पंजाब के बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज मामले ने तूल पकड़ लिया है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बरनाला में पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए सफाई कर्मचारियों से अस्पताल जाकर मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों को "रब के बंदे" बताते हुए भगवंत मान सरकार को दलित विरोधी करार दिया.
पंजाब के बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने उन्हें "रब के बंदे" (भगवान के लोग) बताया. उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जो हमारे द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ करते हैं, लेकिन अपने अधिकारों के लिए लड़ने पर उनके सिर फोड़ दिए गए.
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पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा, "इन्हें सिर्फ सफाईकर्मी मत कहिए. कांग्रेस पार्टी ने इन्हें 'ईश्वर के लोग' नाम दिया है. ये ईश्वर के लोग हैं, जो हम इंसानों द्वारा फैलाई गई गंदगी और मैल को साफ करते हैं. अगर ये न होते तो इस देश में सब कुछ नष्ट हो गया होता. पहली बार इतनी भयावह घटना हुई है, जहां पुलिस ने इस तरह की कार्रवाई की है. पूरा देश देख रहा है, पूरी जनता देख रही है. क्या अपने अधिकारों के लिए लड़ने वालों के सिर फोड़ दिए जाएंगे?"
कांग्रेस लड़ेगी पंजाब के कर्मचारियों की लड़ाई- राजा वडिंग
राजा वडिंग ने कहा कि सरकार ने महिलाओं की उम्र का भी ख्याल नहीं रखा. "आपने जो किया, वह बिल्कुल उचित नहीं है. आज हम यहां अपनी आवाज उठाने आए हैं. कांग्रेस पार्टी पंजाब में इन कर्मचारियों की लड़ाई लड़ेगी."
राजा वडिंग ने बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए इसे अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे कर्मचारियों के खिलाफ दमनकारी कार्रवाई बताया. उन्होंने इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारी को तत्काल निलंबित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की भी कड़ी आलोचना की और आम आदमी पार्टी सरकार पर अहंकार और असंवेदनशीलता का आरोप लगाया. आम आदमी पार्टी के चुनाव चिन्ह 'झाड़ू' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "यह विडंबना है कि जिन हाथों ने कभी झाड़ू पकड़ी थी, आज उन्हीं हाथों को पुलिस ने तोड़ दिया." उन्होंने इस घटना पर मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या उन्हें पुलिस की कथित ज्यादतियों पर शर्म नहीं आती.
पुलिस एक्शन के खिलाफ कोर्ट जाएंगे राजा वडिंग
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के प्रमुख ने घोषणा की कि वह पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करेंगे. उनका आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई सफाई कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के बराबर है.
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राजा वडिंग ने आगे आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान सिर्फ सफाई कर्मचारियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि छात्रों, इलेक्ट्रीशियनों, किसानों और मनरेगा (MGNREGA) श्रमिकों के खिलाफ भी अत्यधिक बल प्रयोग किया है.
जवाबदेही की मांग करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सफाई कर्मचारियों से माफी मांगने और कथित हमले के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की. उन्होंने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि आयोग को सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए था. वडिंग ने गढ़ी को चुनौती दी कि यदि वे वास्तव में समुदाय के हितों को लेकर गंभीर हैं, तो इस मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करें.
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