गुरुग्रामः साइबर सिटी से 7 साल में लापता हुए 1428 बच्चे

ह्यूमन ट्रैफिकिंग के धंधे से जुड़े लोगों की सेटिंग दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, हरियाणा से लेकर साउथ इंडिया के कई शहरों में है. दिल्ली और मुंबई में सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को बेचा जाता है.

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सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो

तनसीम हैदर

  • गुरुग्राम ,
  • 03 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:46 PM IST

  • 2018 में करीब 182 बच्चे गायब हुए थे
  • भीख मंगवाने वाले गैंग्स भी एक्टिव हैं

साइबर सिटी गुरुग्राम में लगातार गायब होते मासूम पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं. खुले आसमान में चहक रहे इन मासूमों को क्या पता कि लालच की टोकरी में नापाक मंसूबा होता है. हाल ही में गुरुग्राम में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां रिश्तों की डोर में फंसाकर या टॉफी का लालच देकर मासूमों की अस्मत का सौदा हुआ है. वहीं, पुलिस की मिसिंग सेल होने के बावजूद सैकड़ों गुमशुदगी और अपहरण के मामलों में पुलिस के हाथ कोई सुराग तक नहीं लग पाया है.

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गैंग चलाने वालों की कई राज्यों में सेटिंग

जानकारों की मानें तो ह्यूमन ट्रैफिकिंग के धंधे से जुड़े लोगों की सेटिंग दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, हरियाणा से लेकर साउथ इंडिया के कई शहरों में है. दिल्ली और मुंबई में सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को बेचा जाता है. 10 साल से कम उम्र के लड़के-लड़कियों के गायब होने के पीछे ये भी माना जाता है कि बड़े पैमाने पर भीख मंगवाने वाले गैंग्स भी एक्टिव हैं.

आधा दर्जन से ज्यादा गैंग

सिटी में आधा दर्जन से ज्यादा गैंग्स अपना जाल बिछाए हुए हैं. यहां एक्टिव गैंग के मेंबर्स बच्चों को चोरी करने के बाद दूसरे शहरों में सक्रिय गैंग को ट्रांसफर कर देते हैं. इसी तरह दूसरे शहरों से चोरी किए गए बच्चों को गुरुग्राम में लाकर भीख मांगने वाले सक्रिय गैंग को बेच देते हैं.

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शहर में सुरक्षित नहीं हैं मासूम

गुरुग्राम पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो साफ हो जाता है कि जिले में मासूम सुरक्षित नहीं है. 2012 से अभी तक 1428 लड़के-लड़कियां गुमशुदगी या फिर अपहरण जैसी वारदात का शिकार हुए हैं. 938 लड़कियों में 518 को सकुशल बरामद किया गया, लेकिन 420 का अभी भी कोई सुराग गुरुग्राम पुलिस का चिल्ड्रन मिसिंग सेल नहीं लगा पाया है. वहीं, 489 गुमशुदा लड़कों में 235 को पुलिस ने बरामद कर लिया, जबकि 254 का कोई सुराग गुरुग्राम पुलिस नहीं लगा पाई है.

पुलिस ने चलाया था ऑपरेशन मुस्कान

2019 की बात की जाए तो 139 लड़कियां और 44 लड़के साइबर सिटी से गायब हुए. इनमें सिर्फ 44 लड़कियां ही बरामद की जा सकीं. बीते साल 2018 में करीब 182 बच्चे गायब हुए थे. हरियाणा में मासूमों को उनको माता-पिता से मिलाने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान भी चलाया था, लेकिन इससे कोई खास सफलता नहीं मिली. फिलहाल पुलिस इन सभी मामलों की जांच करने की बात कर रही है.

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