गौरी मर्डर केस: पुलिस ने दाखिल की 600 पेज की चार्जशीट, ये है मुख्य आरोपी का नाम

इस केस की जांच कर रही एसआईटी को सबसे बड़ी सफलता, तब मिली जब सीसीटीवी फुटेज में आरोपी शूटर दिखाई दिया. इसके जरिए पुलिस को पता चला कि वारदात को अंजाम देने से पहले संदिग्धों ने गौरी के घर की रेकी थी. बाइक पर आए संदिग्धों ने गौरी के घर के तीन चक्कर लगाए थे.

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वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश मर्डर केस वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश मर्डर केस

मुकेश कुमार / नागार्जुन

  • बंगलुरु,
  • 30 मई 2018,
  • अपडेटेड 4:00 PM IST

वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश मर्डर केस में कर्नाटक पुलिस ने चार्जशीट फाइल कर दी है. इसमें केटी नवीन कुमार को मुख्य आरोपी बनाया गया है. इसके साथ ही प्रवीन कुमार को भी आरोपी बनाया गया है, जो कि फिलहाल फरार है. करीब 600 पेज की इस चार्जशीट में 100 लोगों को गवाह बनाया गया है.

जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक पुलिस द्वारा दाखिल 600 पेज की चार्जशीट में नवीन और प्रवीन कुमार को आरोपी बनाया गया है. नवीन कुमार को पुलिस ने बंगलुरु से गिरफ्तार किया था. मैसूर के पास मंड्या का रहने वाला यह शूटर बंगलुरु में अवैध असलहा बेचने की फिराक में आया था.

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उसने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया था कि हत्या में इस्तेमाल किए गए कारतूस यूपी से मंगाए गए थे. और प्रत्येक कारतूस के लिए एक हजार रुपये चुकाया था. नवीन ने ही हत्या की साजिश का खुलासा किया था. उसके जरिए इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और तलाश की गई थी.

इस केस की जांच कर रही एसआईटी को सबसे बड़ी सफलता, तब मिली जब सीसीटीवी फुटेज में आरोपी शूटर दिखाई दिया. इसके जरिए पुलिस को पता चला कि वारदात को अंजाम देने से पहले संदिग्धों ने गौरी के घर की रेकी थी. बाइक पर आए संदिग्धों ने गौरी के घर के तीन चक्कर लगाए थे.

पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि पिछले साल 5 सितंबर को गौरी लंकेश की हत्या हुई थी, उस दिन बाइक सवार संदिग्धों ने गौरी के घर के चक्कर लगाए थे. एक संदिग्ध ने सफेद शर्ट और पैंट पहना था. उसके सिर पर हेलमेट था. संदिग्ध सड़क के दाहिनी तरफ से गौरी के घर की तरफ आया था.

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इस संदिग्ध को गौरी के घर के पास पहली बार उस दिन शाम 3.27 बजे देखा गया. इसके बाद 7.15 बजे वह फिर वापस आया था. तीसरी बार जब संदिग्ध आया तो उसकी पीठ पर एक काला बैग था. गौरी के घर पर पहुंचते ही उनके ऊपर चार राउंड फायरिंग की गई थी, जिसमें तीन सीधे उनके शरीर पर लगी थी.

बताते चलें कि गौरी लंकेश कन्नड़ टेबलॉयड 'लंकेश पत्रिका' की संपादक थीं. नवंबर, 2016 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के खिलाफ एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसके कारण उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर किया गया था. इस मामले में उन्हें 6 महीने की जेल हुई थी. साथ ही कर्नाटक के पुलिस प्रमुख आर के दत्ता से अपनी जीवन पर खतरा बताया था.

हत्या के कुछ घंटे पहले तक गौरी पर एक्टिव थीं. उन्होंने रोहिंग्या से जुड़ी खबरों के लिंक शेयर किए और कई ट्वीट्स को री-ट्वीट किया था. अपने आखिरी ट्वीट में उन्होंने एक फेक पोस्ट पर लिखा था, 'हम लोगों में से कुछ लोग फेक पोस्ट शेयर करने की गलती कर देते हैं. चलिए एक्सपोज करने की कोशिश के बजाए इसके प्रति एक-दूसरे को सतर्क किया जाए.'

उनकी हत्या पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी दुख जताया था. उन्होंने लिखा था कि सच को कभी खामोश नहीं किया जा सकता है. राहुल ने ट्वीट किया था, 'सच को भी खामोश नहीं किया जा सकता. गौरी लंकेश हमारे दिलों में रहती हैं. उनके परिवार को मेरी संवेदना और प्यार. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.'

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