Nana Patekar News Live: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर को 75 साल की उम्र में निधन हो गया. गोवा स्थित अपने फ्लैट में सीने में तेज दर्द के बाद वह बेहोश मिले थे. उनके बेटे मल्हार पाटेकर के मुताबिक, सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद फ्लैट पर मेडिकल टीम भेजी गई थी. टीम के पहुंचने पर नाना बेहोश मिले और उन्हें बचाने की कोशिश की गई. इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया.
मणिपाल अस्पताल में डॉक्टरों ने सुबह 5:20 बजे नाना पाटेकर को मृत घोषित कर दिया. उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर दिया गया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इस मामले को मेडिको-लीगल केस के तौर पर दर्ज किया गया है. मौत की सही परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आज पोस्टमार्टम किया जाएगा. यह जानकारी मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने दी.
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. वह हिंदी और मराठी सिनेमा के सम्मानित अभिनेताओं में शामिल थे. उन्होंने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय किया. उन्हें तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले थे और 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.
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गोवा में दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के बेटे मल्हार अस्पताल पहुंचे. उन्होंने डॉक्टरों और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर को उनके बेटे मल्हार को सौंपा जाएगा.
नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है. गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह 5:20 बजे मृत घोषित किया गया. करीब एक साल पहले उन्होंने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर एक बयान दिया था. नाना पाटेकर का यह बयान उनके निधन के बाद एक बार फिर चर्चा में है.
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सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने अभिनेता नाना पाटेकर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया है. यह फैसला मराठी थिएटर के साथ-साथ मराठी और हिंदी सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए लिया गया है.
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि यह यकीन करना बेहद मुश्किल है कि नाना पाटेकर अब नहीं रहे. उन्होंने उनके परिवार और करीबियों को इस मुश्किल वक्त में हिम्मत मिलने की कामना की.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 90 के दशक की नाना पाटेकर की मशहूर फिल्मों ने पूरी एक पीढ़ी पर अपनी छाप छोड़ी. उन्होंने सिर्फ किरदार निभाए नहीं, बल्कि उन्हें पूरी तरह जिया. उनका खास अंदाज हमेशा लोगों के दिलों में बसा रहेगा.
कुछ कलाकार पर्दे पर आते हैं और अपना किरदार निभाकर चले जाते हैं. कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जिनका किरदार खत्म होने के बाद भी उनकी आवाज कानों में गूंजती रहती है. नाना पाटेकर उन्हीं कलाकारों में से एक थे. उनके मशहूर डायलॉग में ‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने...’ भी शामिल है. आज जब उनके निधन की खबर सामने आई तो उनके चाहने वाले दुख में डूब गए. सोशल मीडिया से लेकर सिनेमा प्रेमियों की बातचीत तक, उनके किरदार और उनके डायलॉग याद किए जाने लगे.
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता नाना पाटेकर के निधन को कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने कहा कि पांच दशकों तक नाना पाटेकर ने अपने सहज अभिनय और दमदार संवाद अदायगी से दर्शकों के दिल पर अमिट छाप छोड़ी. गंभीर सामाजिक विषय हों या हास्य-व्यंग्य, उन्होंने जिस किरदार को निभाया, उसे जीवंत बना दिया.
अमित शाह ने कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए सूखे से जूझ रहे किसान परिवारों की सेवा करना हो या सीमा पर जाकर जवानों का हौसला बढ़ाना, नाना पाटेकर ख्याति के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहे.
अमित शाह ने कहा कि जब भी नाना से मिलने का मौका मिला, उनकी सरलता और साफगोई ने हमेशा प्रभावित किया. अमित शाह ने शोकाकुल परिवार और प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति देने और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की.
गोवा के जिस अस्पताल में नाना पाटेकर ने अंतिम सांस ली, वहां के डॉक्टर ने बताया कि उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की गई थी. लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. आखिरी पलों में नाना पाटेकर बेचैन थे और पसीने में भीगे हुए थे. उन्होंने एक दोस्त को मैसेज कर लिखा था कि उन्हें अच्छा नहीं लग रहा है. देशभर में नाना पाटेकर की मौत से मातम पसरा है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि बहुत कम कलाकारों में नाना पाटेकर जैसी गहराई, अपनी अलग पहचान और खास मौजूदगी थी. उन्होंने हर किरदार में शानदार विविधता और रचनात्मकता दिखाई और ऐसे किरदार दिए, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी.
पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर अपने बेबाक और साफ विचारों के लिए भी जाने जाते थे और जो सही मानते थे, उसे कहने से कभी नहीं हिचकते थे. हिंदी और मराठी सिनेमा में उनका योगदान बहुत बड़ा था. उनके निधन से एक गहरी कमी पैदा हो गई है. पीएम मोदी ने उनके परिवार, दोस्तों और उनके अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदना जताई और उनकी आत्मा की शांति की कामना की.
ग्रेटर नोएडा में बीजेपी सांसद मेधा कुलकर्णी ने नाना पाटेकर के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर एक मशहूर थिएटर और फिल्म एक्टर थे, जिन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग और डायलॉग बोलने के अंदाज से अलग पहचान बनाई. ‘क्रांतिवीर’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने यादगार किरदार निभाए.
मेधा कुलकर्णी ने कहा कि एक्टिंग के अलावा नाना पाटेकर सामाजिक कामों से भी जुड़े थे, जिनमें जल संरक्षण और पेड़ लगाना शामिल है. उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर बेबाक और सम्मानित शख्सियत थे. उन्होंने उनकी आत्मा की शांति की कामना की.
नाना पाटेकर सिर्फ एक्टर ही नहीं थे. उन्होंने 1991 में फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ से डायरेक्शन में डेब्यू किया. इस फिल्म में उन्होंने लीड रोल भी निभाया था. फिल्म सैनिकों की जिंदगी और उनकी ट्रेनिंग से प्रेरित थी और इसमें सैन्य जीवन के प्रति उनकी लंबे समय से चली आ रही दिलचस्पी दिखाई दी.
नाना पाटेकर सामाजिक काम में भी सक्रिय रहे. साल 2015 में उन्होंने मराठी एक्टर मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर ‘नाम फाउंडेशन’ की शुरुआत की. यह संस्था किसानों से जुड़े मुद्दों पर काम करती है, खासकर महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित इलाकों में.
नाना पाटेकर टेरिटोरियल आर्मी से भी जुड़े थे. उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक दी गई थी. नाना पाटेकर ने 70 की उम्र पार करने के बाद भी फिल्मों में काम जारी रखा. उनकी हाल की फिल्मों में 2024 की ‘वनवास’, 2025 की ‘हाउसफुल 5’ और 2026 की ‘ओ'रोमियो’ और ‘सुबेदार’ शामिल हैं.
नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में शामिल थे. उन्होंने 1978 में आई फिल्म ‘गमन’ से अभिनय की शुरुआत की थी. इसके बाद ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया.
हाल के वर्षों में भी नाना पाटेकर फिल्मों में काम करते रहे. वह अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन, रितेश देशमुख और अन्य कलाकारों वाली ‘हाउसफुल 5’ का हिस्सा थे. नाना पाटेकर ने विशाल भारद्वाज की ‘ओ'रोमियो’ में पुलिस अधिकारी का किरदार भी निभाया था, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिका में थे. इसके अलावा वह अनिल कपूर और राधिका मदान की फिल्म ‘सुबेदार’ में कैमियो करते नजर आए थे.
