सरपंच बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए, जिसके ल‍िए 63 साल की सुशीला देवी ने पास की 10वीं की परीक्षा 

उम्र केवल एक नंबर ये सुशीला देवी ने साबित कर दिखाया. सरपंच बनने के लिए उन्होंने 63 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा पास की. उन्होंने केवल परीक्षा ही नहीं पास की है बल्कि जब रिजल्ट जारी हुआ तो उन्होंने 79.6 प्रतिशत अंक भी हासिल किए. इसमें उनके बेटे ने बहुत साथ दिया. उनकी इस सफलता के देखते हुए अब लोग जानना चाहते हैं कि आखिर सरपंच बनने के लिए क्या योग्यता होती है या इसके लिए किस प्रोसेस से होकर गुजरना पड़ता है. 

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सरपंच बनने के लिए 63 की उम्र में पास की 10वीं की परीक्षा. सरपंच बनने के लिए 63 की उम्र में पास की 10वीं की परीक्षा.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:50 AM IST

उम्र अगर इरादों के आगे छोटी पड़ जाए, तो नई शुरुआत के लिए कभी देर नहीं होती. 63 वर्षीय सुशीला देवी ने इसे सच साबित कर दिखाया है. सरपंच बनने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने दोबारा किताबें उठाईं, 10वीं की परीक्षा दी और 79.6 प्रतिशत अंकों के साथ शानदार सफलता हासिल की. इस सफर में उनके बेटे ने भी उनका पूरा साथ दिया. सुशीला देवी की कहानी अब सिर्फ उनकी सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के मन में एक सवाल भी खड़ा कर रही है कि आखिर सरपंच बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए, चुनाव लड़ने की प्रक्रिया क्या होती है और इस पद तक पहुंचने के लिए किन चरणों से गुजरना पड़ता है? आइए जानते हैं. 

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कौन होते हैं सरपंच? 

बता दें कि सरपंच वह लोग होते हैं, जो गांव के मुखिया होते हैं. वह गांव के विकास के लिए अहम भूमिका निभाते हैं. सरपंच बनने के लिए केवल चुनाव जीतना ही काफी नहीं होता बल्कि इसके लिए कानूनी पात्रता, लोगों का विश्वास और समाज के बीच सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही जरूरी होती है.  

क्या होता है योग्यता? 

सरपंच बनने के लिए संबंधित राज्य के पंचायती राज कानून के अनुसार तय होती है. हालांकि, आमतौर पर उम्मीदवारों के लिए कुछ शर्तें लागू होता हैं-

भारत का नागरिक होना चाहिए. 

न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए 

संबंधित ग्राम पंचायत का मतदाता होना चाहिए (राज्य के नियमों के अनुसार). 

किसी कानून के तहत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित नहीं होना चाहिए. 

कुछ राज्यों में शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान है, जबकि कई राज्यों में ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं है. 

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क्या 10वीं पास होना है अनिवार्य? 

अब ये सवाल लोगों को दुविधा में डाल सकता है कि क्या सरपंच बनने के लिए 10वीं पास होने अनिवार्य होता है, तो बता दें कि यह नियम सभी राज्यों में समान नहीं है. कुछ राज्यों में पहले न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता लागू की गई थी, जबकि कई राज्यों में सरपंच चुनाव लड़ने के लिए 10वीं पास होना अनिवार्य नहीं है. इसलिए चुनाव लड़ने से पहले अपने राज्य के मौजूदा नियमों की जानकारी लेना जरूरी है. 

क्या है सरपंच बनने की प्रक्रिया?

इसके सबसे पहले पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने पर नामांकन करना होता है. 

इसके बाद से जरूरी डॉक्यूमेंट को जमा करें. 

नामांकन की जांच और वैध पाए जाने पर चुनाव मैदान में उतरना. 

प्रचार अभियान चलाकर मतदाताओं को अपने समर्थन में लेकर आना. 

इसके बाद अधिक वोट मिलने वाले उम्मीदवार को सरपंच चुना जाता है. 

क्या होती है जिम्मेदारियां? 

बता दें कि सरपंच ग्राम पंचायत का निर्वाचित प्रमुख होता है. उसकी जिम्मेदारी गांव में सड़क, पानी, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी योजनाओं काम करने के साथ ही ग्राम सभा के संचालन जैसे विकास कार्यों की निगरानी करना होती है. सरपंच का पद केवल एक राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि गांव के समग्र विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण दायित्व भी है. इसलिए इस पद तक पहुंचने के लिए नियमों की जानकारी, सामाजिक जुड़ाव, नेतृत्व क्षमता और जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी मानी जाती है. 

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