टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले की जांच में आरोपियों की पहचान से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी रेहान अंसारी और फूल सिंह कथित तौर पर अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे.
बताया गया है कि दोनों अलग-अलग जगहों पर अपनी पहचान के तौर पर इन दस्तावेजों को दिखाते थे. जांच से जुड़े विवरणों के मुताबिक, आधार कार्ड की जानकारी को एडिट करके दूसरे नामों से पहचान पत्र तैयार किए गए थे.
बताया गया है कि इन एडिटेड आधार कार्ड पर मनदीप नैन और अंकित नाम दर्ज थे. इन दस्तावेजों में हरियाणा के हिसार स्थित आजाद नगर का पता लिखा हुआ था. इस तरह तैयार किए गए पहचान पत्रों में नाम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम और पते जैसी जानकारियां दर्ज थीं.
हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किन-किन जगहों पर किया गया था और इन्हें किसने तैयार किया था.
जानकारी के मुताबिक, एक एडिटेड आधार कार्ड पर अंकित नाम दर्ज था. इसमें जन्मतिथि 21 दिसंबर 2096 लिखी गई थी, जबकि पिता का नाम राजेश कुमार बताया गया था. इस दस्तावेज में पता आजाद नगर, हिसार, हरियाणा-125007 दर्ज था.
उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस कार्ड पर एक आधार नंबर भी अंकित था. इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि और दस्तावेज की वास्तविकता की जांच से जुड़े विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं.
दूसरे एडिटेड आधार कार्ड पर मनदीप नैन नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. इस कार्ड में माता का नाम सावित्री और पिता का नाम रामपाल लिखा हुआ था. दस्तावेज पर जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज थी. इसमें भी आजाद नगर, हिसार, हरियाणा-125007 का पता दिया गया था. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस कार्ड पर भी एक आधार नंबर अंकित था.
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में फर्जी पहचान पत्रों के कथित इस्तेमाल से जांच के दौरान कई सवाल उठते हैं. इनमें यह पता लगाना अहम होगा कि दस्तावेज किसने एडिट किए, इन्हें तैयार करने में किसकी भूमिका थी और आरोपियों ने इनका इस्तेमाल कहां-कहां किया.
साथ ही, इन दस्तावेजों में दर्ज नामों और जानकारियों का आरोपियों से क्या संबंध था, इसकी भी पुष्टि करना जरूरी है. फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस मामले में किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
दीपेश त्रिपाठी