 3D हिंदी में रिलीज होगी.

मध्यप्रदेश में घूमर पर 'बैन'

मध्यप्रदेश में रतलाम की एक घटना के बाद घूमर पर रोक लगाने की बात सामने आ रही है. दरअसल, फिल्म को लेकर कुछ हिस्सों में करणी सेना का उग्र प्रदर्शन जारी है. पिछले दिनों रतलाम में 'घूमर' चलाए जाने के विरोध में एक स्कूल में तोड़फोड़ की गई.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »