आगामी 21 जून को होने जा रही नीट (UG) री-एग्जामिनेशन को लेकर इस वक्त केंद्र सरकार 'जीरो टॉलरेंस' और 'फुल अलर्ट' मोड में आ चुकी है. मई के महीने में हुई देशव्यापी फजीहत से सबक लेते हुए सरकार इस बार सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स में एक इंच की भी ढील देने के मूड में नहीं है. यही वजह है कि खुद केंद्रीय गृह सचिव ने दिल्ली में एक बेहद हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता की, ताकि परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा के चक्रव्यूह को अभेद्य बनाया जा सके.
इस बैठक का मिजाज देखकर आप समझ सकते हैं कि सरकार के लिए यह परीक्षा इस वक्त साख का सवाल बन चुकी है. गृह सचिव की इस बैठक में कोई एक-दो अफसर नहीं, बल्कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों के सेक्रेटरी, पोस्टल डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्सेज यानी CRPF, CISF और BCAS के महानिदेशक (DGs) और खुद NTA के महानिदेशक मौजूद रहे. इसके अलावा रक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के टॉप अधिकारियों ने भी इस मंथन में हिस्सा लिया.आइए आपको बताते हैं कि इस बंद कमरे की बैठक में राज्यों को क्या सख्त हिदायत दी गई है और एनटीए ने सोशल मीडिया पर अफवाहबाजों को क्या खुली चेतावनी दी है.
'एक भी चूक हुई तो खैर नहीं!'
केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) और केंद्रीय एजेंसियों को दो टूक लहजे में निर्देश दिया है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का 100% सख्ती से पालन होना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि परीक्षा पूरी तरह से 'फ्लॉलेस' (त्रुटिहीन) मैनर में आयोजित होनी चाहिए, यानी सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश तो दूर, उसकी परछाई भी पेपर के आस-पास नहीं दिखनी चाहिए.
बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विशेष अनुरोध किया गया है कि वे परीक्षा के दिन छात्रों की आवाजाही और यात्रा को आसान और सुगम बनाएं.छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कोई ट्रेन या ट्रांसपोर्ट की दिक्कत न हो, इसके लिए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने बैठक में भरोसा दिलाया है कि भारतीय रेलवे इस मिशन में पूरा सहयोग करेगी.
NTA की सोशल मीडिया पर खुली चेतावनी: 'नो वन, रिपीट, नो वन...'
एक तरफ जहां गृह मंत्रालय जमीन पर चक्रव्यूह मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सोशल मीडिया पर अफवाहबाजों और पेपर लीक का दावा करने वाले ठगों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
एनटीए ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक शेयर करते हुए लिखा है:
अपनी नीट (UG) 2026 की जर्नी को अफवाहों के हवाले न होने दें. कोई भी, हम दोबारा दोहरा रहे हैं, किसी भी व्यक्ति के पास परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र का कोई एक्सेस नहीं है. अगर आपको कोई फर्जी वेबसाइट दिखती है, कोई 'लीक पेपर' का ऑफर देता है, या कोई एनटीए अधिकारी बनकर ठगने की कोशिश करता है, तो तुरंत उसकी रिपोर्ट करें. हम आपके साथ खड़े हैं.
एनटीए ने इसके साथ ही innovateindia.mygov.in/neet-ug-2026 का एक डायरेक्ट लिंक भी जारी किया है, जहां छात्र ऐसी किसी भी धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करा सकते हैं. एजेंसी ने साफ कर दिया है कि छात्र केवल nta.ac.in और neet.nta.ac.in जैसी आधिकारिक वेबसाइटों पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें.
आजतक एजुकेशन डेस्क