राम रहीम के खिलाफ भी चलेगा देशद्रोह का मुकदमा, बढ़ेंगे मर्डर के चार्ज

राम रहीम के खिलाफ पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और रंजीत सिंह की हत्या के अलावा अपने सैकड़ों समर्थकों को नपुंसक बनाने के मामलों पर कोर्ट का फैसला जल्द ही आने वाला है.

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बढ़ने वाली हैं बल्ताकारी बाबा की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं बल्ताकारी बाबा की मुश्किलें

मनजीत सहगल / आशुतोष कुमार मौर्य

  • चंडीगढ़,
  • 05 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:41 PM IST

दो साध्वियों से बलात्कार के अपराध में 20 साल जेल की सजा पाने वाले गुरमीत सिंह राम रहीम के खिलाफ मर्डर के केस भी जुड़ने वाले हैं. सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में कथित तौर पर अंजाम दिए गए जुर्म के दो और मामलों में गुरमीत को नामजद किया जा सकता है.

राम रहीम के खिलाफ पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और रंजीत सिंह की हत्या के अलावा अपने सैकड़ों समर्थकों को नपुंसक बनाने के मामलों पर कोर्ट का फैसला जल्द ही आने वाला है. पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरे में हुई संदिग्ध आत्महत्याओं के मामले में राम रहीम के पूर्व समर्थक राम कुमार बिश्नोई की याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है.

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हरियाणा सरकार से पहली मार्च तक अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है. बिश्नोई ने कोर्ट को बताया है की डेरे में राम रहीम ने एक साजिश के तहत अपने चेलों और चेलियों को प्रशासन और कोर्ट पर दबाव बनाने के लिए उकसाया था. इतना ही नहीं, उसने डेरे में हुई कई हत्याओं को आत्महत्या करार देने की कोशिश भी की थी.

विश्नोई के वकील मोहिंदर सिंह जोशी ने आजतक को बताया, "राम कुमार विश्नोई पूर्व डेरा अनुयायी है और उन्होंने डेरा परिसर मे हुई कथित आत्महत्याओं की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है. विश्नोई का आरोप है कि ये मामले सुसाइड के नहीं बल्कि मर्डर के हैं, जिनको एक गहरी साजिश के तहत अंजाम दिया गया."

उधर पुलिस सूत्रों के मुताबिक हनीप्रीत सहित देशद्रोह के मामले में आरोपी बनाए गए डेरा समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने जो चार्जशीट दाखिल की है, उसके अनुसार, आरोपियों पर लगे देशद्रोह के आरोप गुरमीत राम रहीम द्वारा रचे गए षडयंत्र की ओर इशारा कर रहे हैं.

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पुलिस जल्द ही राम रहीम के खिलाफ भी दर्ज कर सकती है. मानवाधिकार से जुड़ी एक संस्था पहले ही गुरमीत राम रहीम को पंचकुला हिंसा मामले में आरोपी बनाने के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करने की बात कह चुकी है.

राम रहीम के चेले सोशल मीडिया पर फैला रहे अफवाहें

इस बीच गुरमीत राम रहीम के पुलिस के चंगुल से बच गए चेले अभी भी बाज नहीं आ रहे. वे सोशल मीडिया पर पिछले एक महीने से एक्टिव हैं और तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं. इनमें एक अफवाह यह भी है कि ब्लात्कारी बाबा कोर्ट द्वारा 20 साल की सजा सुनाए जाने के बावजूद, जल्द रिहा हो जाएगा. लेकिन हाईकोर्ट जल्द ही इन चेलों के दावों की हवा निकालने वाला है.

राम रहीम के बैरक में होती है अचानक छापेमारी

उधर गुरमीत राम रहीम को जेल में वीआईपी सुविधाएं देने के आरोप लगने के बाद जेल प्रशासन ने साफ किया है कि गुरमीत राम रहीम और उसकी बेबी हनीप्रीत को जेल में कोई दिया जा रहा. हरियाणा जेल विभाग के प्रमुख केपी सिंह ने कहा कि जेल में गुरमीत कोई षडयंत्र न रच पाए, इसके लिए उसकी बैरक में अचानक छापेमारी की जाती है.

जेल में गुरमीत राम रहीम को जो कम सौंपा गया था, उसे वह बखूबी कर रहा है. उसके द्वारा उगाई गई सब्जियां अब तैयार हैं. गुरमीत राम रहीम एक अकुशल कैदी है, इसलिए उसे प्रतिदिन 20 रुपये दिहाड़ी मिलती है.

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हनीप्रीत से नहीं लिया जाता जेल में कोई काम

केपी सिंह ने साफ किया है कि हनीप्रीत को जेल में कोई वीआईपी सुविधा नहीं दी जा रही. उन्होंने कहा कि हनीप्रीत चूंकि है, इसलिए उससे कोई काम नहीं लिया जा सकता. पुलिस ने हाल ही में हनीप्रीत के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें उस पर पंचकुला हिंसा और गुरमीत राम रहीम को छुड़ाने की साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं.

पुलिस 7 दिसंबर को उसे व्यक्तिगत तौर पर पंचकुला अदालत में पेश करेगी, जहां उसे चार्जशीट की कॉपी दी जाएगी. उधर सूत्रों की मानें तो सुनारिया जेल में बंद गुरमीत राम रहीम को जब हनीप्रीत के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट देने की खबर पता चली तो वह मायूस हो गया और उसने चुप्पी साध ली.

षयज।

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