राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाली सामने आई है. राज्य के बजट दस्तावेज के मुताबिक, 2500 से ज्यादा सरकारी स्कूलों की हालत जर्जर है और 300 स्कूलों के पास अपनी इमारत तक नहीं है. वहीं दूसरी तरफ जयपुर जिले के एक गांव में स्कूल का निरीक्षण करने गई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम पर हमला होने से सियासी बवाल मच गया है.
सरकार ने आने वाले साल के बजट में स्कूलों की हालत सुधारने के लिए बड़े ऐलान किए हैं. सरकार का कहना है कि पिछली सरकार ने स्कूलों की इमारतों पर ध्यान नहीं दिया, जिसकी वजह से कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुईं. अब अगले साल 2500 से ज्यादा स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार पर 550 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा 300 ऐसे स्कूल जिनकी अपनी बिल्डिंग नहीं है या जो जर्जर हालत में हैं, उनका निर्माण 450 करोड़ रुपये की लागत से करवाया जाएगा.
साथ ही 1500 से ज्यादा नए क्लासरूम, लैब और कंप्यूटर लैब बनाने के लिए 200 करोड़ रुपये अलग से खर्च होंगे. स्कूलों में टॉयलेट की सुविधा बढ़ाने और बच्चों की हाजिरी के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाने की भी योजना है.
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इसी बीच जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव में शुक्रवार को CJP की टीम एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी. आरोप है कि स्थानीय लोगों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टीम पर पथराव किया, गाड़ियों के शीशे तोड़े और महिला वर्करों के साथ बदसलूकी की. यह स्कूल भैंस के बाड़े में चल रहा था और इमारत को असुरक्षित घोषित कर पहले ही बंद किया जा चुका था.
CJP ने पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया और 48 घंटे के भीतर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि CJP राजस्थान में हंगामा फैलाना चाहती है, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हमलावरों को बीजेपी कार्यकर्ता बताया. गौरतलब है कि झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद विधानसभा में सरकार ने ऑडिट रिपोर्ट पेश कर इसे पिछली गहलोत सरकार की लापरवाही बताया था.
शरत कुमार