100 घंटे में ईरान पर 2000 बम बरसाए अमेरिका-इजरायल ने... तेहरान में तबाही, पूरे मिडिल ईस्ट में खौफ

अमेरिका ने 28 फरवरी 2026 से ईरान पर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया. राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के मिसाइल साइट्स, परमाणु ठिकानों, नौसेना और कमांड सेंटरों पर 1700+ हमले किए. B-2, B-1, B-52 बॉम्बरों ने गहरे हमले किए. ईरान ने 500+ मिसाइलें और ड्रोन दागे. CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना आगे है और मिशन जारी है.

Advertisement
बी2 बॉम्बर से बंकर बस्टर बम को गिराते हुए पायलट. ऐसे कई बमों का इस्तेमाल इस जंग में हुआ है. (File Photo: USAF) बी2 बॉम्बर से बंकर बस्टर बम को गिराते हुए पायलट. ऐसे कई बमों का इस्तेमाल इस जंग में हुआ है. (File Photo: USAF)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 04 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:53 AM IST

फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई और मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं. इस ऑपरेशन का नाम अमेरिका की तरफ से ऑपरेशन एपिक फ्यूरी रखा गया है, जबकि इजरायल ने इसे ऑपरेशन रोअरिंग लायन कहा है.

अमेरिका का कहना है कि यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइलों, नौसेना और सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह नष्ट करने के लिए किया जा रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा. उसकी ताकत को कुचल दिया जाएगा.  

Advertisement

यह भी पढ़ें: क्या 'डर्टी बम' बना सकता है ईरान? आसान भाषा में समझिए पूरा मामला

अमेरिका की बहुत बड़ी सैन्य तैयारी और ताकत

अमेरिका ने मध्य पूर्व में बहुत बड़ी संख्या में सैनिक और हथियार जमा किए हैं. यह कई सालों में क्षेत्र में सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य इकट्ठा होना माना जा रहा है. इसमें 50,000 से ज्यादा सैनिक, 200 से अधिक लड़ाकू विमान, दो एयरक्राफ्ट कैरियर (बड़े जहाज जो लड़ाकू विमान ले जाते हैं). B-1, B-2 तथा B-52 जैसे शक्तिशाली बॉम्बर विमान शामिल हैं.

B-2 स्टेल्थ बॉम्बर चुपके से बहुत गहराई में जाकर सटीक हमले करते हैं, जबकि B-52 बड़े इलाकों पर भारी बमबारी करते हैं. अमेरिका ने पुष्टि की है कि B-52 बॉम्बर भी ईरान पर हमले कर रहे हैं. इसके अलावा और भी हथियार और जहाज रास्ते में हैं. अमेरिकी सेना का कहना है कि यह तैयारी ईरान की धमकी को खत्म करने के लिए है.

Advertisement

पहले कुछ दिनों में भारी हमले और नुकसान

ऑपरेशन शुरू होने के पहले 100 घंटों से कम समय में अमेरिका और उसके सहयोगियों ने बहुत बड़े हमले किए. लगभग 2,000 लक्ष्यों पर हमला किया गया और 2,000 से ज्यादा मिसाइलें व बम गिराए गए. पहले 24 घंटे में ही 2003 के इराक युद्ध के शॉक एंड ऑ हमलों से दोगुना असर बताया जा रहा है.

यह भी पढ़ें: परमाणु टेस्ट करने पर कितनी तीव्रता का भूकंप आता है? क्यों दुनिया ईरान को संदेह से देख रही

ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली को बुरी तरह कमजोर कर दिया गया है. सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें, उनके लॉन्चर और ड्रोन जमीन पर ही नष्ट कर दिए गए. अमेरिकी नौसेना ने ईरान के 17 जहाज डुबो दिए, जिसमें उनका सबसे आधुनिक पनडुब्बी भी शामिल है. अब अरबियन गल्फ, होर्मुज जलडमरूमध्य और गल्फ ऑफ ओमान में ईरान का कोई जहाज काम नहीं कर रहा. अमेरिका-इजरायल ने ईरान के ऊपर हवाई नियंत्रण पूरी तरह हासिल कर लिया है.

नए हथियारों का पहली बार इस्तेमाल

इस ऑपरेशन में अमेरिका ने कई नए हथियारों का इस्तेमाल किया है. अमेरिकी सेना ने पहली बार PrSM (प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल) का युद्ध में उपयोग किया, जो लंबी दूरी की बहुत सटीक मिसाइल है. टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक ने वन-वे अटैक ड्रोन (कामिकेज़ ड्रोन) भेजे, जो दुश्मन पर हमला करके खुद नष्ट हो जाते हैं. B-2 बॉम्बर ने ईरान के अंदर गहरे और कठोर ठिकानों पर बिना रुकावट के सर्जिकल हमले किए. B-52 ने कमांड सेंटर और मिसाइल पोस्टों को निशाना बनाया. B-1 बॉम्बर ने भी ईरान के अंदर जाकर में हमले किए.

Advertisement

ईरान की जवाबी कार्रवाई और अमेरिका का आरोप

ईरान ने जवाब में बड़े हमले किए. उसने 500 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और 2000 से ज्यादा ड्रोन दागे. अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने इन हमलों में जानबूझकर नागरिक इलाकों और खाड़ी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया. ईरान के हमले अमेरिकी और इजरायली रक्षा प्रणालियों ने काफी हद तक रोक लिए, लेकिन कुछ अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है. कुछ घायल हुए हैं. ईरान के हमले क्षेत्र के कई अमेरिकी ठिकानों पर हुए.

यह भी पढ़ें: ...ईरान की वो '3-फेज' वॉर स्ट्रैटजी जिसने अमेरिका-इजरायल की नाक में दम कर रखा है

CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर का अपडेट

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने वीडियो में अपडेट दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना गेम प्लान से आगे चल रही है. 50000+ सैनिक, 200 लड़ाकू विमान, दो कैरियर ग्रुप और बॉम्बर इस्तेमाल हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि ईरान के बाकी मोबाइल मिसाइल लॉन्चरों की रीयल टाइम ट्रैकिंग हो रही है और उन्हें नष्ट किया जा रहा है. एडमिरल ने कहा कि मिशन अभी शुरू हुआ है. 

अमेरिका अपने सभी लक्ष्य हासिल करेगा. वे ईरान की मिसाइल, नौसेना और परमाणु क्षमता को पूरी तरह खत्म करने पर जोर दे रहे हैं. यह संघर्ष अभी जारी है. बहुत गंभीर स्थिति बनी हुई है. अमेरिका और इजरायल का कहना है कि ईरान की धमकी खत्म हो जाएगी, जबकि ईरान इसे अपना बचाव बता रहा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement