हत्या को UP पुलिस मानती रही ऑनर किलिंग, दिल्ली पुलिस ने सुलझाई गुत्थी

वजीराबाद से किडनैप हुए एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्या की गुत्थी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सुलझा लिया है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने इस मामले में अभिषेक नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है.

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परिवार के 4 लोगों की हुई थी हत्या(फोटो- चिराग गोठी) परिवार के 4 लोगों की हुई थी हत्या(फोटो- चिराग गोठी)

चिराग गोठी / देवांग दुबे गौतम

  • नई दिल्ली,
  • 01 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 4:11 PM IST

दिल्ली के वजीराबाद इलाके से किडनैप हुए एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्या की गुत्थी को क्राइम ब्रांच ने सुलझा लिया है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने इस मामले में अभिषेक नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. बता दें कि 2016 में नैना नाम की एक लड़की की हत्या कर दी गई थी. उत्तर प्रदेश पुलिस ने नैना का शव कार समेत एक नहर से बरामद किया था.

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जब मामले की जांच में जुटी तो मृतक लड़की के परिवार के सभी लोग घर से नदारद मिले. यूपी पुलिस इसके बाद इसको ऑनर किलिंग का मामला समझ बैठी. पुलिस ने इस मामले में नैना के पिता वेदप्रकाश, मां साधना और भाई शुभम को कातिल मान लिया था. और केस को ऑनर किलिंग मानकर जांच पड़ताल करती रही.

(पकड़ में आया आरोपी)

इस पूरी वारदात को अभिषेक ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था. इससे पहले यूपी पुलिस ने बताया था कि परिवार के मुखिया वेद प्रकाश ने अपनी बेटी समेत पूरे परिवार का खात्मा कर दिया. लेकिन अब दिल्ली पुलिस वेद प्रकाश को पीड़ित बता रही है.

पुलिस के मुताबिक अभिषेक ने अपने साथी बावला और कुछ और आरोपियों के साथ मिलकर एक-एक करके परिवार के चार लोगों को खत्म किया और उसके बाद उनके शवों को हापुड़ की अपार कैनाल गंगा में फेंक दिया. यह घटना जुलाई 2016 में हुई थी.

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आरोपी अभिषेक ने जुर्म कबूला

वहीं दिल्ली पुलिस को इस पूरी वारदात में अभिषेक के शामिल होने की सूचना मिली. सूचना के आधार पर पुलिस ने उसको गिरफ्तार किया. पुलिस ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूला कर लिया.

उसने बताया कि वह अपने साथी बावला और वेद प्रकाश के रिश्तेदार सोनू के साथ मिलकर यह साजिश रची. दरअसल वेद प्रकाश ने अभिषेक और रितेश को पैसा दे रखा था. रितेश कभी वेद प्रकाश की गारमेंट की दुकान पर काम करता था लेकिन यह लोग पैसा नहीं लौटा रहे थे. इस बात को लेकर वेद प्रकाश खफा थे.

इसके बाद अभिषेक ने साजिश रची और वारदात का अंजाम देने के लिए स्थानीय अपराधी बावला को शामिल किया. तीनों का प्लान परिवार की करके प्रॉपर्टी पर कब्जा करने का था.

प्लान के तहत अभिषेक ने हथियार खरीदा और उसके बाद किसी बहाने से वेद प्रकाश को अपने साथ ले गया. इसके बाद वह बावला के साथ मिलकर वेद प्रकाश की हत्या कर दी. दरसअल वेद प्रकाश को अभिषेक के साथ जाते हुए बेटे शुभम ने देख लिया था. अब उसने शुभम को भी बहाने से अपने साथ बुलाया और उसकी भी हत्या कर दी.

पत्नी और बेटी की भी हत्या की

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इसके बाद अभिषेक ने वेद प्रकाश की पत्नी साधना को और उनकी बेटी नैना को भी बहाने से एक-एक करके घर से बुलाया और उनकी भी हत्या कर दी और उसके बाद चारों शवों को अपर केनाल गंगा में फेंक दिया.

उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में वेद प्रकाश की बेटी नैना की गाड़ी बरामद कर ली थी. हालांकि पुलिस को तीन शव नहीं मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले को ऑनर किलिंग का मामला बताया.

अब दिल्ली पुलिस ने मामला खोला है और कहा है कि यह ऑनर किलिंग नहीं बल्कि सोची समझी साजिश के तहत हत्या थी और इस हत्या को अंजाम अभिषेक, बावला उर्फ सोनू, रितेश समेत कुछ लोगों ने मिल कर दिया था. पुलिस की मानें तो इस मामले में बावला की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है, अन्य आरोपी सोनू ने खुदकुशी कर ली थी. इस बात की जांच पुलिस कर रही है.

इस पूरी घटना ने उत्तर प्रदेश पुलिस की लापरवाही को उजागर कर दिया है. आखिर यूपी पुलिस ने इस मामले में कोताही क्यों बरती. क्या जानबूझकर तो इस मामले में कोताही नहीं बरती गई, क्योंकि इस मामले में यह भी साफ हुआ है कि पीड़ित और इनमें से आरोपी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी तो आखिर पुलिस ने यह जानने की कोशिश क्यों नहीं की. सवाल कई हैं जिसका जवाब यूपी पुलिस को देना होगा.

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