भारतीय सेना के प्रमुख के लाउंज से ‘कर्म क्षेत्र’ नाम की पेंटिंग हटा दी गई है और उसकी जगह अब भारतीय सेना का प्रतीक चिह्न (इनसिग्निया) लगा दिया गया है. ये बदलाव जनरल धीरज सेठ के 30 जून को सेना प्रमुख का पद संभालने के बाद हुआ है.
भारतीय सेना द्वारा सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से साझा की गई हालिया तस्वीरों से लाउंज के इस बदले हुए बैकड्रॉप की पुष्टि हुई है. इस बदलाव के पीछे के कारणों या सेना की प्राथमिकताओं में किसी बदलाव पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. साथ ही ये पेंटिंग अब कहां लगाई जाएगी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है.
2024 में भी बदली गई थी पेंटिंग
साल 2024 में सेना प्रमुख के लाउंज से 1971 के बांग्लादेश युद्ध के ऐतिहासिक सरेंडर वाली पेंटिंग को हटाकर मानेकशॉ सेंटर में शिफ्ट किया गया था. उस ऐतिहासिक पेंटिंग में पाकिस्तानी लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी को 1971 में ढाका में इंस्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर पर हस्ताक्षर करते दिखाया गया था. इसके बाद लाउंज में 'कर्म क्षेत्र' (फील्ड ऑफ डीड्स) नामक पेंटिंग लगाई गई थी.
'कर्म क्षेत्र' पेंटिंग में पैंगॉन्ग त्सो, टैंक, नावें, एटीवी (ATVs) और अपाचे हेलिकॉप्टर दर्शाए गए थे. इस कलाकृति में चाणक्य और अर्जुन के रथ का मार्गदर्शन करते भगवान कृष्ण को भी शामिल किया गया था. साथ ही पेंटिंग में गरुड़ देवात भी दिख रहे हैं जो सैन्य तैयारियों को भारत की रणनीतिक व दार्शनिक परंपराओं से जोड़ती थी. इसे उत्तरी सीमा पर आधुनिक युद्ध क्षमताओं और सेना के बदलते ऑपरेशनल फोकस के रूप में देखा गया था.
अब इस 'कर्म क्षेत्र' पेंटिंग को भी लाउंज की दीवार से हटा दिया गया है. इस कलाकृति के स्थान पर अब सीधे भारतीय सेना का आधिकारिक चिह्न (Army insignia) लगा दिया गया है. हालांकि, ये पेंटिंग अब किस जगह प्रदर्शित की जाएगी, इसे लेकर सेना की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है.
शिवानी शर्मा