दिल्लीः ट्रैक्टर परेड हिंसा में अब तक 44 FIR, 122 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस के मुताबिक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित थानों पर उपलब्ध है. गिरफ्तार किए गए लोगों के संबंध में जानकारी उनके परिजन भी संबंधित थाने से प्राप्त कर सकते हैं.

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प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सीमेंटेड बैरिकेड्स का निर्माण (फोटोः PTI) प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सीमेंटेड बैरिकेड्स का निर्माण (फोटोः PTI)

तनसीम हैदर

  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 6:49 PM IST
  • दिल्ली पुलिस ने दी गिरफ्तार लोगों की जानकारी
  • कहा- संबंधित थाने से परिजन ले सकते हैं जानकारी

गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को कृषि कानून के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों ने ट्रैक्टर मार्च किया था. दिल्ली में निकली ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. प्रदर्शनकारियों ने जमकर उपद्रव किया था. हिंसा की इन घटनाओं के बाद सौ से ज्यादा किसान लापता हैं. लापता किसानों के संबंध में जानकारी के लिए किसानों ने एक दिन पहले ही कमेटी बनाई थी.

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वहीं, अब जानकारी आ रही है कि दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक 44 केस दर्ज किए हैं. दिल्ली पुलिस ने हिंसा के मामलों में 122 लोगों को गिरफ्तार किया है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित थानों पर उपलब्ध है. गिरफ्तार किए गए लोगों के संबंध में जानकारी उनके परिजन भी संबंधित थाने से प्राप्त कर सकते हैं.

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दिल्ली पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों के संबंध में उनके परिजन संबंधित थाने पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. गौरतलब है कि कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और पंजाब के मंत्री सुखजिंदर रंधावा, सुखविंदर सिंह सरकारिया ने संसद में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. पंजाब के नेताओं ने लाल किले पर हुई हिंसा के बाद सूबे के सैकड़ो युवाओं के लापता होने का मुद्दा उठाया था.

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विधायक राजकुमार छब्बेवाल और पंजाब के अन्य नेताओं ने लापता युवाओं को लेकर गृह मंत्री से चिंता जाहिर की थी. पंजाब के नेताओं ने गृह मंत्री से उन युवाओं को जल्द रिहा करने की मांग की, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है. सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री शाह ने इस मामले को खुद देखने का आश्वासन दिया. गौरतलब है कि कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान गाजीपुर, टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर जमे हैं.

किसानों ने पहले ही आज यानी एक फरवरी को संसद मार्च का ऐलान किया था लेकिन ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था. किसानों का संसद मार्च स्थगित होने के बावजूद दिल्ली पुलिस सतर्क रही. दिल्ली पुलिस की ओर से गाजीपुर बॉर्डर पर स्थायी बैरिकेड्स का निर्माण कराया गया, जिसे हटाया नहीं जा सकता. दूसरी तरफ टिकरी बॉर्डर पर पुलिस की ओर से सड़क पर मोटे-मोटे और लंबे कील लगवाए गए हैं, जिससे ट्रैक्टर इसे पार ना कर पाएं.

इससे पहले ट्विटर ने किसान एकता मोर्चा के ट्विटर एकाउंट के साथ ही कई अन्य एकाउंट भी सस्पेंड कर दिए थे. ट्विटर ने ये एकाउंट सरकार के कहने पर किया है. गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस पर भड़की हिंसा के बाद कई ट्विटर एकाउंट से किए गए ट्वीट को हिंसा भड़काने वाले बताते हुए इन्हें सस्पेंड करने की सिफारिश की थी.

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