QR कोड की मदद से अहमदाबाद में पकड़ा गया मैड संधू का शूटर, भाई समेत 6 आरोपी भी गिरफ्तार

मैड संधू हत्याकांड में पंजाब पुलिस ने QR कोड की मदद से मुख्य शूटर परमिंदर उर्फ काका को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया. इस मामले में काका के भाई समेत छह आरोपी भी गिरफ्तार कर लिए गए हैं. अब गोल्डी बरार और ढिल्लों से उसके संबंधों की जांच भी चल रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG) इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:07 PM IST

पंजाबी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू की हत्या के मामले में पंजाब पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने एक QR कोड की मदद से मुख्य शूटर परमिंदर उर्फ काका को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है. इसके ठीक बाद पुलिस ने मुख्य शूटर के भाई समेत पांच अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद परमिंदर पंजाब से भागकर अहमदाबाद पहुंच गया था, जहां वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था. 

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पुलिस के मुताबिक, मैड संधू की हत्या 3 अक्टूबर को अमृतसर में लोहारका रोड पर की गई थी. उनका असली नाम मधुसूदन था और वह सोशल मीडिया पर मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर भी लोकप्रिय थे. वारदात के समय वह अपनी कार लेने एक दुकान पर गए थे, जिसे उन्होंने धुलाई के लिए दिया था. इ

सी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो हमलावरों ने उन पर नजदीक से गोलियां चला दीं. गोली लगने से उनकी मौत हो गई. हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे.

हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट सामने आई थी, जिसमें विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी, ढिल्लों ने इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था. पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि मामले की जांच में तकनीकी साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद ली गई.

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इसी आधार पर पुलिस ने हत्या से जुड़े छह आरोपियों की पहचान की. इनमें मुख्य शूटर परमिंदर उर्फ काका भी शामिल है, जो पंजाब के कपूरथला का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक, वारदात में शामिल दूसरे शूटर की भी पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.

पुलिस ने इस मामले में परमिंदर के भाई अमनदीप सिंह के अलावा बलराज सिंह, विकास सिंह, बलजिंदर सिंह और परमवीर सिंह को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, हत्या से पहले बलराज और विकास ने दो से तीन दिनों तक इलाके की रेकी की थी. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले इलाके की गतिविधियों पर नजर रखी थी.

पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका और उनके बीच संपर्कों की जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की साजिश में कौन-कौन शामिल था.

पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने करीब 125 किलोमीटर तक उनके मूवमेंट और संपर्कों से जुड़े सुरागों का पीछा किया. जांच में पता चला कि विदेश में बैठे हैंडलर्स ने अमनदीप सिंह के बैंक खाते में 16 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे.

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अमनदीप ने इसमें से 11 हजार रुपये अपने भाई परमिंदर उर्फ काका को भेजे, जबकि बाकी 5 हजार रुपये परमवीर सिंह को दिए गए. पुलिस का आरोप है कि परमवीर ने शूटर को हथियार और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद की थी. अब पुलिस इस रकम के स्रोत और इसके पीछे मौजूद नेटवर्क की जांच कर रही है.

हत्या के बाद परमिंदर अहमदाबाद भाग गया था, लेकिन वह अपने भाई अमनदीप के संपर्क में बना हुआ था. पुलिस के मुताबिक, परमिंदर ने अपने भाई से और पैसे मांगे थे. उस समय उसे पता नहीं था कि अमनदीप पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है.

इसी संपर्क का इस्तेमाल करते हुए पुलिस ने अमनदीप से उसके भाई को एक QR कोड भेजने के लिए कहा. जैसे ही परमिंदर ने उस QR कोड को स्कैन किया, पुलिस को उसकी लोकेशन का पता लगाने में मदद मिली. इसके बाद पंजाब पुलिस ने गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ जानकारी साझा की और अहमदाबाद में उसकी तलाश तेज कर दी गई.

पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, गुजरात पुलिस के सामने पूछताछ के दौरान परमिंदर ने हत्या में अपनी भूमिका से इनकार किया था. इसके बाद पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उससे पूछताछ की. इस दौरान उसे वारदात से जुड़े वीडियो क्लिप दिखाए गए और उन जूतों के बारे में भी सामना कराया गया, जिन्हें उसने कथित तौर पर हत्या के समय पहना था.

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इसके बाद पंजाब पुलिस की एक टीम गुजरात भेजी गई, ताकि परमिंदर को आगे की जांच के लिए पंजाब लाया जा सके. पुलिस ने यह भी बताया कि परमिंदर के गोल्डी ढिल्लों से संबंध थे.

मैड संधू सोशल मीडिया पर मेकअप आर्टिस्ट्री और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर पॉडकास्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी बात रखते थे. उनके कंटेंट बनाने के तरीके और फैशन को लेकर सोशल मीडिया पर कई बार आलोचना भी हुई थी. कुछ महीने पहले एक निहंग सिख ने उनके वीडियो और कपड़ों पर आपत्ति जताई थी.

उसने कहा था कि इस तरह के वीडियो का युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. मैड संधू के इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 2.26 लाख फॉलोअर्स थे. वह पंजाबी फिल्म ओए भोले ओए में भी अभिनय कर चुके थे. उनकी हत्या के बाद अब पुलिस इस मामले में साजिश, फंडिंग और आरोपियों के आपसी संपर्कों की पड़ताल कर रही है.
 

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