8 साल तक के बच्चों के लिए खतरनाक है दिल्ली के रेलवे स्टेशन

दिल्ली के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों से इस साल 143 लोगों की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई है. इनें 22 मामले बच्चों की किडनैपिंग से जुड़ हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन सबसे ज्यादा असुरक्षित है.

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सबसे ज्यादा असुरक्षित है नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (फोटो-aajtak) सबसे ज्यादा असुरक्षित है नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (फोटो-aajtak)

राम किंकर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 20 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 7:57 PM IST

क्या आपको पता है कि दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर जब आप की फिक्र ट्रेन पर बैठने या उतरने को लेकर रहती है तो उसी वक़्त कोई आपके बच्चों पर नजर रखता है. दरअसल, इस साल दिल्ली के अलग-अलग स्टेशन से बच्चों की किडनैपिंग के मामले में कुल 22 मुकदमे दर्ज हुए है. इनमें से 11 वर्क आउट हो गए है. पिछले साल 26 केस दर्ज थे, जिनमें से 13 वर्क आउट हो गए है. इस साल सबसे ज्यादा बच्चे नई दिल्ली (9) और पुरानी दिल्ली (8) रेलवे स्टेशन से गायब हुए है. 8 बच्चों के बारे में पुलिस ने untrace की रिपोर्ट लगा दी है.

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रेलवे डीसीपी दिनेश गुप्ता के मुताबिक कि बच्चे को उठाने वाले गैंग अक्सर भीड़ के बीच में ही बच्चे को गायब कर देते हैं. इसके पीछे बड़ी वजह उनका आसानी से भीड़ में घुस जाना और लोगों की हड़बड़ी में काम को अंजाम देना होता है.

सुरक्षा की सबसे बड़ी चूक

ज्यादातर रेलवे ट्रैक के आस-पास झुग्गी का होना सबसे खतरनाक है. यही वो आसान रास्ता है, जिससे बच्चा उठाने वाला गैंग आसानी से स्टेशन की चाक चौबंद सुरक्षा को धता बताते हुए स्टेशन में दाखिल होकर वारदात को अंजाम दे देते है. एंट्री एग्जिट के कई रास्तों से स्टेशन में दाखिल होने की वजह से ही रेलवे स्टेशन में शायद ही कभी एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्था हो पाए.

इस साल 143 लोग हुए गायब

राजधानी दिल्ली के सात प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर इस साल के दस महीने तक 143 लोगों की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई है. इसमें महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के आकड़ों में इजाफा है. पड़ताल करने पर पता चला कि अक्टूबर तक 83 पुरुष और 60 महिला रेलवे स्टेशनों से गायब हुई है. इनमें एक माह से लेकर सभी उम्र के लोग शामिल है. इनमें सबसे ज्यादा लोग नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गायब हुए हैं, जिसमें 31 पुरुष और 25 महिलाएं हैं. पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गायब होने वाले करीब 24 लोगों की तलाश भी कर ली है, जबकि 32 लोगों के बारे में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है.

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रेलवे डीसीपी दिनेश गुप्ता कहते है कि इन रेलवे स्टेशनों पर दिल्ली से बाहर के लोग आते है, जिनके लिए दिल्ली एक अनजान शहर है. कुछ गिरोह उन लोगों को अपनी बातों में फंसा कर अपने साथ ले जाते है. उनके बारे में किसी के पास कोई जानकारी नहीं होती है.

स्टेशनों पर ये है दिल्ली पुलिस का सिक्योरिटी कवर

दिल्ली पुलिस का पेट्रोलिंग स्टाफ रेलवे के रैपिड एक्शन फ़ोर्स के साथ मिलकर 24 घंटे निगरानी रखता है.

सभी पेट्रोलिंग स्टाफ व्हाट्सअप ग्रुप से सीधे कंट्रोल रूम से कनेक्ट है.

Checking/Frisking का काम दोनों का होता है.

दिल्ली पुलिस एक्ट 65 के तहत अनजान लोगों से पूछ्ताश करती है.

जुवेनाइल वेलफेयर अफसर (JWO's) भी तैनात किए गए हैं.

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