IIT बॉम्बे के हॉस्टलों से हटे सीलिंग फैन, लगेंगे वॉल-माउंटेड पंखे! भड़की NCP बोली- इससे 'टूटा' सिस्टम नहीं सुधरेगा

आईआईटी बॉम्बे में लगातार हो रही छात्र सुसाइड की घटनाओं के बीच प्रशासन ने हॉस्टलों में छत वाले पंखे हटाकर वॉल-माउंटेड पंखे लगाने शुरू कर दिए हैं. हालांकि, इस फैसले पर अब सियासत शुरू हो गई है और NCP ने इसे सिस्टम की नाकामी छिपाने वाला बेतुका कदम बताया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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खुदकुशी रोकने की कवायद: आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टलों में सीलिंग फैन की जगह लगाए जा रहे वॉल-माउंटेड पंखे खुदकुशी रोकने की कवायद: आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टलों में सीलिंग फैन की जगह लगाए जा रहे वॉल-माउंटेड पंखे

मुस्तफा शेख

  • मुंबई,
  • 21 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:51 PM IST

IIT Bombay Suicide Prevention: लगातार हो रही छात्रों की खुदकुशी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने हॉस्टलों में एक अनोखा बदलाव शुरू किया है. हॉस्टल के कमरों से पंखों में फंदा लगाकर फांसी लगाने की घटनाओं को रोकने के लिए छत वाले पंखों को हटाया जा रहा है और उनकी जगह दीवार पर लगने वाले पंखे (Wall Mounted Fans) लगाए जा रहे हैं.

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सूत्रों के मुताबिक, इस कदम पर पिछले दो महीनों से विचार चल रहा था, जिसे हाल ही में अंतिम रूप दिया गया है. हॉस्टल में दीवार पर लगने वाले वॉल-माउंटेड पंखों का पहला बैच भी कैंपस में पहुंच चुका है.

बता दे कि आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने जुलाई महीने में छात्रों को जिन सुरक्षात्मक उपायों का आश्वासन दिया था, पंखे बदलना भी उसी रणनीति का एक हिस्सा है. यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब संस्थान के कैंपस में 20 वर्षीय बीटेक सेकंड ईयर के छात्र साहिल वाकोड़े की फांसी लगाकर सुसाइड करने की घटना को लेकर भारी बवाल और विवाद जारी है.

उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या के मामलों को देखते हुए पंखे बदलने के इस कदम ने सभी का ध्यान खींचा है. इससे पहले भी देश के कुछ अन्य परिसरों में खुदकुशी के तरीकों पर रोक लगाने के उद्देश्य से इस तरह के बदलाव किए गए हैं.

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प्रशासन का पक्ष: खुदकुशी से कोई संबंध नहीं

हालांकि, इस मामले पर आईआईटी बॉम्बे के अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि हॉस्टलों में पहले से ही जीर्णोद्धार (Renovation Work) का काम तय था और पंखे बदलना उसी व्यापक प्रक्रिया का एक हिस्सा है. अधिकारियों के अनुसार, पंखे बदलने का फैसला प्रशासन द्वारा काफी पहले ही ले लिया गया था और इसका हाल ही में हुई आत्महत्याओं की घटनाओं से कोई सीधा संबंध नहीं है.

'सिस्टम की नाकामी नहीं छिपेगी'

इस कदम पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं. एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता अनीश गवाने ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए तंज कसा. उन्होंने कहा कि यह सोचना बेहद बेतुका है कि छत का पंखा बदल देने से एक पूरी तरह से बिगड़ी हुई और टूटी हुई व्यवस्था ठीक हो जाएगी!

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