हैदराबाद के एक ऑफिस के महिला टॉयलेट में मोबाइल फोन छिपाकर रखे जाने का मामला सामने आया है. फोन वॉशबेसिन के नीचे दीवार पर टेप से चिपकाया गया था. ऊपर से सफेद कागज लिपटा होने के कारण एक महिला मैनेजर ने पहले उसे एयर फ्रेशनर समझा. जब ध्यान से देखा तो पता चला कि वह मोबाइल फोन है. मामले में ऑफिस के एक फ्लोर अटेंडेंट को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फोन से महिलाओं की कोई रिकॉर्डिंग की गई थी या नहीं.
यह मामला हैदराबाद के कावाडिगुडा इलाके में स्थित पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के ऑफिस का है. शिकायत के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सुबह करीब 10:30 बजे 35 साल की चीफ मैनेजर छठी मंजिल पर बने महिला टॉयलेट में गई थीं. इसी दौरान उनकी नजर वॉशबेसिन के नीचे लगी एक संदिग्ध चीज पर पड़ी.
सफेद कागज में लपेटकर छिपाया गया था फोन
फोन को सफेद कागज में लपेटा गया था. कागज में दो छेद थे. इसे डबल साइड टेप की मदद से वॉशबेसिन के नीचे दीवार पर चिपकाया गया था. फोन कमोड के ठीक सामने लगा था. पहली नजर में मैनेजर को लगा कि यह एयर फ्रेशनर है. पास से देखने पर उन्हें पता चला कि यह मोबाइल फोन है.
मैनेजर फोन को बाहर ले गईं और फ्लोर अटेंडेंट से उसके बारे में पूछा. शिकायत के अनुसार, अटेंडेंट ने फोन छीनकर वहां से भागने की कोशिश की. हालांकि, ऑफिस के दूसरे कर्मचारियों, एचआर विभाग और सुरक्षा कर्मियों की मदद से उसे पकड़ लिया गया.
फोन खोलने को कहा तो जमीन पर पटका
शिकायत में बताया गया है कि कर्मचारियों ने फोन की जांच करने की कोशिश की. इस दौरान उसमें PIN से लॉक एक फोल्डर मिला. जब अटेंडेंट से फोन अनलॉक करने को कहा गया, तो उसने कथित तौर पर मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया. ऐसे में महिला मैनेजर ने आशंका जताई कि फोन महिलाओं की गुप्त रिकॉर्डिंग करने के लिए लगाया गया हो सकता है. उन्होंने पुलिस से फोन का डेटा हासिल करने, मामले की पूरी जांच करने और प्रभावित हो सकने वाली महिला कर्मचारियों की निजता सुरक्षित रखने की मांग की है. हालांकि, अब तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि फोन से कोई रिकॉर्डिंग की गई थी या नहीं.
साइबर क्राइम पुलिस कर रही जांच
गांधी नगर पुलिस ने 13 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 77 और 238 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66E के तहत केस दर्ज किया था. 22 अक्टूबर को मामला हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस को सौंप दिया गया, जहां इसे दोबारा दर्ज किया गया.
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. जांच अधिकारी उससे आगे पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी की मांग करते हुए याचिका दाखिल कर चुके हैं. पुलिस यह पता लगा रही है कि मोबाइल टॉयलेट में किस मकसद से लगाया गया था, क्या उससे कोई रिकॉर्डिंग हुई और क्या इस मामले में कोई दूसरा व्यक्ति भी शामिल था.
अब्दुल बशीर