यूट्यूबर अभिषेक मल्हान, जिन्हें 'फुकरा इंसान' के नाम से भी जाना जाता है ने स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी के साथ 'द ट्रेटर्स सीजन 2' में हुई अपनी दुश्मनी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह झगड़ा गेम के साथ ही खत्म हो गया. भले ही सोशल मीडिया पर फैंस के बीच झगड़े और एक-दूसरे को अनफॉलो करने का दौर चला, लेकिन अभिषेक का कहना है कि यह सिर्फ गेम का हिस्सा था और उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है.
इंडिया टुडे के साथ एक खास बातचीत में उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो, मैं इसे कोई दुश्मनी नहीं मानता. मेरे लिए, मैं घर आ गया हूं; गेम खत्म हो गया है. मुझे बस खाना है और सोना है. मैं अपने बाहर होने पर क्यों रोता रहूं?'
हालांकि, सोशल मीडिया पर चल रहे ड्रामे को नजरअंदाज़ करना मुश्किल है. 'सर्कल ऑफ शक' में मुनव्वर के खिलाफ अपनी साजिश के बारे में बात करते हुए कंटेंट क्रिएटर ने कहा, 'सच कहूं तो, मुझे पता था कि वह मेरा नाम लेने वाला है. मुझे खुद को बचाना था. और लोगों को यह समझने की जरूरत है कि गेम में 'इनोसेंट्स' भी बाहर हो सकते हैं. यह खुद को बचाने के बारे में भी है, और मैंने वही किया.'
अभिषेक मल्हान ने क्या बताया?
और फिर इंस्टाग्राम पर अनफॉलो करने की बात आई, जिसके बारे में अभिषेक ने कहा कि यह कॉमेडियन की तरफ से किया गया था. उन्होंने कहा, 'उसने स्टोरीज शेयर करना शुरू किया और फिर मुझे अनफॉलो कर दिया; मैंने ऐसा कभी नहीं किया. उसने मुझे फॉलोअर्स की लिस्ट से भी हटा दिया. लेकिन मैंने इसे ईगो का मुद्दा नहीं बनाने का फैसला किया. मैं कभी भी ऐसा कोई बयान नहीं दूंगा, जिससे फैंस के बीच झगड़े हो. मुझे मेरी दोस्त (शाहनील गिल) ने भी बाहर किया था, लेकिन मैं इसके लिए रोता नहीं रहूंगा. आखिरकार, यह एक गेम है.'
अभिषेक ने आगे कहा कि दर्शक अभी तक इस शो के फॉर्मेट को समझ नहीं पाए हैं. उनके अनुसार, 'द ट्रेटर्स' का मकसद किसी की 'असली' पर्सनैलिटी दिखाना नहीं है. इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसमें कंटेस्टेंट्स को झूठ बोलना पड़ता है, हेर-फेर करनी पड़ती है और यहां तक कि उन लोगों के खिलाफ भी जाना पड़ता है जिन्हें वे पसंद करते हैं. उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसा रियलिटी शो है जिसमें आपसे बनावटी होने की उम्मीद की जाती है. जो लोग सोचते हैं कि 'बिग बॉस' में अभिषेक अलग था और 'ट्रेटर्स' में अलग है, तो यह सच है. मैं एक अलग इंसान हूं, क्योंकि यह गेम ही अलग है. यहां तक कि होस्ट करण सर (करण जौहर) भी इस शो में बहुत अलग हैं. मुझे लगता है कि लोगों को यह समझने में कुछ और सीजन लगेंगे कि यह शो असल में किस बारे में है.'
कंटेंट क्रिएटर ने बताया कि 'बिग बॉस ओटीटी' के बाद उन्होंने रियलिटी टेलीविजन से तौबा कर ली थी. हालांकि, 'द ट्रेटर्स' ने उन्हें अपनी सोच बदलने पर मजबूर किया है और उन्हें अपनी पर्सनैलिटी का वो पहलू दिखाने का मौका दिया है जो दर्शक ऑनलाइन कम ही देख पाते हैं. उनका मानना है कि दर्शकों ने शो में एक बिल्कुल अलग अभिषेक को देखा है, जो उनके आम ऑनलाइन और ऑफलाइन अंदाज से काफी अलग है. और अब, उन्हें लगता है कि वे फैंस से जुड़ने के लिए और प्रोजेक्ट्स कर सकते हैं, लेकिन वे एक कंटेस्टेंट के तौर पर इसमें शामिल नहीं होना चाहेंगे.
तो, क्या उन्हें कोई पछतावा है? उन्होंने तुरंत इस बात को खारिज करते हुए कहा, 'मैं अभी भी गेम को उसी तरह खेलूंगा. यह 'ट्रेटर्स' का गेम है, और इसे चालाकी या 'डर्टी' तरीके से ही खेलना होता है. अगर लोग यह नहीं समझते हैं, तो इसे देखना बंद कर दें. लेकिन मुझे लगता है कि 'धर्माटिक' को अपने 'ट्रेटर्स' चुनते समय गेम का तरीका बदलना चाहिए था. उन्हें मुझे चुनना चाहिए था (हंसते हुए).'
शो में कई लोगों के बाहर होने के बाद, अब मल्लिका, शालिनी, रिया चक्रवर्ती, श्वेता तिवारी, रिडा थराना, क्रिस्टल डिसूज़ा, दिलीप ताहिल, इक्का सिंह, सौंदस मौफाकिर, साहिल सलाथिया, शाहनील गिल, अंश चोपड़ा, प्रिश और तान्या पुरी गेम में बचे हुए कंटेस्टेंट हैं.
सना फरज़ीन