कर्नाटक: डीके शिवकुमार बोले- नाराज नहीं हूं, फ्लोर टेस्ट में जीत का भरोसा

कांग्रेस ने इस खबर को झूठा बताया है कि वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार नाराज हैं. खुद डीके शिवकुमार ने भी ऐसी खबरों का खंडन किया है.

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कांग्रेस नेता डीके श‍िवकुमार कांग्रेस नेता डीके श‍िवकुमार

दिनेश अग्रहरि

  • बेंगलुरु,
  • 25 मई 2018,
  • अपडेटेड 1:04 PM IST

कांग्रेस ने इस खबर को झूठा बताया है कि वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार नाराज हैं. खुद डीके शिवकुमार ने भी ऐसी खबरों का खंडन किया है.

डीके शिवकुमार ने कहा, 'मेरी कोई शिकायत नहीं है. ऐसा कुछ होता तो मैं पहले पार्टी हाईकमान को इसके बारे में बताता. मैं तो आरआर नगर के चुनाव के लिए प्रचार कर रहा हूं. हमें पूरा भरोसा है कि आज हम जीतेंगे'

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कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने कहा, ' हमें इस जीत का पूरा भरोसा है. डीके हमारे साथ हैं. वह कल रात 12 बजे तक तो हमारे साथ ही थे. कोई यह कैसे कह सकता है कि वह नाराज हैं. यह बिल्कुल गलत खबर है.

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा में शुक्रवार को फ्लोर टेस्ट है. कर्नाटक के को आज बहुमत साबित करना है. इससे पहले कांग्रेस को एक बड़ी राहत मिली है. स्पीकर पद के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया, जिसके बाद कांग्रेस के रमेश कुमार निर्विरोध विधानसभा के स्पीकर चुन लिए गए. वे श्रीनिवासपुर से कांग्रेस के विधायक हैं.

गुरुवार को मीडिया में ऐसी खबरें आईं कि बीजेपी की सरकार ढाई दिन में गिराने में चाणक्‍य की भूमिका निभाने वाले डीके शिवकुमार इन दिनों कांग्रेस आलाकमान से नाराज चल रहे हैं. यह खबर भी आई कि कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत को शिवकुमार को मनाने की जिम्‍मेदारी सौंपी है.

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यह कहा गया कि राहुल गांधी के बेंगलुरू दौरे के दौरान भी शिवकुमार ने उचित सम्‍मान न मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी. असल में कर्नाटक चुनाव में बीजेपी को सत्‍ता से बाहर भेजने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने वाले डीके शिवकुमार को डिप्‍टी सीएम पद की रेस में सबसे आगे माना जा रहा था. हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने डिप्‍टी सीएम बना दिया गया.

शिवकुमार भी कुमारस्वामी की तरह वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं, ऐसे में कांग्रेस शायद यह नहीं चाहती थी कि सीएम और डिप्टी सीएम दोनों ही वोक्कालिगा हों.

ऐसा कहा गया कि अब डीके शिवकुमार कर्नाटक की नवनिर्वाचित सरकार में दो बड़े मंत्रालय या प्रदेश अध्यक्ष का पद चाहते हैं और इसके लिए दवाब बनाने की कोशिश में हैं.

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