क्या आपने कभी सुना है कि क्या ग्रेजुएशन करने के बाद आपको सीधा आपको सीधा PHD में एडमिशन दे दिया जाएगा. आपको मास्टर्स करने का इंतजार नहीं करना होगा. तो चलिए जानते हैं कि इसके पीछे क्या लॉजिक है? दरअसल, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने रिसर्च का सपना देखने वाले छात्रों को बड़ा मौका देने का कदम उठाया है. अब 4 साल का ग्रेजुएशन पूरा कर चुके छात्रों को अब सीधा डीयू के पीएचडी प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं. इसके लिए आवेदन की तारीखों को भी बढ़ाया गया था. छात्र आज यानी 16 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं. लेकिन इससे पहले जान लेते हैं सारी शर्तें.
कौन कर सकता है आवेदन?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत दिल्ली यूनिवर्सिटी ने PHD में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए बड़ा बदलाव किया है. इनमें एडमिशन लेने वाले छात्रों को कुछ शर्तें पूरी करनी होगी.
1. 75 प्रतिशत अंक
बता दें कि यह सुविधा केवल उन ही छात्रों को दी जाएगी जिन्होंने 4 साल के ग्रेजुएशन में 75 प्रतिशत नंबर हासिल किए होंगे. हालांकि, इसमें आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को छूट दी जाएगी. एससी, एसटी, ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर), दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों को 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी.
2. UGC NET स्कोर का महत्व
PHD में शॉर्टलिस्टिंग और वेटेज यूजीसी नेट एग्जाम पर तय किया जाएगा. इसके बाद इसमें चयनित उम्मीदवारों को इंटरव्यू में शामिल होने होगा.
क्या मास्टर्स के छात्र कर सकते हैं आवेदन?
इस बीच एक सवाल जो सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है, वह ये है कि क्या इसपर मासटर्स के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं? तो इसका जवाब है हां... 4 साल ग्रेजुएशन के अलावा जिन छात्रों ने 3 साल का ग्रेजुएशन और 1 या 2 साल की मास्टर डिग्री पूरी की है और उनके 55 प्रतिशत मार्क्स हैं, तो वह इन पदों पर आवेदन कर सकते हैं.
आजतक एजुकेशन डेस्क