गुजरात के वडोदरा में दिनदहाड़े एक बंद फ्लैट से 51 तोला सोना, चांदी की प्लेट और नकदी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय शातिर चोर को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी कोई आम चोर नहीं, बल्कि पिछले 22 वर्षों से देश के कई राज्यों में सक्रिय ऐसा अपराधी है, जिसने अब तक 26 से ज्यादा चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है.
हैरानी की बात ये है कि पुलिस के मुताबिक जेल से छूटने के महज 10 दिन बाद ही उसने फिर से चोरी की दुनिया में वापसी कर ली और वडोदरा में हाई-प्रोफाइल वारदात को अंजाम दे डाला. अब वडोदरा क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लाखों रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है.
यह मामला वडोदरा शहर के सयाजीगंज इलाके के कैंपस रोड स्थित तसीद कॉम्प्लेक्स का है. 14 जुलाई को दोपहर करीब 1 बजे से शाम 5 बजे के बीच आरोपी ने तीसरी मंजिल पर स्थित एक बंद फ्लैट का ताला तोड़ा. घर के अंदर घुसने के बाद उसने अलमारी का लॉकर तोड़ दिया और उसमें रखे करीब 51 तोला सोने के गहने, 400 ग्राम चांदी की प्लेट तथा 40 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गया. चोरी गए गहनों की कीमत करीब 71 लाख रुपये बता जा रही है.
घटना के बाद सयाजीगंज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी वडोदरा क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है. डीसीपी हिमांशु वर्मा के मुताबिक तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी अनिल राजभर के रूप में हुई.
पुलिस को यह भी पता चला कि अनिल राजभर पहले भी वर्ष 2023 में वडोदरा में दिनदहाड़े चोरी के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका था. इस इनपुट के बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी.
जांच में सामने आया कि चोरी वाले दिन आरोपी पहले लिफ्ट से सीधे सातवीं मंजिल पर गया था. वहां उसे कोई बंद फ्लैट नहीं मिला. इसके बाद वह नीचे उतरते समय तीसरी मंजिल पर पहुंचा, जहां एक फ्लैट बंद मिला. उसने तुरंत ताला तोड़ा, घर के अंदर घुसा और अलमारी का पूरा लॉकर निकालकर एक खाली डिब्बे में रख लिया. इसके बाद वह आराम से वहां से निकल गया. चोरी की पूरी वारदात उसने कुछ ही मिनटों में अंजाम दी और किसी को भनक तक नहीं लगी.
पुलिस के मुताबिक, चोरी के बाद आरोपी सीधे मुंबई पहुंचा. वहां उसने लॉकर तोड़कर उसमें रखे 51 तोला सोने में से करीब 20 तोला गहने बेच दिए. बाकी बचे 31 तोला सोने के गहने उसके पास से बरामद कर लिए गए हैं. पुलिस का कहना है कि चोरी के बाकी गहनों और उन्हें खरीदने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है. मामले में आगे की जांच जारी है.
इस हाई-प्रोफाइल चोरी की जांच के दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी की पहचान करना था. क्राइम ब्रांच ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन हर जगह आरोपी मास्क और टोपी पहनकर दिखाई दिया. उसने किसी भी कैमरे के सामने अपना चेहरा नहीं दिखाया. यहां तक कि जब वह खाना खाने के लिए किसी होटल या ढाबे पर जाता था, तब भी पहले यह सुनिश्चित करता था कि वहां सीसीटीवी कैमरा न लगा हो. यही वजह थी कि पुलिस के लिए उसकी पहचान करना बेहद मुश्किल साबित हो रहा था.
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी चोरी करने के लिए बेहद सुनियोजित तरीका अपनाता था. वह मुंबई से ट्रेन के जरिए पहले भरूच पहुंचता था और वहां से अलग-अलग रिक्शा बदलते हुए वडोदरा आता था. इस तरह वह अपने आने-जाने का कोई स्पष्ट ट्रैक नहीं छोड़ता था. हर बार मास्क और टोपी पहनने की वजह से उसकी पहचान छिपी रहती थी और पुलिस को उसके मूवमेंट को जोड़ने में काफी परेशानी होती थी.
आखिरकार पुलिस ने रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी. इसी दौरान पंड्या ब्रिज के नीचे संदिग्ध हालत में घूम रहे अनिल राजभर को हिरासत में लिया गया. उसकी तलाशी लेने पर बैग से सोने और चांदी के गहने, नकदी तथा मोबाइल फोन बरामद हुए. जब वह इन गहनों से जुड़े कोई वैध दस्तावेज या बिल नहीं दिखा सका तो पुलिस ने 34.29 लाख रुपये से अधिक कीमत का सामान जब्त कर लिया.
पुलिस की कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और उसने सयाजीगंज में चोरी की वारदात कबूल कर ली. उसने यह भी स्वीकार किया कि चोरी के कुछ गहने वह मुंबई में बेच चुका है. पूछताछ में आरोपी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया. पुलिस के अनुसार, अनिल राजभर वर्ष 2004 से चोरी की वारदातों में सक्रिय है.
पिछले 22 वर्षों में उसने मुंबई, ठाणे, पालघर, पुणे, बेलगाम और गुजरात के वडोदरा के गोत्री, मांजलपुर और सयाजीगंज समेत कई इलाकों में 26 से अधिक चोरियों को अंजाम दिया है. अधिकांश मामलों में उसने दिन के समय बंद मकानों को निशाना बनाया ताकि लोगों को शक न हो और आसपास कम हलचल रहे.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी जेल से रिहा होने के सिर्फ 10 दिन बाद ही फिर से चोरी करने निकल पड़ा. पुलिस के मुताबिक जेल से बाहर आते ही उसने पहले से परिचित शहर वडोदरा को निशाना बनाया क्योंकि वह यहां पहले भी चोरी कर चुका था और इलाके की जानकारी रखता था.
फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने अन्य राज्यों में हाल के दिनों में भी कोई वारदात की है या नहीं. साथ ही मुंबई में बेचे गए गहनों की बरामदगी और चोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
ब्रिजेश दोशी