AIIMS MBBS 2017 results घोषि‍त, गुजरात की निशिता पुरोहित बनीं TOPPER

All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) ने गुरुवार सुबह MBBS course में एडमिशन के लिए ली जाने वाली परीक्षा के रिजल्ट की घोषणा कर दी है. इस परीक्षा में सूरत गुजरात की रहने वाली 18 साल की निशिता पुरोहित ने बाजी मार ली है. निशिता ने पहला स्थान हासिल किया है. निशि‍ता कोटा के Allen Career Institute से पढ़ाई की है.

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निश‍िता पुरोहित (फोटो- फेसबुक वॉल से ) निश‍िता पुरोहित (फोटो- फेसबुक वॉल से )

वंदना भारती

  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2017,
  • अपडेटेड 2:36 PM IST

All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) ने गुरुवार सुबह MBBS course में एडमिशन के लिए ली जाने वाली परीक्षा के रिजल्ट की घोषणा कर दी है. इस परीक्षा में सूरत गुजरात की रहने वाली 18 साल की निशिता पुरोहित ने बाजी मार ली है. निशिता ने पहला स्थान हासिल किया है. निशि‍ता कोटा के Allen Career Institute से पढ़ाई की है.

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निशिता पुरोहित, नेशनल लेवल बास्केटबॉल प्लेयर हैं और उन्होंने 12वीं में 91.4% अंक हासिल किया था.

कोटा के Allen Institute का दावा है कि एम्स की परीक्षा देने वाले इंस्टीट्यूट के छात्रों में 8 ने ऑलइंडिया टॉप-10 रैंकिंग में जगह बनाई है.

निशिता पुरोहित के पिता IIT alumnus हैं, जो आज की तारीख में उड़ीसा के किसी निजी फर्म में अध्यक्ष हैं. पुरोहित की मां होम मेकर हैं और वो फार्मेसी में ग्रेजुएट हैं.

HT से बातचीत के दौरान निशि‍ता ने कहा कि वो अपनी कामयाबी पर बेहद खुश हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या अपनी रैंकिंग के बारे में उन्हें पहले से अंदाजा था तो निशि‍ता ने कहा कि उन्हें यह अंदाजा तो था, पर टॉप रैंकिंग मिलेगी, इस यह सुनिश्च‍ित नहीं था.

पुरोहित की योजना है कि वह अब दिल्ली के एम्स में कार्डियोलॉजी या रेडियोलॉजी की पढ़ाई करेंगी.

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पुरोहित ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने कोचिंग इंस्टीट्यूट और माता-पिता को दिया. उन्होंने कहा कि जहां एक ओर कोचिंग इंस्टीट्यूट ने सफलता की दिशा दिखाई, वहीं मेरी मां ने मुझे बहुत प्रोत्साहित किया. कोटा में रहने के दौरान मेरी मां बार-बार आती थीं और मुझे प्रेरित करती थीं.

अपनी कामयाबी का सूत्र बताते हुए पुरोहित ने कहा कि मैंने 6 घंटे तक कोचिंग क्लास अटेंड किया और फिर क्लास के बाद 6 घंटे सेल्फ स्टडी की. क्लासरूम में पढ़ाई बहुत महत्वपूर्ण है और उसके बाद होमवर्क को पूरा करना, फिर रीविजन करना जरूरी है.

पुरोहित ने अपने लिए शॉर्ट नोट्स तैयार किए थे. जिससे उन्हें तैयारी में और भी आसानी होती थी. खेल के प्रति अपने पैशन के बादे में पुरोहित ने बताया कि वो स्कूल और नेशनल दोनों स्तरों पर खेलती हैं, लेकिन मेडिकल में करियर बनाने के लिए बास्केटबॉल को छोड़ दिया था. अब उसे दोबारा जारी रखेंगी.

पुरोहित को सॉर्टपुट और डिस्कस थ्रो और गाना गाना बहुत पसंद है. हालांकि एम्स की तैयारी के दौरान भी पुरोहित ने सोशल मीडिया का साथ नहीं छोड़ा था, पर ऐसा भी नहीं था कि वो सोशल मीडिया को बहुत ज्यादा समय देती हों.

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