नीट यूजी के री-एग्जाम में उम्मीद से कम छात्रों की मौजूदगी दर्ज की गई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुताबिक, 21 जून को हुई परीक्षा में केवल 20 लाख छात्र ही शामिल हुए हैं यानी कि 2.79 छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए थे. ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि परीक्षा के लिए कुल 22.79 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था लेकिन इसमें से 2.79 लाख छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे. हालांकि, छात्रों की संख्या कम होने से MBBS की सीटों के लिए
कंपटीशन कम जरूर हुआ है.
3 मई को शामिल हुए थे इतने छात्र
रिपोर्ट बताती हैं कि री-नीट में 87.75 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति दर्ज की गई है जबकि 3 मई को हुई परीक्षा में 96.72 प्रतिशत छात्र शामिल हुए थे. कई मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि साल 2021 से 2026 तक ये आंकड़ा सबसे ज्यादा अनुपस्थिति का रहा है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
| वर्ष | रजिस्टर्ड | परीक्षा में शामिल | अनुपस्थित |
| 2019 | 15,19,375 | 14,10,755 | 1,08,620 |
| 2020 | 15,97,435 | 13,66,945 | 2,30,490 |
| 2021 | 16,14,777 | 15,44,273 | 70,504 |
| 2022 | 18,72,343 | 17,64,571 | 1,07,772 |
| 2023 | 20,87,462 | 20,38,596 | 48,866 |
| 2024 | 24,06,079 | 23,33,297 | 72,782 |
री-नीट 2026 का कैलकुलेशन
कुल रजिस्ट्रेशन 22,79,743
लड़कियां 58% (13,32,928)
लड़के 42% (9,46,815)
पहली परीक्षा में उपस्थित 96.72% (22,05,035)
दूसरी परीक्षा में तकरीबन उपस्थित 87.75% (20 लाख)
कम हुआ कंपटीशन
परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या कम होने से MBBS की सीटों के लिए कंपटीशन कुछ कम जरूर हुआ है. साल 2026 के आंकड़े बताते हैं कि 780 मेडिकल सीटों में करीब 1,18,190 MBBS की सीटें हैं.
आजतक एजुकेशन डेस्क