बॉलीवुड के ‘संजू बाबा’ यानी संजय दत्त अपनी फिल्मों और बेबाक अंदाज के लिए तो जाने ही जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी बेटी त्रिशाला दत्त के साथ रिश्ते को लेकर दिल की बात कही है. संजय दत्त की पहली पत्नी दिवंगत ऋचा शर्मा से बेटी त्रिशाला का जन्म हुआ था. त्रिशाला अब न्यूयॉर्क में रहती हैं और मेंटल हेल्थ की फील्ड में काम कर रही हैं. हाल ही में संजय ने अपनी बेटी के साथ अपने रिश्ते और बीते दौर को याद करते हुए कई बातें शेयर कीं.
बेटी त्रिशाला को लेकर बोले संजय दत्त
शेखर सुमन के लेट नाइट यूट्यूब शो ‘शेखर टुनाइट’ में बातचीत के दौरान संजय दत्त ने बताया कि अब उनकी बेटी काफी बड़ी हो चुकी हैं और अपने काम में अच्छा कर रही हैं. एक्टर ने कहा कि वह हाल ही में न्यूयॉर्क गए थे, जहां उन्होंने त्रिशाला के साथ काफी वक्त बिताया.
संजय ने बताया कि दोनों अब एक-दूसरे के काम को लेकर भी बात करते हैं. उन्होंने माना कि उनके और त्रिशाला के बीच एक समय दूरी आ गई थी. एक्टर के मुताबिक, उनके मामले में कई वजहों से ऐसा हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि वह उस समय त्रिशाला की कस्टडी में नहीं थे. हालांकि, अब वह पुरानी बात हो चुकी है. संजय ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी में बहुत बड़ा बदलाव देखा है और उन्हें उस पर ‘बहुत, बहुत गर्व’ है.
मां को खोने के बाद बदल गई थी त्रिशाला की जिंदगी
त्रिशाला दत्त का बचपन काफी मुश्किलों से गुजरा. उनका जन्म 1988 को हुआ था. ऋचा का 1996 में ब्रेन ट्यूमर के कारण निधन हो गया था. उस वक्त त्रिशाला महज 8 साल की थीं. एक पॉडकास्ट में त्रिशाला ने खुद अपने बचपन के दर्द को याद किया था. उन्होंने बताया था कि उनकी मां को 1989 में ब्रेन ट्यूमर का पता चला था. उस समय वह चौथी कक्षा में थीं.
त्रिशाला ने बताया था कि पिता संजय दत्त काम की वजह से भारत और अमेरिका के बीच आते-जाते रहते थे. ऐसे में परिवार के लिए वह दौर काफी मुश्किल था. मां के निधन के बाद त्रिशाला का पालन-पोषण अमेरिका में उनके नाना-नानी ने किया.
मां की मौत के बाद खाने में ढूंढा सहारा, वजन पर भी झेला ताना
त्रिशाला ने खुलासा किया था कि मां को खोने के बाद उन्होंने अपने दुख से निपटने के लिए खाने का सहारा लिया. इसका असर उनके वजन पर पड़ा. बाद में उन्हें अपने वजन को लेकर लोगों की आलोचना भी झेलनी पड़ी.
उन्होंने बताया था कि लोग उन्हें संजय दत्त की बेटी के तौर पर देखते थे और उनके लुक्स को लेकर भी बातें करते थे. त्रिशाला ने माना कि उन्हें कई बार ऐसा महसूस हुआ कि वह ‘संजय दत्त की बेटी जैसी नहीं दिखतीं.’
‘लोग सोचते हैं मुझे सब कुछ आसानी से मिल गया…’
त्रिशाला ने यह भी बताया था कि उनके बारे में लोगों की सबसे बड़ी गलतफहमी क्या है. उन्होंने कहा था कि वह सुविधाओं के बीच जरूर पैदा हुईं, लेकिन उनकी जिंदगी में सब कुछ आसानी से नहीं मिला. उनके मुताबिक, उन्होंने अपनी जगह बनाने के लिए काफी मेहनत की है और उनके भीतर भी वही परेशानियां और संघर्ष हैं, जो आम लोगों के होते हैं.
त्रिशाला ने कहा था कि वह परफेक्ट नहीं हैं और इसी वजह से उन्होंने थेरेपिस्ट बनने का रास्ता चुना, ताकि लोगों को यह समझा सकें कि जिंदगी में संघर्ष करना सामान्य है. हर वक्त सब कुछ ठीक होना जरूरी नहीं है और मुश्किल दौर से गुजरने वाला इंसान अकेला नहीं है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क