DU में एडमिशन के लिए दो फेज में होगा रजिस्ट्रेशन, जानें किसमें क्या करना होगा काम?  

दिल्ली विश्वविद्यालय ने 2026-2027 के लिए एडमिशन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस साल दाखिला कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS UG) के जरिए होगा जिसके जरिए छात्र दो फेज में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. लेकिन छात्रों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन दो फेजों में क्या-क्या होगा? 

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DU में एडमिशन के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन.  (Photo - ITG) DU में एडमिशन के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन. (Photo - ITG)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:41 PM IST

दिल्ली यूनिवर्सिटी में 2026-2027 के लिए अंडर ग्रेजुएट की एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो गई है. CUET UG रिजल्ट आने के बाद से छात्रों के मन में सवाल उठ रहे थे कि आखिर कब DU में एडमिशन प्रक्रिया की शुरुआत होगी जिसका वेट अब खत्म हो गया है. इस बार दाखिला कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS UG) के जरिए होगा जिसके तहत 67 कॉलेजों में 73 यूजी कोर्स और 100 से अधिक बीए प्रोग्राम में छात्र एडमिशन लेंगे. हालांकि, अभी पहले चरण की शुरुआत हुई है और उम्मीद की जा रही है कि अगले हफ्ते से दूसरा चरण शुरू किया जाएगा लेकिन उसके पहले जान लेते हैं कि इन दोनों चरणों में क्या-क्या होगा. फिलहाल पहले चरण के लिए छात्रों से उम्मीद की जाती है कि वह ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर लें. 

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फेज-1 में करना होगा ये काम

बता दें कि फेज-1 में छात्रों को CSAS पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके लिए उन्हें अपनी पर्सनल डिटेल के साथ एजुकेशन डिटेल्स भरने होंगे. यूनिवर्सिटी ने ये बात भी साफ कर दी है कि छात्र जिस विषय में ग्रेजुएशन करना चाहते हैं, वह विषय 12वीं में पढ़ा और पास किया होना चाहिए. 

देना होगा आवेदन फीस 

CSAS रजिस्ट्रेशन के लिए जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 250 रुपये फीस देनी होगी. वहीं, एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए ये फीस 100 रुपये रखी गई है. लेकिन अगर कोई उम्मीदवार बीएफए, बीएससी (PE, HE & S) और बीए (ऑनर्स) म्यूजिक कोर्स के लिए आवेदन करता है, तो उसे 400 रुपये और देने होंगे. साथ ही ईसीए और स्पोर्ट्स सुपरन्यूमरेरी कोटा के तहत आवेदन करने पर प्रत्येक कोटा के लिए 100 रुपये अतिरिक्त फीस देनी होगी.  

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दूसरे चरण में करना होगा ये काम 

वहीं, दूसरे चरण में उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स को चुन सकते हैं. साथ ही सीयूईटी में दिए गए विषयों का मिलान 12वीं में पढ़े गए विषयों से होगा. इसी विषय की मैपिंग के आधार पर विश्वविद्यालय यह तय करेगा कि छात्र किन-किन कोर्स के लिए योग्य हैं. 

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