दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज इस साल की शायद सबसे विवादित फिल्म होगी. इसे ओटीटी पर अचानक रिलीज किया गया और फिर 48 घंटे बाद वहां से हटाया भी. फिल्म पर बैन लगने के कई कारण सामने आए. सेंसर बोर्ड की तरफ से इसमें 100 से ज्यादा कट्स की मांग हुई. मगर मेकर्स ने वैसा नहीं किया और बिना किसी कट रिलीज की. बाद में फिल्म ऑनलाइन लीक हुई, जिससे मेकर्स को भारी नुकसान हुआ.
फिल्म सतलुज, जो पहले पंजाब 95 के नाम से आ रही थी, उसकी कहानी 90 के दशक में पंजाब के अंदर हुईं घटनाओं की कहानी थी. इसमें राज्य के उन संवेदनशील मुद्दों को जनता के सामने लाया गया, जिसमें काफी गहरा और कढ़वा सच छिपा था. यही कारण भी है कि सरकार ने फिल्म पर रोक लगाई, ताकि कोई इसे देश के खिलाफ इस्तेमाल ना कर सके.
सतलुज के बैन पर काफी विवाद हुआ था. इससे पहले भी पंजाब के संवेदनशील मुद्दों पर फिल्में बनीं और रिलीज हुई हैं. 1996 में आई गुलजार की फिल्म माचिस भी 1980 के दशक में पंजाब में चल रहे उग्रवाद के दौर पर आधारित थी. ये फिल्म खूब चली और इसने कई सारे नेशनल अवॉर्ड भी जीते थे.
सतलुज के बैन पर क्या बोले जिमी शेरगिल?
हाल ही में जिमी शेरगिल, जो इसी माचिस फिल्म का हिस्सा थे उन्होंने सतलुज की बैन पर बात की. एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में उन्होंने दिलजीत की फिल्म को लेकर हो रहे विवाद पर अपनी बात सामने रखी. जब जिमी से पूछा गया कि सतलुज जैसी संवेदनशील मुद्दे पर बनी फिल्म को रिलीज में परेशानी क्यों हुई, जबकि उनकी पहली फिल्म माचिस भी पंजाब के ऐसे ही दौर पर आधारित थी और उसे काफी पसंद किया गया था?
तो इसपर एक्टर ने कहा- राजनीति है और हमेशा होती रहेगी. लेकिन जब किसी संवेदनशील मुद्दे पर बात होती है, तो उसके कई छिपे हुए पहलू भी सामने आने लगते हैं. जब किसी संवेदनशील मुद्दे के एक हिस्से पर भी चर्चा शुरू होती है, तो उससे जुड़े दूसरे पहलुओं पर भी लोगों का ध्यान जाता है और यही इस पूरी स्थिति का राजनीतिक पक्ष है.
बात करें जिमी शेरगिल की, तो वो इन दिनों नेटफ्लिक्स सीरीज ऑपरेशन सफेद सागर को लेकर सुर्खियों में है. ये शो 1999 में हुए कारगिल युद्ध पर आधारित है, जिसमें इंडियन एयर फोर्स की बहादुरी की गाथा दिखाई गई है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क