नितेश तिवारी की 'रामायण' को लेकर फैन्स के बीच एक्साइटमेंट बना हुआ है. हर कोई रणबीर कपूर को राम और यश को रावण के रोल में देखने के लिए बेताब है. ट्रेलर रिलीज के बाद रावण के किरदार में यश की दमदार परफॉर्मेंस की काफी तारीफ हुई. अब एक्टर ने इस पर बात की है. आइए जानते हैं कि यश के लिए रावण बनना कितना मुश्किल रहा.
किरदार पर बोले यश
यश ने IGN को दिए इंटरव्यू में कहा- एक कहानी सुनाने के लिए आपको एक अच्छा और बुरा शख्स चाहिए. अच्छाई और बुराई चाहिए. इस स्टोरी का सबसे जरुरी हिस्सा ये है कि रावण अपनी ताकत के नशे में चूर है और कंट्रोल से बाहर हो जाता है. उसके अंदर बदले की भावना है. वो गलत चीजों से प्रेरित होता है. यहीं से कहानी दिलचस्प हो जाती है. अगर आप गहराई से देखें और कहानी को समझें, तो आपको ये बात आसानी से समझ आ जाएगी.
एक्टर कहते हैं, प्रभु राम और रावण के किरदार को जिस तरह से गढ़ा गया है, उसमें भगवान राम वो शख्स हैं, जो राजा के तौर पर जन्में. लेकिन हालातों ने उनसे सबकुछ छीन लिया. पर उन्होंने अपने बर्ताव और काम के जरिए सबकुछ दोबारा हासिल कर लिया. रावण के पास शुरुआत में कुछ भी नहीं था. वो बाद में ताकतवर बनता है. कहते हैं कि जब आप किसी राक्षस से लड़ते हैं, तो खुद उससे भी बड़े राक्षस बन जाते हैं. इसीलिए आपको सावधान रहने की जरुरत होती है. रावण वो है जो बहुत टैलेंटेड है. वो कई आर्ट्स में मास्टर हैं, लेकिन फिर वो आखिर में ऐसा इंसान बन जाता है, जो अपनी पावर को कंट्रोल नहीं कर पाता. यहां से कहानी नया मोड़ लेती है.
यश कहते हैं कि अगर आपको अपने किरदार के बारे में पता है और सभी उसके बारे में जानते हैं, तो एक बहुत मुश्किल काम हो जाता है. अगर कोई नई फिल्म के बारे में में आपको बताता है, तो उसमें आप जो भी करते हैं वो ही किरदार बन जाता है. लेकिन अगर लोगों के मन में पहले से ही उस कैरेक्टर को लेकर एक इमेज है और कई लोगों ने उसे अलग-अलग तरह से निभाया है, तो एक्टर पर एक एक्स्ट्रा प्रेशर होता है. लेकिन मैंने बेसिक पर बहुत ध्यान दिया है. मुझे लगता है कि मैंने इसे एक अलग नजरिए से पेश किया है. मैं उम्मीद करता हूं कि लोग इसे पसंद करें.
'रामायण' की रिलीज डेट का भी ऐलान हो गया है. फिल्म का पहला पार्ट दिवाली के मौके पर 6 नवंबर को रिलीज होगा.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क