S-400 के लिए 288 और मिसाइलें आएंगी भारत, ऑपरेशन सिंदूर में PAK के छुड़ाए थे छक्के

DAC ने रूस से 288 S-400 मिसाइलें (120 शॉर्ट-रेंज, 168 लॉन्ग-रेंज) ₹10,000 करोड़ में खरीद को मंजूरी दी है. ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल के बाद स्टॉक भरने के लिए फास्ट ट्रैक प्रक्रिया से खरीद होगी. भारतीय वायुसेना 5 और S-400 सिस्टम + Pantsir की मांग कर रही है. यह हवाई रक्षा को और मजबूत करेगा.

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S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की हालत खराब कर दी थी. (File Photo: Getty) S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की हालत खराब कर दी थी. (File Photo: Getty)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 13 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST

डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने रूस से 288 S-400 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे दी है. इसकी अनुमानित लागत ₹10,000 करोड़ है. ये मिसाइलें मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुई थीं, जहां भारत ने पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों, AWACS और ड्रोन्स को मार गिराया था. यह फैसला भारतीय वायुसेना की हवाई रक्षा को और मजबूत करेगा. 

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DAC ने क्या मंजूरी दी?

DAC ने Acceptance of Necessity (AoN) दी है, जो रक्षा खरीद की पहली बड़ी मंजूरी है. इसमें शामिल है... 

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  • 120 शॉर्ट-रेंज मिसाइलें
  • 168 लॉन्ग-रेंज मिसाइलें
  • कुल 288 मिसाइलें

खरीद Fast Track Procedure (FTP) से होगी, ताकि जल्दी डिलीवरी हो. यह मंजूरी S-400 के स्टॉक को फिर से भरने और बढ़ाने के लिए है. भारत पहले से 5 S-400 स्क्वाड्रन का सौदा कर चुका है. इसमें से दो और स्क्वाड्रन इस साल जून और नवंबर में मिलेंगे.

ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की भूमिका

मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया. यह 7-10 मई तक चला और भारत-पाकिस्तान के बीच दशकों का सबसे बड़ा संघर्ष था.

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S-400 ने इसमें कमाल किया...

  • पाकिस्तानी लड़ाकू विमान, AWACS (अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट), इंटेलिजेंस प्लेन और आर्म्ड ड्रोन्स को मार गिराया.
  • एक लॉन्ग-रेंज मिसाइल से पंजाब (पाकिस्तान) में 314 किमी दूर वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट को गिराया.
  • अदमपुर और भुज सेक्टर में तैनात S-400 ने पाकिस्तानी मिसाइलों को रोका.
  • पाकिस्तानी एयर फोर्स 9-10 मई को नहीं दिखी, क्योंकि S-400 से डर था.
  • इससे पाकिस्तान ने अपने विमानों को अफगानिस्तान और ईरान के करीब एयरबेस पर शिफ्ट कर दिया. S-400 ने भारत की हवाई सुरक्षा में बड़ा रोल निभाया.

S-400 सिस्टम क्या है?

S-400 ट्रायम्फ रूस का सबसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम है. मुख्य विशेषताएं...

  • 40 किमी से 400 किमी तक रेंज.
  • लड़ाकू विमान, क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन्स को मार सकता है.
  • Pantsir सिस्टम के साथ मिलकर दो-परत वाली रक्षा बनाता है (शॉर्ट और लॉन्ग रेंज).
  • ड्रोन और कामिकेज हमलों से बचाव में बहुत प्रभावी.
  • भारतीय वायुसेना अब 5 और S-400 सिस्टम और Pantsir की मांग कर रही है.

खरीद की प्रक्रिया कैसे चलती है?

भारत की रक्षा खरीद सख्त निगरानी में होती है. ऑपरेशनल जरूरत का केस बनता है. डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड (रक्षा सचिव की अध्यक्षता) जांचता है. DAC AoN देती है. वेंडर से कॉस्ट नेगोशिएसन. अंत में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) अंतिम मंजूरी देती है.

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भारत की हवाई रक्षा मजबूत होगी

यह फैसला ऑपरेशन सिंदूर के सबक से आया है. S-400 ने साबित किया कि भारत की एयर डिफेंस विश्व स्तर की है. 288 नई मिसाइलें स्टॉक बढ़ाएंगी. पाकिस्तान जैसे खतरों से बेहतर बचाव करेंगी. भारत रूस से रक्षा साझेदारी को मजबूत कर रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है.

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