भिवानी कांड के 9 आरोपियों की तस्वीर जारी, मोनू मानेसर का जिक्र तक नहीं

भिवानी कांड में राजस्थान पुलिस ने 9 आरोपियों की तस्वीर जारी कर दी है. इन तस्वीरों में मोनू मानेसर का कोई जिक्र नहीं है. मोनू मानेसर पर पीड़ित के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, उसे मुख्य आरोपी तक बताया जा रहा है.

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भिवानी कांड के 9 आरोपियों की तस्वीर जारी भिवानी कांड के 9 आरोपियों की तस्वीर जारी

सुरेश फौजदार

  • भरतपुर,
  • 22 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 8:08 PM IST

भिवानी कांड में राजस्थान पुलिस ने 9 आरोपियों की तस्वीर जारी कर दी है. उन तस्वीरों में मोनू मानेसर को शामिल नहीं किया गया है. इस मामले में मानेसर के खिलाफ शिकायत दर्ज है, लेकिन पुलिस ने उसकी तस्वीर यहां नहीं शामिल की है. कहा गया है कि पुलिस ने जांच के दौरान कुल 9 आरोपियों को चिन्हित किया है. एक सफेद कलर की स्कॉर्पियो को भी जब्त किया गया है. उस स्कॉर्पियो में ब्लड के निशान भी मिले हैं. ऐसी आशंका है कि जुनैद और नासिर के साथ मारपीट हुई और वो खून उसी का है.

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आरोपी लिस्ट से मोनू गायब

इस समय राजस्थान पुलिस की तीन टीमें इन आरोपियों की तलाश कर रही हैं. कहा गया है कि हरियाणा पुलिस का सहयोग मिल रहा है. जो तस्वीर सामने आई है, उसके मुताबिक भिवानी कांड में अनिल, श्रीकांत, कालू कैथल, मोनू राणा भिवानी, विकास जींद, शशिकांत करनाल शामिल हैं. लेकिन जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है- मोनू मानेसर, उसका जिक्र तक नहीं किया गया है. वो भी इस समय फरार चल रहा है. अब राजस्थान पुलिस की जांच में वो दोषी है या नहीं, स्पष्ट नहीं. वैसे हरियाणा में पहले मानेसर और फिर बुधवार को पलवल में जो गौ रक्षकों की पंचायत हुई है, वहां पर मोनू मानेसर को खुला समर्थन दिया गया है. हर तरह से उसे बचाने की कोशिश हुई है.

पंचायत के बड़े ऐलान क्या हैं?

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महापंचायत में ऐलान किया गया कि मोनू मानेसर और उसकी टीम के लिए फंड बनाया जाएगा, ताकि कानूनी लड़ाई लड़ी जा सके. इतना ही नहीं महापंचायत में धमकी दी गई कि अगर राजस्थान पुलिस मोनू पर कार्रवाई करने के लिए आती है, तो वह अपने पांव से वापस नहीं जाएगी. महापंचायत ने इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की. वहीं पलवल में जो पंचायत हुई, वहां भी कई मांगें रख दी गईं. उस पंचायत में मांग रख दी गई है कि 40 राजस्थान पुलिसकर्मी, हरियाणा पुलिस को आत्मसमर्पण करें. इसके अलावा पंचायत में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी निशाना साधा गया है. विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री सुरेंद्र जैन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को औरंगजेब की संज्ञा दे दी है. उन्हें हिंदू संगठनों से माफी मांगने के लिए कहा गया है. यहां तक कहा गया है कि जब तक उनकी हर मांग पूरी नहीं हो जाती, इस प्रकार की पंचायतें जारी रहेंगी और सरकार पर दबाव बनाया जाएगा.

क्या है पूरा मामला? 

इस मामले की बात करें तो हरियाणा के भिवानी के लोहारू में 16 फरवरी यानी गुरुवार को जली हुई एक बोलेरो कार में दो कंकाल मिले थे. मृतकों की पहचान नासिर (25) और जुनैद (35) के तौर पर हुई थी. दोनों राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले थे. मृतकों के परिजनों ने बुधवार को नासिर और जुनैद के अगवा होने की शिकायत दर्ज कराई थी. मृतकों के परिजनों ने अपनी शिकायत में कहा था कि बजरंग दल के कार्यतकर्ताओं ने दोनों का भरतपुर से अपहरण किया था.
 

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