चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जब दिल्ली में ब्रिक्स समिट में हिस्सा ले रहे थे, उसी दौरान भारत करीब 6000 किलोमीटर दूर अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ एक अहम एक्सरसाइज में शामिल था. क्वाड के चारों देशों ने जापान की राजधानी टोक्यो में 3 और 4 सितंबर को टेबलटॉप एक्सरसाइज की. अब यह एक्सरसाइज खत्म हो गई है. इसका मकसद हिंद-प्रशांत क्षेत्र में किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत और मदद पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत करना था.
इस एक्सरसाइज में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका शामिल थे. जापान के रक्षा मंत्रालय ने इस एक्सरसाइज की मेजबानी की. इसमें चारों देशों ने प्राकृतिक आपदा से जुड़े अलग-अलग हालात को लेकर तैयारी की. साथ ही यह देखा गया कि संकट के समय चारों देश अपनी लॉजिस्टिक्स यानी सामान और राहत सामग्री पहुंचाने की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं.
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इस दौरान चारों देशों के बीच तालमेल और साथ मिलकर काम करने की क्षमता को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया. एक्सरसाइज के जरिए हिंद-प्रशांत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी काम करने की तय प्रक्रिया तैयार करने की दिशा में भी अहम प्रगति हुई. इससे भविष्य में आपदा के समय राहत और बचाव के काम को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
क्वाड देशों ने हाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई. साथ ही संकट और आपात स्थिति के दौरान मानवीय मदद और राहत अभियान को बेहतर तरीके से मिलकर चलाने पर चर्चा की. दिल्ली से टोक्यो, जापान की दूरी लगभग 5,850 किलोमीटर है.
हिंद-प्रशांत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क क्वाड की एक पहल है. इसके तहत चारों देश अपनी साझा लॉजिस्टिक्स क्षमता का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर आने वाली प्राकृतिक आपदाओं में तेजी से मदद पहुंचाने के लिए करेंगे. इसका लक्ष्य लोगों की जान बचाना, राहत और रिकवरी के काम को तेज करना और क्षेत्र के दूसरे देशों को मदद देना है.
क्वाड देशों ने कहा कि वे इस नेटवर्क को जमीन पर लागू करने के लिए आगे भी टेबलटॉप और फील्ड एक्सरसाइज, आपसी भरोसा बढ़ाने वाले कदम और विशेषज्ञों के बीच बातचीत जारी रखेंगे.
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