'गंदी नाली के कीड़े बन गए, मेरी चेतावनी है...', 'कॉकरोचों' पर भड़के शक्तिमान, बोले- इन्हें बाहर फेंको

कंगना रनौत के बाद मुकेश खन्ना ने कॉकरोच जनता पार्टी को फटकार लगाई है. एक्टर ने उन छात्रों को भी चेतावनी दी है, जिन्होंने विरोध प्रदर्शन में गलत भाषा का इस्तेमाल किया.

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मुकेश खन्ना ने CJP को फटकारा (Photo: Social Media) मुकेश खन्ना ने CJP को फटकारा (Photo: Social Media)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:53 PM IST

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर बॉलीवुड इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंट चुकी है. प्रदर्शन के दौरान कई सेलेब्स CJP और छात्रों के साथ खड़ रहे, तो वहीं कंगना रनौत ने सीजेपी में शामिल कुछ प्रदर्शनकारियों को गटर छाप कहा. अब मुकेश खन्ना ने भी 'जेन जी' के विरोध प्रदर्शन पर खुलकर अपनी राय सामने रखी है.

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मुकेश खन्ना ने सीजेपी और प्रोटेस्ट में शामिल छात्रों की खराब भाषा की कड़े शब्दों में निंदा की है. मुकेश खन्ना ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. उन्होंने बताया कि वो भले ही इस समय भारत से बाहर हैं, लेकिन वो सोशल मीडिया के जरिए हर चीज पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. 

उन्होंने विरोध प्रदर्शन पर अपनी राय देते हुए कहा कि इस वक्त मैं इंडिया से बाहर हूं. लेकिन रील्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के माध्यम से भारत पर नजर बनाए हुए हूं. दो दिन पहले मैंने एक वीडिया डाली थी, जिसमें मैंने चिंता जाहिर की थी कि अगर ये हमारा यूथ है, ये हमारे जेन-जी हैं, तो आने वाले 25 सालों के बाद हमारा देश इनके कंधों पर टिकेगा. इससे आप समझ सकते हो कि हमारे देश का हाल क्या होगा?

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मुकेश खन्ना आगे बोले- मैंने महसूस किया है और जितना भी मैं देख रहा हूं और जितने लोगों से मैंने सुना है, उससे मुझे ये महसूस हुआ है कि ज्यादा लोग इस बात से सहमत हैं कि ये हमारे देश के असली छात्र नहीं हैं, जो नीट और पेपर लीक की समस्या को लेकर आगे आए थे. उनको बुलाया गया था और बुलाने वाले ही अपराधी हैं. वो चंद लोग हैं, जो इन्हें आगे करके बंदूके चलवाते हैं, गालियां दिलवाते हैं.

CJP को फटकारते हुए मुकेश खन्ना बोले- सरकार को गिराने के बड़े-बड़े इरादे लेकर आए, प्रधानमंत्री के खिलाफ और उनकी मां-बहन को लेकर गालियां दिलवाते हैं और फिर रात को जाकर पार्टियां करते हैं. इनके चक्कर में स्टूडेंट्स मुश्किल झेल रहे हैं.   

मुकेश खन्ना ने दी वॉर्निंग

एक्टर ने आगे फटकारते हुए कहा- मुझे लगता है कि ये वो लोग हैं, जो सच में कॉकरोच हैं. जब हमारे घर में कॉकरोच आ जाते हैं, तब उसे उठाकर बाहर फेंक देते हैं. मैं भी चाहता हूं कि ये जो सारे गंदे कॉकरोच हैं, इन्होंने कैमरे पर आगे आकर जो कुछ भी बोला है उन सभी को हटाया जाए, निकाला जाए और दूर किया जाए. 

उन्होंने कहा कि 'मेरा मानना है कि ये आंदोलन सही मायने में नीट या छात्रों का आंदोलन नहीं था. ये एक स्पॉन्सर्ड आंदोलन था, जिसमें भारी पैसा लगाया गया था. ये हमारे देश के छात्र नहीं हैं. छात्र कभी इतनी गंदी भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते. मैं जो समझ रहा था, ये वो स्टूडेंट्स नहीं हैं. ये सब बिके हुए हैं. '

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मुकेश खन्ना ने छात्रों को समझाते हुए कहा-  मैं बच्चों को भी कहूंगा कि आज आप जो बोलकर गए हैं, उससे आपकी आने वाली जिंदगी पर असर पड़ेगा. इससे बचों. ये लोग आपका इस्तेमाल कर रहे हैं. वरना आगे जाकर आपको मुश्किलों का सामना करना होगा. आपको नौकरियां नहीं मिलेंगी, वीजा नहीं मिलेगा. करियर बर्बाद होने से पहले इससे बाहर निकल जाओ. 

मुकेश खन्ना बोले- इन्हें बाहर फेंक दो

मुकेश खन्ना ने वीडियो के कैप्शन में लिखा- इन कॉकरोचों को फेंक दो, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए. उन्होंने आगे लिखा- घर में जब कॉक्रोचेस आ जाते हैं, तो हम क्या करते हैं?? उन्हें ढूंढकर,पकड़कर, उठाकर बाहर फेंक आते हैं. इनके साथ भी ऐसा ही कीजिए. जो बच्चे इनके बहकावे में आकर, जोश में बहुत ही गलत बोल गए हैं. उनको मेरी चेतावनी है, तुम्हारा स्टेटमेंट हिस्ट्री में रिकॉर्ड हो गया है.  तुम इनकी संगत में खुद भी गंदी नाली के कीड़े बन गए हो. इसका खामियाजा तुम्हें भुगतना पड़ेगा. कोई पुलिस तुम्हारी मदद नहीं करेगी. कई लोग तुम्हें नौकरी देने में हिचकिचायेंगे. सरकारी मदद बंद. शायद तुम्हें कई वीसा भी ना मिले. परिवार की नजरों में तुम गिर चुके हो. इस लिए इनके चंगुल से, जितना जल्दी निकल आओ अच्छा है.'

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क्या है पूरा मामला?

बता दें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने छात्रों संग मिलकर विरोध प्रर्दशन शुरू किया था, जिसमें उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत कई दूसरी मांग भी रखी थीं. इसी बीच 20 जून को संसद मार्च के दौरान आंदोलन में पुलिस और छात्रों के बीच चीजें बिगड़ गई थीं. पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज की थी. हालांकि, छात्रों और CJP की मांग पर धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा और सरकार को छात्रों की तरफ से रखी गई मांगें भी माननी पड़ीं. 

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