सीवान: आशा रंजन चुनाव मैदान में, शहाबुद्दीन पर है पत‍ि की हत्‍या का आरोप

राजदेव रंजन की पत्‍नी आशा रंजन ने सीवान सदर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उन्‍होंने शुक्रवार को प्रकाश आंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन आघाडी से नामांकन किया है.

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राजदेव रंजन की पत्‍नी हैं आशा रंजन  राजदेव रंजन की पत्‍नी हैं आशा रंजन

दीपक कुमार

  • द‍िल्‍ली ,
  • 16 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 10:14 PM IST
  • चर्चित पत्रकार राजदेव रंजन की पत्‍नी हैं आशा
  • साल 2016 में राजदेव रंजन की हुई थी हत्‍या
  • हत्‍या का आरोप पूर्व सांसद शहाबुद्दीन पर भी

13 मई 2016, इस दिन बिहार के सीवान जिले में एक हत्‍या हुई थी. ये हत्‍या पत्रकार राजदेव रंजन की थी. इस हत्‍याकांड ने सीवान समेत बिहार भर की सियासत को हिला कर रख दिया था. अब राजदेव रंजन की पत्‍नी आशा रंजन ने सीवान सदर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उन्‍होंने शुक्रवार को प्रकाश आंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन आघाड़ी से नामांकन किया है. आपको यहां बता दें कि पत्रकार राजदेव रंजन की सीवान स्टेशन रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड की सीबीआई जांच कर रही है. इस हत्‍याकांड में सीवान के पूर्व सांसद और राजद नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन को भी आरोपी बनाया गया है.

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अपराध के खिलाफ होगी लड़ाई 
स्‍थानीय मीडिया से बात करते हुए आशा रंजन ने बताया कि चुनाव में उतरने का मकसद सीवान को अपराध मुक्‍त बनाना है. उन्‍होंने कहा कि अब तक मैं बतौर शिक्षक अपने परिवार के लिए जी रही थी, लेकिन अब सीवान के लोगों के लिए लड़ना है. आशा रंजन ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी रही हूं, इसलिए शिक्षकों की समस्‍या पर भी फोकस करना चाहती हूं. आशा रंजन ने आरोप लगाया कि उनके पति को अब तक इंसाफ नहीं मिल सका है.

13 मई 2016 को हुई थी पत्रकार राजदेव रंजन की हत्‍या

क्‍यों हुई थी राजदेव रंजन की हत्‍या 
करीब दो साल पहले मुजफ्फरपुर कोर्ट में सुनवाई के दौरान पत्रकार राजदेव रंजन की पत्‍नी आशा रंजन ने हत्‍या की वजह बताई थी. उन्‍होंने बताया था कि तत्कालीन मंत्री अब्दुल गफ्फार सीवान जेल में मो. शहाबुद्दीन से मिलने गए थे.  इसकी खबर और तस्वीर अखबार में प्रकाशित हुई थी. खबर और फोटो छपने के बाद राजदेव रंजन को धमकी दी गई. आशा रंजन ने बताया था कि इस खबर से शहाबुद्दीन नाराज थे. आशा रंजन के मुताबिक इससे पहले भी राजदेव रंजन की कई खबरों में शहाबुद्दीन का जिक्र होने की वजह से उनके पति निशाने पर थे. आशा रंजन ने कहा था कि जिसने राजदेव रंजन की हत्‍या की, वो शहाबुद्दीन का शागिर्द है. 
 
दिलचस्‍प हुई सीवान सदर की सियासत 
बहरहाल, राजदेव रंजन की पत्‍नी आशा रंजन के नामांकन के बाद अब सीवान सदर की सियासत दिलचस्‍प हो गई है. दरअसल, इस सीट पर बीजेपी ने सीवान के ही पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव को टिकट दिया है. अहम बात ये है कि वर्तमान बीजेपी विधायक व्‍यासदेव प्रसाद का टिकट काटकर ओमप्रकाश यादव को उम्‍मीदवार बनाया गया है. इस वजह से व्‍यासदेव प्रसाद नाराज हैं और उन्‍होंने निर्दलीय नामांकन कर दिया है. वहीं, महागठबंधन की बात करें तो इस सीट पर राजद के अवध बिहारी चौधरी उम्‍मीदवार बने हैं. अवध बिहारी चौधरी राजद के पुराने नेता हैं और वह इस सीट से लगातार 5 बार विधायक रह चुके हैं. 

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2015 विधानसभा चुनाव के नतीजे 
सीवान सदर विधानसभा सीट पर 2015 के चुनाव में बीजेपी के व्यासदेव प्रसाद को जीत मिली थी. वहीं दूसरे नंबर पर जेडीयू के बबलू प्रसाद रहे थे. यहां बता दें कि 2015 चुनाव में जेडीयू और राजद गठबंधन मैदान में उतरी थी. वहीं इस चुनाव में राजद के नेता अवध बिहारी चौधरी बागी बन गए थे. उन्‍होंने निर्दलीय भाग्‍य आजमाया और 28 हजार के करीब वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे. 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी में से 67.95% ग्रामीण है और 32.05% शहरी आबादी है. 

 

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