फिल्म सेट पर खिलाया जा रहा बासी, घटिया खाना, एक्शन की मांग

FWICE का कहना है कि उन्हें पिछले कई वर्षों से फिल्म और टीवी सेट पर परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं. आरोप है कि कुछ शूटिंग लोकेशन पर कर्मचारियों को बासी और अधपका खाना भोजन परोसा जाता है.

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शूटिंग स्धलों पर परोसे जाने भोजन पर विवाद. (Photo: Representational) शूटिंग स्धलों पर परोसे जाने भोजन पर विवाद. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:05 PM IST

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने मुंबई में फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल प्रोजेक्ट्स की शूटिंग के दौरान सेट पर काम करने वाले कर्मचारियों, टेक्नीशियन और कलाकारों को परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता जताई है.

फेडरेशन ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंडे को चिट्ठी लिखकर शूटिंग लोकेशन और कैटरिंग सुविधाओं का औचक निरीक्षण कराने की मांग की है.

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FWICE के मुताबिक, उन्हें पिछले कई वर्षों से फिल्म और टीवी सेट पर परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं. फेडरेशन का आरोप है कि कुछ शूटिंग लोकेशन पर कर्मचारियों को बासी, अधपका, पोषण की दृष्टि से अपर्याप्त और अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किया गया भोजन परोसा जाता है. उनका कहना है कि लंबे समय तक शूटिंग में व्यस्त रहने वाले कर्मचारियों के लिए इस तरह का भोजन गंभीर स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है.

FWICE के महासचिव अशोक दुबे ने कहा कि संबद्ध संगठनों और सदस्यों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद फेडरेशन को FDA का रुख करना पड़ा. उन्होंने कहा कि कर्मचारी, टेक्नीशियन और कलाकार शूटिंग लोकेशन पर लंबे समय तक काम करते हैं. ऐसे में कार्यस्थल पर सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन मिलना उनका अधिकार है. यह कोई विलासिता नहीं, बल्कि एक बुनियादी जरूरत है.

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फेडरेशन ने कई शूटिंग लोकेशन पर भोजन करने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया है. FWICE का दावा है कि कई जगहों पर कर्मचारियों को खुले इलाकों में बैठकर खाना खाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जहां धूल, गर्मी और बारिश से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती. इसके अलावा, कई स्थानों पर पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, भोजन के लिए निर्धारित जगह, साफ पीने के पानी और उचित स्वच्छता सुविधाओं का भी अभाव रहता है.

अशोक दुबे ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ खाने की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों की गरिमा और सेहत से भी जुड़ा है, जो मनोरंजन उद्योग को चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि FDA इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शूटिंग लोकेशन का निरीक्षण करेगा और प्रोडक्शन हाउस तथा कैटरिंग एजेंसियों को जवाबदेह बनाएगा.

FWICE ने FDA से गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी के साथ-साथ मुंबई और आसपास के अन्य फिल्म एवं टेलीविजन शूटिंग स्थलों पर औचक निरीक्षण कराने की मांग की है. फेडरेशन चाहता है कि FDA के अधिकारी वहां मौजूद रसोई, भोजन तैयार करने वाली इकाइयों, खाद्य भंडारण की व्यवस्था और कैटरिंग सुविधाओं की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि वहां खाद्य सुरक्षा एवं मानकों से जुड़े नियमों का पालन हो रहा है.

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फेडरेशन ने यह भी मांग की है कि जहां भोजन असुरक्षित, मिलावटी या खाने योग्य नहीं पाया जाए, वहां उसके नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएं. इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रोड्यूसर, कैटरर या एजेंसी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए.

FWICE ने FDA से शूटिंग लोकेशन पर मौजूद भोजन करने की व्यवस्था और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की भी जांच करने का आग्रह किया है. फेडरेशन ने प्रोडक्शन हाउस और कैटरिंग एजेंसियों को साफ-सफाई तथा खाद्य सुरक्षा के तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी निर्देश जारी करने की मांग की है.

FWICE ने FDA से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा है कि वह अधिकारियों को शूटिंग लोकेशन तक पहुंच बनाने और निरीक्षण की प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है.

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