रितेश देशमुख ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वह इस खबर से शब्दों से परे सदमे में हैं. उन्होंने नाना को बेहतरीन और बेजोड़ अभिनेता बताया, जिन्होंने अपनी अलग तरह की अदाकारी से लोगों के दिलों में जगह बनाई. रितेश ने कहा कि ऐसा कोई किरदार नहीं था, जिसे नाना निभा नहीं सकते थे. उन्होंने कहा कि नाना ने बड़े पर्दे के हीरो, खतरनाक विलेन से लेकर गंभीर और बिना भाव वाली कॉमेडी तक हर तरह के किरदार को शानदार तरीके से निभाया. उन्होंने नाना को पर्दे के बाहर भी हीरो बताया और कहा कि उन्होंने चैरिटी के जरिए लोगों की भलाई के लिए लगातार काम किया. रितेश ने कहा कि उन्हें ‘ब्लफमास्टर’ और ‘हाउसफुल 5’ में नाना के साथ काम करने का मौका मिला, लेकिन उनके साथ मराठी फिल्म में काम करना उनकी अधूरी इच्छा हमेशा रहेगी. उन्होंने नाना के परिवार, करीबियों और लाखों प्रशंसकों के प्रति संवेदना जताई. रितेश ने नाना के साथ हुई बातचीत, उनकी दी सीख, पीठ थपथपाने और साथ हंसने की यादों को भी साझा किया और कहा कि नाना के जाने से एक दौर का अंत हो गया.
अभिनेता आदिल हुसैन ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि उन्हें इस खबर पर यकीन नहीं हो रहा है. आदिल हुसैन ने बताया कि सुबह एक फोन कॉल के जरिए उन्हें नाना के निधन की खबर मिली और वह इसे सुनकर निशब्द हैं. उन्होंने कहा कि वह नाना को हमेशा बहुत स्नेह के साथ याद रखेंगे. आदिल ने कहा कि नाना का काम उन्हें और कई दूसरे लोगों को प्रेरणा देता रहा है. उन्होंने नाना की आत्मा की शांति की कामना की.
जूनियर एनटीआर ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने नाना को भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों में से एक बताया. जूनियर एनटीआर ने कहा कि नाना पाटेकर ने जिस भी किरदार को निभाया, उसमें एक अलग तरह की ईमानदारी और गहराई नजर आती थी. उनकी अदाकारी कभी सिर्फ अभिनय नहीं लगती थी, बल्कि ऐसा लगता था जैसे पर्दे पर जिंदगी सामने आ रही हो. उन्होंने कहा कि नाना एक शानदार कलाकार थे और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी. जूनियर एनटीआर ने उनके परिवार और करीबियों के प्रति संवेदना जताई और ‘ओम शांति’ कहा.
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. गोवा स्थित घर पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद मणिपाल अस्पताल में सुबह 5:20 बजे मृत घोषित किया गया. नाना पाटेकर का क्रिकेट से भी गहरा जुड़ाव था. उन्होंने बताया था कि बचपन में वह अच्छे क्रिकेटर और ऑफ स्पिनर थे. विराट कोहली उनके पसंदीदा खिलाड़ी थे. विराट कोहली के आउट होने पर वह खाना तक छोड़ देते थे.
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि अपनी शख्सियत में भी बेहद प्रभावशाली थे और उन्होंने मराठी और हिंदी सिनेमा को एक पूरा दौर दिया. फडणवीस ने नाना को देशभक्ति वाली भूमिकाओं के लिए याद करते हुए कहा कि क्रांतिवीर से नटसम्राट तक उनका अभिनय बेमिसाल रहा.
नाना पाटेकर ने बताया कि नाना की बेबाकी और निडरता के पीछे एक संवेदनशील इंसान भी था. जलयुक्त शिवार अभियान के दौरान नाना ने आगे बढ़कर किसानों और सूखे से जूझ रहे लोगों की मदद की और मकरंद अनासपुरे के साथ नाम फाउंडेशन के जरिए गांवों में काम किया. फडणवीस ने कहा कि नाना का अचानक जाना फिल्म जगत, उनके परिवार और प्रशंसकों के लिए बेहद बड़ी क्षति है
डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर को अस्पताल में मृत लाया गया था और सुबह 5.30 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया. उन्होंने कहा कि उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की गई, करीब 45 मिनट से एक घंटे तक कार्डियक मसाज दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.
