भोजपुरी सिनेमा के पावरस्टार और बीजेपी एमएलसी पवन सिंह की निजी जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है. पत्नी ज्योति सिंह के साथ तलाक और गुजारा-भत्ता को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब कोर्ट तक पहुंच चुकी है. इसी मामले की सुनवाई में बुधवार को पवन सिंह के पेश न होने पर बलिया फैमिली कोर्ट ने उन पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगा दिया.
इस सुनवाई में पवन सिंह का बयान दर्ज किया जाना था. लेकिन वह अदालत नहीं पहुंच सके. उनके वकील हरिवंश सिंह ने कोर्ट को बताया कि पटना में बाढ़ की स्थिति के चलते पवन सिंह अदालत नहीं आ पाए. सुनवाई टालने के लिए अदालत में अर्जी भी दी गई थी, लेकिन उनकी गैरहाजिरी के चलते कोर्ट ने जुर्माना लगा दिया.
वहीं दूसरी तरफ ज्योति सिंह अपने वकील के साथ कोर्ट में मौजूद रहीं. मामले की अगली सुनवाई अब 5 अक्टूबर को होगी.
बार-बार कोर्ट से गैरहाजिर रहे पवन सिंह
बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब पवन सिंह इस मामले की सुनवाई में अदालत नहीं पहुंचे. इससे पहले भी वह एक सुनवाई में पेश नहीं हुए थे. ऐसे में इस बार कोर्ट की ओर से जुर्माना लगाया गया है.
एक तरफ पवन सिंह लगातार अपने काम और राजनीतिक सफर में व्यस्त नजर आते हैं, तो दूसरी तरफ उनकी निजी जिंदगी का ये विवाद अदालत की चौखट तक पहुंच चुका है. कभी साथ नजर आने वाले पवन और ज्योति के रिश्ते की कहानी अब कानूनी लड़ाई में बदल चुकी है.
शादी से तलाक तक... कैसे बदली पवन-ज्योति की कहानी?
पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 6 मार्च 2018 को बलिया में हुई थी. ज्योति, पवन सिंह की दूसरी पत्नी हैं. शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्ते में खटास की खबरें सामने आने लगी थीं. ज्योति ने पवन सिंह पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्हें दो बार अबॉर्शन के लिए मजबूर किया गया. हालांकि, पवन सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया है.
अप्रैल 2022 में ज्योति ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी. इसके बाद पवन सिंह ने भी आरा फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की. मामला आगे बढ़ता गया और अब दोनों के बीच तलाक के साथ-साथ मेंटेनेंस को लेकर भी कानूनी लड़ाई चल रही है.
ज्योति ने मांगे 10 करोड़ रुपये और घर
तलाक की कार्यवाही के साथ ज्योति सिंह ने आर्थिक मदद की मांग भी की है. उनके वकील के मुताबिक, मामले में दाखिल विवरण के अनुसार ज्योति ने 10 करोड़ रुपये के मेंटेनेंस और एक घर की मांग की है. मेंटेनेंस यानी गुजारा-भत्ता वह आर्थिक सहायता है, जो जीवन-यापन की जरूरतों को पूरा करने के लिए दी जा सकती है. इसमें रहने, खाने-पीने, इलाज और दूसरी जरूरी चीजों का खर्च शामिल हो सकता है.
हालांकि, ज्योति की ओर से की गई मांग और कोर्ट की ओर से तय होने वाली राशि दो अलग बातें हैं. अंतिम फैसला अदालत मामले की परिस्थितियों और दोनों पक्षों की आर्थिक स्थिति समेत तमाम पहलुओं को देखकर करती है.
कभी चुनाव में साथ दिखे थे पवन और ज्योति
पवन सिंह और ज्योति सिंह की कहानी में एक दिलचस्प मोड़ साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी देखने को मिला था. जब पवन सिंह ने काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा, तब ज्योति उनके लिए प्रचार करती हुई नजर आई थीं.
उस वक्त दोनों को साथ देखकर उनके रिश्ते में सुलह की अटकलें भी लगने लगी थीं. लोगों को लगा कि शायद दोनों के बीच सब कुछ ठीक हो रहा है. लेकिन चुनाव के बाद एक बार फिर दोनों के अलग होने की खबरें सामने आने लगीं.
अब वही रिश्ता कोर्ट की सुनवाई और गुजारा-भत्ता के विवाद तक पहुंच गया है. बुधवार को ज्योति कोर्ट में मौजूद रहीं, जबकि पवन सिंह की गैरहाजिरी पर अदालत ने जुर्माना लगा दिया.
पहली शादी भी रही थी बेहद दुखद
पवन सिंह की निजी जिंदगी पहले भी एक दर्दनाक दौर से गुजर चुकी है. उनकी पहली शादी साल 2014 में नीलम सिंह से हुई थी. साल 2015 में नीलम की मौत आत्महत्या के कारण हुई थी। इसके कुछ साल बाद पवन सिंह ने ज्योति सिंह से दूसरी शादी की. अब दूसरी शादी भी कानूनी विवाद में उलझी हुई है. कभी साथ जिंदगी बिताने का सपना देखने वाले इस रिश्ते का भविष्य अब अदालत के फैसले पर टिका है.
फिलहाल बलिया फैमिली कोर्ट में चल रहे मेंटेनेंस केस में पवन सिंह पर 1,000 रुपये का जुर्माना लग चुका है और अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी. अब सबकी नजर इस बात पर है कि अगली सुनवाई में क्या पवन सिंह कोर्ट में पेश होते हैं और मामले में आगे क्या मोड़ आता है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क