पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर बनी दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' (जिसका असली नाम 'पंजाब 95' था) एक बार फिर बड़े विवादों में घिर गई है. लंबे इंतजार और कई अड़चनों के बाद हाल ही में बिना किसी प्रचार के ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई इस फिल्म को अब भारत में अगले आदेश तक हटा दिया गया है.
वहीं फिल्म को अचानक हटाए जाने के इस फैसले ने इसके दर्शकों और प्रशंसकों को हैरान कर दिया है, क्योंकि यह फिल्म कई सालों से सेंसर बोर्ड की आपत्तियों और भारी-भरकम कट्स को लेकर पहले ही विवादों की मार झेल रही थी.
आखिर किसे लेकर है विवाद?
यह फिल्म पिछले काफी समय से अपनी कहानी और विषयवस्तु को लेकर सेंसर बोर्ड (CBFC) के निशाने पर रही है. सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म पर कई गंभीर आपत्तियां जताई थीं और कथित तौर पर फिल्म को हरी झंडी देने के लिए इसमें 120 से भी ज्यादा कट लगाने का निर्देश दिया था. यही वजह रही कि तमाम कोशिशों के बावजूद यह फिल्म भारत के सिनेमाघरों में कभी रिलीज ही नहीं हो पाई. आखिरकार, मेकर्स ने इसका नाम बदलकर 'सतलुज' किया और इसे सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर डिजिटल रिलीज करने का फैसला लिया, लेकिन यहां भी फिल्म का सफर आसान नहीं रहा.
ZEE5 ने फिल्म को दिया समर्थन
भारत में फिल्म की स्ट्रीमिंग रोकने के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 की तरफ से एक आधिकारिक बयान सामने आया है. अपने बयान में स्ट्रीमर ने सबसे पहले उन दर्शकों का दिल से शुक्रिया अदा किया है, जिन्होंने रिलीज के बाद फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स दिया. इसके साथ ही प्लेटफॉर्म ने फिल्म की कहानी और इसके क्रिएटिव विजन (कलात्मक सोच) के प्रति अपना पूरा समर्थन दोहराया है. ZEE5 का कहना है कि वे ऐसी सच्ची और गहरे अर्थ वाली कहानियों को दुनिया के सामने लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
कानूनी रास्ते तलाश रहा है OTT प्लेटफॉर्म
फिल्म को भले ही अभी भारतीय दर्शकों के लिए रोक दिया गया है, लेकिन इसके मेकर्स और प्लेटफॉर्म ने हार नहीं मानी है. ZEE5 ने साफ किया है कि वह फिल्म के क्रिएटर्स की कलात्मक ईमानदारी के साथ मजबूती से खड़ा है. वे इस फिल्म को जल्द से जल्द भारतीय दर्शकों के बीच वापस लाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए सभी जरूरी कानूनी रास्ते भी तलाश रहे हैं, ताकि फिल्म पर लगी रोक को हटाकर इसे दोबारा स्ट्रीम किया जा सके.
सना फरज़ीन