डॉ. सालकर के मुताबिक, उन्हें याद है कि रात करीब 2.30 बजे नाना पाटेकर ने अपने दोस्त को मैसेज किया था कि वह अच्छा महसूस नहीं कर रहे हैं. रात का समय होने की वजह से उनके दोस्त की नजर उस मैसेज पर नहीं पड़ी, इसलिए उन्होंने नाना को फोन किया. उनका दोस्त करीब 4 बजे उनके घर पहुंचा. उस समय नाना को पसीना आ रहा था और उनकी हालत बिगड़ रही थी. उन्हें संभालने और जरूरी शुरुआती मदद देने की कोशिश की गई, लेकिन वह धीरे-धीरे बेहोश होने लगे.
इसके बाद उनके केयरटेकर को अस्पताल भेजा गया और वह अस्पताल की एंबुलेंस लेकर गए. जब अस्पताल की इमरजेंसी टीम उनके घर पहुंची तो नाना पूरी तरह रिस्पॉन्स नहीं कर रहे थे. टीम ने तुरंत कार्डियक मसाज शुरू की और उन्हें करीब 4.20 या 4.30 बजे अस्पताल लाया गया. अस्पताल में भी उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन वह मृत लाए गए थे.
डॉ. सालकर ने बताया कि इसके बाद पुलिस केस दर्ज करना पड़ा, क्योंकि यह मेडिको-लीगल केस था. नाना पाटेकर के शव को अब पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है. उन्होंने बताया कि नाना के साथ उनकी फैमिली नहीं थी, उनके दोस्त और एक केयरटेकर उनके साथ थे.
डॉक्टर शेख सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर को अस्पताल में मृत लाया गया था. उन्होंने कहा कि नाना ने रात करीब 2 या 2.30 बजे अपने दोस्त को मैसेज किया था कि उन्हें अच्छा महसूस नहीं हो रहा है. डॉक्टर के मुताबिक, उस समय नाना की फैमिली उनके साथ नहीं थी और उनके केयरटेकर उनके साथ थे. इसके बाद एक मेडिकल टीम उनके घर भेजी गई. टीम ने उन्हें सीपीआर देते हुए एंबुलेंस में बिठाया और फिर अस्पताल लेकर आई, लेकिन वह रिस्पॉन्सिव नहीं थे. डॉक्टर ने बताया कि नाना पाटेकर के शव को गोवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां उनका पोस्टमॉर्टम हो रहा है.
अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि वह उन गिने-चुने कलाकारों में से थे, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती थी. उनकी आवाज, उनका जुनून और हर किरदार में ईमानदारी उन्हें सबसे अलग बनाती थी.
अक्षय ने कहा कि उन्हें नाना के साथ ‘वेलकम’ और हाल ही में ‘हाउसफुल 5’ में काम करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि उन फिल्मों की शूटिंग के दौरान की कई यादें उनके दिल के करीब रहेंगी. अक्षय ने कहा कि नाना सच में अपने आप में एक अलग तरह के कलाकार थे और यह यकीन करना मुश्किल है कि वह अब नहीं रहे. उन्होंने नाना को उनकी सभी यादों के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी कमी शब्दों से कहीं ज्यादा महसूस होगी.
सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया है. उन्होंने कहा कि नाना अभिनय में सच्ची अभिव्यक्ति और संवेदनशील सामाजिक जागरूकता का खूबसूरत मेल थे. उन्होंने मंच से लेकर बड़े पर्दे तक अपने दमदार अभिनय से कई किरदारों को अमर किया. ‘नटसम्राट’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी.
उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर के दादा के साथ बेहद करीबी और स्नेहपूर्ण संबंध थे. इसलिए उनके निधन से उनके और उनके परिवार के लिए यह खालीपन खास तौर पर दुखद है. समाज के वंचित वर्गों और किसानों के लिए सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नाना ने जो काम किया, वह हमेशा प्रेरणा देता रहेगा. उन्होंने कहा कि आज अभिनय की दुनिया ने एक संवेदनशील आत्मा, दमदार आवाज और सच्चे कलाकार को खो दिया है. उन्होंने इस बहुआयामी और संवेदनशील कलाकार को श्रद्धांजलि दी और कहा कि नाना की यादें, उनके किरदार और उनका अमूल्य योगदान हमेशा उनके दिलों में जिंदा रहेगा.
