BRICS Summit 2026: BRICS का सहयोग अब केवल अर्थव्यवस्था और कूटनीति तक सीमित नहीं है बल्कि इसके साथ-साथ शिक्षा, रिसर्च, तकनीक और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है. ऐसे में भारतीय छात्रों के लिए BRICS के देशों में पढ़ाई के नए विकल्प सामने आ रहे हैं. चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों की कई प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई के अवसर मिलते हैं और सरकारी छात्रवृत्तियों के जरिए विदेश में शिक्षा का खर्च भी कम किया जा सकता है. ऐसे में अगर आप कम बजट में विदेश में पढ़ाई करने का विकल्प तलाश रहे हैं, तो BRICS देश आपके लिए एक विकल्प हो सकते हैं.
सबसे जरूरी बात यह है कि BRICS की सदस्यता का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सभी सदस्य देशों में भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई मुफ्त होगी. हालांकि, कम खर्च में पढ़ाई के लिए सरकारी छात्रवृत्ति, सार्वजनिक विश्वविद्यालय और विशेष अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यक्रमों को देखना जरूरी है.
ब्राजील में सरकारी विश्वविद्यालयों का विकल्प
ब्राजील, भारतीय छात्रों के लिए खास तौर पर दिलचस्प विकल्प हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि ब्राजील की कई सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में ट्यूशन फीस नहीं ली जाती. उदाहरण के तौर पर Universidade Federal de Alfenas (UNIFAL-MG) खुद को सार्वजनिक और ट्यूशन-फ्री विश्वविद्यालय बताता है. ब्राजील सरकार का PEC-G कार्यक्रम भी विदेशी छात्रों को ब्राजील में ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए फ्री में प्रवेश की सुविधा देता है.
हालांकि, इसके लिए पात्रता और संबंधित देशों के साथ कार्यक्रम की शर्तें लागू होती हैं. वहीं, पोस्टग्रेजुएट छात्रों के लिए PEC-PG भी महत्वपूर्ण विकल्प हो सकता है. 2026 के कार्यक्रम में आवेदन निशुल्क है और ट्यूशन फीस नहीं ली जाती, हालांकि रहने और दूसरे खर्चों की व्यवस्था छात्र को करनी होती है.
ब्राजील में क्या है वीजा का सिस्टम?
लेकिन वहीं, अगर ब्राजील में पढ़ाई के लिए वीजा की बात की जाए, तो आम तौर पर VITEM IV स्टूडेंट वीजा की जरूरत होती है. आवेदन में विश्वविद्यालय से संबंधित दस्तावेज, वैध पासपोर्ट और अन्य निर्धारित डॉक्यूमेंट देने होते हैं. अंतिम दस्तावेज और शुल्क भारतीय आवेदकों को ब्राजील के दूतावास/कांसुलेट की मौजूदा शर्तों के अनुसार जांचने चाहिए.
चीन में छात्रवृत्ति से घट सकता है खर्च
चीन BRICS का प्रमुख शिक्षा केंद्र है और वहां बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दाखिला देते हैं. चीन में कम खर्च में पढ़ाई का सबसे अहम मानी जाती है. Chinese Government Scholarship (CSC) और विश्वविद्यालय स्तर की छात्रवृत्तियां हैं. इसके लिए छात्रों को यह ध्यान रखना चाहिए कि चीन में फीस विश्वविद्यालय, कोर्स और डिग्री स्तर के अनुसार अलग-अलग होती है. इसलिए किसी एक औसत फीस को सभी विश्वविद्यालयों पर लागू करना सही नहीं होगा. चीन को चुनने से पहले छात्रों को तीन चीजें जरूर देखनी चाहिए. इनमें सबसे पहले कोर्स की भाषा, स्कॉलरशिप में क्या-क्या शामिल है और वीजा की शर्तों पर खास ध्यान देना चाहिए.
रूस में भी स्कॉलरशिप अहम विकल्प
रूस में पढ़ाई के लिए भारतीय छात्रों के लिए सरकारी कोटा और छात्रवृत्ति जैसे विकल्प महत्वपूर्ण हो सकते हैं. खासकर इंजीनियरिंग, साइंस, तकनीक और मेडिकल से जुड़े क्षेत्रों में रूसी विश्वविद्यालय लंबे समय से विदेशी छात्रों को आकर्षित करते रहे हैं. हालांकि, रूस में भी फीस विश्वविद्यालय और कोर्स के अनुसार बदलती है. जिन छात्रों को सरकारी छात्रवृत्ति या कोटा मिलता है, उनके लिए कुल खर्च काफी कम हो सकता है.
दक्षिण अफ्रीका में क्या है विकल्प?
दक्षिण अफ्रीका में University of Cape Town, University of the Witwatersrand और Stellenbosch University जैसे प्रतिष्ठित संस्थान हैं. लेकिन विदेशी छात्रों के लिए फीस और रहने का खर्च विश्वविद्यालय तथा कोर्स के अनुसार अलग-अलग होता है. इसलिए दक्षिण अफ्रीका को कम बजट वाला विकल्प मानने से पहले इंटरनेशनल स्टूडेंट फीस और रहने के खर्च का विश्वविद्यालय-वार हिसाब देखना जरूरी है.
किन यूनिवर्सिटीज पर नजर रखें?
भारतीय छात्र अपनी पसंद के कोर्स और बजट के अनुसार इन प्रमुख संस्थानों को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं-
चीन
सिंघुआ विश्वविद्यालय
पेकिंग विश्वविद्यालय
फुदान विश्वविद्यालय
रूस
लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी
सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी
बाउमन मॉस्को स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटी
ब्राजील
साओ पाउलो विश्वविद्यालय (USP)
कैंपिनास विश्वविद्यालय (UNICAMP)
फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ मिनास गेरैस
दक्षिण अफ्रीका
केप टाउन विश्वविद्यालय
विटवाटर्सरैंड विश्वविद्यालय
स्टेलनबॉश विश्वविद्यालय
इन विश्वविद्यालयों की फीस, प्रवेश शर्तें और इंटरनेशनल छात्रों के लिए मौजूद स्कॉलरशिप अलग-अलग हैं. इसलिए आवेदन से पहले संबंधित विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूदा शैक्षणिक वर्ष की जानकारी देखना जरूरी है.
आजतक एजुकेशन डेस्क