अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हमले की तैयारी कर रहा है. इसी बीच 24-25 फरवरी 2026 को अमेरिकी वायुसेना ने 12 F-22 रैप्टर स्टेल्थ फाइटर जेट्स इजरायल के दक्षिणी एयरबेस पर तैनात कर दिए हैं. ये जेट ब्रिटेन के लैकेनहिथ एयरबेस से उड़कर इजरायल पहुंचे. यह अमेरिका की मध्य पूर्व में बड़े सैन्य जमावड़े का हिस्सा है.
कितने जेट तैनात हुए?
अमेरिकी अधिकारियों और इजरायली मीडिया (टाइम्स ऑफ इजरायल, न्यूयॉर्क टाइम्स) के अनुसार लगभग 12 F-22 जेट तैनात किए गए हैं. ये दक्षिणी इजरायल के एक एयरबेस पर हैं, जहां से ईरान के कई ठिकानों पर आसानी से हमला किया जा सकता है.
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F-22 रैप्टर – दुनिया का सबसे खतरनाक स्टेल्थ फाइटर
F-22 रैप्टर लॉकहीड मार्टिन और बोइंग द्वारा बनाया गया पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है. इसे अमेरिकी वायुसेना के लिए खासतौर पर बनाया गया. यह दुश्मन की रडार से लगभग गायब रहता है.
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मुख्य विशेषताएं
मारक क्षमता (Firepower)...
ये जेट एक साथ कई दुश्मन विमानों को मार सकता है और - पहले देखो, पहले मारो, पहले जीतो- की क्षमता रखता है.
कब-कब इस्तेमाल हुआ?
F-22 का पहला युद्धक इस्तेमाल 22 सितंबर 2014 को हुआ. ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व में सीरिया और इराक में ISIS के ठिकानों पर हमला किया. 2014-2015 तक इसने 204 उड़ानें हुई, 60 ठिकानों पर 270 बम गिराए. जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया, उसमें भी F-22 रैप्टर शामिल थे.
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क्यों तैनात किए गए?
ये जेट ईरान की एयर डिफेंस को चीरकर अंदर घुस सकते हैं. इजरायल के बेस से ये ईरान की मिसाइल रेंज से बाहर रहकर भी हमला कर सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर बातचीत नाकाम हुई तो ईरान पर हमला होगा. F-22 की तैनाती इसी तैयारी का संकेत है. F-22 रैप्टर को दुनिया का सबसे बेहतरीन फाइटर माना जाता है. कोई भी मौजूदा जेट इसे टक्कर नहीं दे सकता.
ऋचीक मिश्रा