नाना पाटेकर के निधन के बाद अब उनकी आखिरी पूरी सिनेमाई फिल्म को लेकर भी चर्चा हो रही है. 75 साल की उम्र में गोवा में गंभीर कार्डियक अरेस्ट से उनके निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री उनकी आखिरी थिएट्रिकल रिलीज O'Romeo को याद कर रही है. विशाल भारद्वाज की यह डार्क क्राइम-ड्रामा फिल्म फरवरी 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी.
फिल्म में नाना पाटेकर ने मुंबई इंटेलिजेंस ब्यूरो के चीफ इस्माइल खान का किरदार निभाया था. उनका किरदार एक ऐसे अधिकारी का था, जो मुंबई में फैली गैंगवार को रोकने की कोशिश कर रहा है. फिल्म में शाहिद कपूर ने कॉन्ट्रैक्ट किलर और तृप्ति डिमरी ने एक ऐसे किरदार का रोल निभाया था, जो बड़े क्राइम सिंडिकेट से बदला लेना चाहती है.
O'Romeo की कहानी आजादी के बाद के मुंबई अंडरवर्ल्ड की पृष्ठभूमि पर आधारित थी. फिल्म में नाना पाटेकर की दमदार और सधी हुई एक्टिंग को खास तौर पर नोट किया गया. उनकी भारी आवाज और प्रभावशाली डायलॉग डिलीवरी एक बार फिर देखने को मिली.
फिल्म की शूटिंग स्पेन और नेपाल जैसी लोकेशंस पर भी हुई थी. O'Romeo अब Amazon Prime Video पर स्ट्रीम हो रही है और इसे नाना पाटेकर के आखिरी बड़े सिनेमाई काम के तौर पर याद किया जा रहा है.
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. वह हिंदी और मराठी सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में शामिल थे. उन्होंने 1978 में ‘गमन’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की. इसके बाद ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया. उन्हें तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले थे और 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर बेहद चौंकाने वाली और दुखद है. नाना और उनके बेहद करीबी और दोस्ताना संबंध थे. उन्होंने कहा कि नाना ने अपने दमदार अभिनय के जरिए पांच दशक से ज्यादा समय तक मराठी और हिंदी सिनेमा के दर्शकों के दिलों पर राज किया.
अपने खास अंदाज में संवाद बोलकर उन्होंने कई किरदारों को अमर कर दिया और अपनी अलग पहचान बनाई. नाना का जाना भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है.
गडकरी ने कहा कि नाना पाटेकर ने ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में जल संरक्षण और वाटरशेड मैनेजमेंट के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया. उन्होंने आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की मदद के लिए जो हाथ बढ़ाया, वह कई परिवारों के लिए सहारा बना. नाना सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार और अभिनेता ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील व्यक्तित्व भी थे. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और ‘ओम शांति’ कहा.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर बेहद दुखद है. उन्होंने अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली संवाद से भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई. अलग-अलग भूमिकाओं में उनके जीवंत अभिनय ने हिंदी सिनेमा को समृद्ध किया. धामी ने कहा कि नाना पाटेकर का निधन फिल्म और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी नाना पाटेकर का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और सामाजिक सरोकारों के जरिए समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर की. योगी ने प्रभु श्री राम से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की.
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का आज सुबह उनके घर पर तेज कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया. 45 मिनट तक लगातार सीपीआर देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा. यह जानकारी मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने दी.
नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अभिनेता के फ्लैट पर मेडिकल टीम भेजी गई थी. टीम के पहुंचने पर नाना पाटेकर बेहोश मिले. उन्हें बचाने की कोशिश की गई, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया. नाना को बाद में मणिपाल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस मामले को मेडिको-लीगल केस के तौर पर दर्ज किया गया है और मौत की सही परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आज पोस्टमार्टम किए जाने की उम्मीद है.
दिग्गज अभिनेता और फिल्ममेकर नाना पाटेकर का गोवा स्थित घर पर तेज कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, उन्हें सुबह 5:20 बजे मृत घोषित किया गया. अस्पताल लाए जाने के बाद डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.