यूपी चुनाव 2022: कांग्रेस ने चुनाव समिति किया ऐलान, ताकत का कराएगी एहसास

कांग्रेस ने यूपी चुनाव के लिए 38 सदस्यीय समिति की घोषणा कर दी. समिति में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, सलमान खुर्शीद, प्रमोद तिवारी से लेकर राजीव शुक्ला, पीएल पुनिया, मोहसिना किदवई व राजेश मिश्रा शामिल हैं. कांग्रेस यूपी में अपनी सियासी ताकत का एहसास कराने के लिए एक बड़ा सम्मेलन करने की प्लानिंग भी कर रही है.

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प्रियंका गांधी और अजय कुमार लल्लू प्रियंका गांधी और अजय कुमार लल्लू

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ ,
  • 11 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST
  • कांग्रेस ने यूपी चुनाव समीति का ऐलान किया
  • कांग्रेस अपनी ताकत का कराएगी एहसास
  • कांग्रेस के बागी विधायकों को नहीं मिली जगह

कांग्रेस अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए पूरी तरह से कमर कस कर मैदान में उतर चुकी है. कांग्रेस ने बुधवार को यूपी चुनाव के लिए 38 सदस्यीय समिति की घोषणा कर दी. समिति में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, सलमान खुर्शीद, प्रमोद तिवारी से लेकर राजीव शुक्ला, पीएल पुनिया, मोहसिना किदवई व राजेश मिश्रा शामिल हैं. 

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यूपी कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समिति में रायबरेली की बागी विधायक अदिति सिंह और राकेश प्रताप सिंह को छोड़कर सभी पांचों कांग्रेस विधायक और एमएलसी दीपक सिंह को शामिल किया है. इसके अलावा पार्टी ने पूर्व सांसद और पूर्व विधायकों सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस फेहरिश्त में जगह दी है, 

यूपी कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समिति 

कांग्रेस की चुनावी समिति में अजय कुमार लल्लू (प्रदेश अध्यक्ष), आराधना मोना मिश्रा, मोहसिना किदवई, सलमान खुर्शीद, निर्मल खत्री, प्रमोद तिवारी, राजीव शुक्ला, पी एल पुनिया, आरपीएन सिंह, विवेक बंसल, प्रदीप जैन आदित्य, प्रदीप माथुर, राजाराम पाल, राजेश मिश्रा, राकेश सचान, बेगम नूर बानो, जफर अली नकवी, हरेंद्र मलिक, राशिद अल्वी, मोहम्मद मुकीम, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, आचार्य प्रमोद कृष्णम्, विभाकर शास्त्री, रंजीत सिंह जुदेव, अनुग्रह नारायण सिंह, विनोद चतुर्वेदी, अजय राय, अजय कपूर, संजय कपूर, इमरान मसूद, बृजलाल खाबरी, सुधांशु त्रिपाठी बी पी सिंह, जितेंद्र बघेल, मसूद अख्तर, नरेश सैनी, सुहैल अंसारी, दीपक सिंह हैं. 

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कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है

कांग्रेस यूपी में पिछले तीन दशक से सत्ता का वनवास झेल रही है. ऐसे में सूबे की कमान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के हाथों में है. यूपी चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को वो अंतिम रूप देने की कवायद में है. कांग्रेस ने प्रदेश के माहौल बनाने के लिए अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन कर रही है. प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू का कहना है कि पार्टी पूरी क्षमता के साथ चुनाव लड़ेगी. 

कांग्रेस यूपी में दिखाएगी अपनी ताकत

कोरोना संक्रमण से हालात ज्यादा खराब नहीं हुए तो कांग्रेस सितबंर में सूबे में प्रदेश स्तर का कार्यकर्ता सम्मेलन कर चुनावी बिगुल फूकेंगी, इसमें पूरे प्रदेश से कई लाख कार्यकर्ता जुटाने का मंसूबा है ताकि दूसरे दलों और प्रदेश के मतदाताओं को अपनी ताकत दिखाई जा सके. प्रदेश की राजधानी लखनऊ में होने वाला यह सम्मेलन विधानसभा चुनाव प्रचार की शुरुआत होगा. मिशन 2022 के लिहाज से कांग्रेस का यह बड़ा दांव माना जा रहा है.

कांग्रेस की कोशिश है कि इस सम्मेलन में पार्टी के ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाए. सम्मेलन में प्रदेश के तमाम छोटे-बड़े नेता भी शामिल होंगे. यहीं चुनाव रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके लिए कांग्रेस ने बुधवार को 38 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है. 

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ताकत के सहारे गठबंधन के लिए बनाएगी दबाव

कांग्रेस की अपनी ताकत दिखाने की तैयारी को गठबंधन से जोड़कर भी देखा जा रहा है. प्रदेश के कई समान विचारधारा वाले दल यह दलील देते रहे हैं कि कांग्रेस के पास कोई वोट बैंक नहीं है, ऐसे में समझौता करने से कोई फायदा नहीं है. वह अगर गठबंधन के लिए तैयार भी होते हैं तो समझौते में पार्टी को ज्यादा सीट देना नहीं चाहते. 

सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुले तौर पर कह चुके हैं कि यूपी में कांग्रेस और बसपा से गठबंधन नहीं करेंगे बल्कि छोटे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे. बसपा प्रमुख मायावती अकेले चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा कर रखी है. वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी कह चुकी है कि बीजेपी को हराने के लिए पार्टी को गठबंधन से इनकार नहीं है, पर परिस्थितियों के मुताबिक निर्णय लेंगे. 

माना जा रहा है कि कांग्रेस लखनऊ में अपनी ताकत का एहसास कराने में कामयाब रहती है तो गठबंधन करने वाले दलों पर भी दबाव बढेगा. इससे कांग्रेस हिस्सेदारी बढ़ेगी. वहीं, पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण देने के लिए सात सौ शिविर लगाने की तैयारी कर रही है. यह शिविर अगले सप्ताह से शुरू हो जाएंगी. पार्टी इन प्रशिक्षण शिविरों में कांग्रेस के इतिहास के साथ आरएसएस और भाजपा की सच्चाई भी बताएगी. साथ ही उन्हें बूथ मैनेजमेंट सिखाया जाएगा. 

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