मणिपुरी म्यूजिशियन C. विक्रम सिंह की हत्या में नया खुलासा, 'सबक सिखाने' के इरादे से की थी पिटाई, पूछताछ में दावा

मणिपुरी म्यूजिशियन सी. विक्रम सिंह की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है. पूछताछ में आरोपियों ने शोर-शराबे को लेकर उन्हें 'सबक सिखाने' के लिए पीटने की बात कही है. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG) इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:52 PM IST

दिल्ली में मणिपुरी म्यूजिशियन चोंगथाम विक्रम सिंह की मौत के मामले में नया खुलासा सामने आया है. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि विक्रम सिंह उनके घर के बाहर होने वाले शोर-शराबे पर आपत्ति जताते थे. इसी बात को लेकर आरोपी उन्हें पीटकर 'सबक सिखाना' चाहते थे. हालांकि, आरोपियों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि मारपीट में संगीतकार की जान चली जाएगी.

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पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि किलोकारी इलाके में सी. विक्रम सिंह के घर के बाहर कुछ लोग अक्सर जमा होते थे. उनके मुताबिक, विक्रम सिंह ने वहां होने वाले शोर को लेकर कई बार आपत्ति जताई थी. उन्होंने कुछ मौकों पर पास के ढाबे के मालिक से भी वहां जुटने वाले लोगों के कारण होने वाले शोर की शिकायत की थी. हालांकि, पुलिस का कहना है कि शोर-शराबे को लेकर विक्रम सिंह की कोई औपचारिक शिकायत उसके पास दर्ज नहीं थी.

6 सितंबर की रात हुई मारपीट

इस मामले में दर्ज FIR के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे विक्रम सिंह के बेटे याइफाबा ने घर के बाहर अपने पिता के चिल्लाने की आवाज सुनी. आवाज सुनकर उसने घर का दरवाजा खोला तो बाहर 4-5 लड़के उसके पिता को लात-घूंसों से पीटते दिखाई दिए. याइफाबा ने शोर मचाया तो सभी आरोपी बताए जा रहे युवक वहां से भाग निकले. याइफाबा का दावा है कि भागते समय उसने उन लड़कों के चेहरे देख लिए थे और सामने आने पर उन्हें पहचान सकता है.

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याइफाबा ने पुलिस को बताया कि वह अपने परिवार के साथ किलोकारी में दिए गए पते पर रहता है और मूल रूप से इंफाल, मणिपुर का रहने वाला है. वह नोएडा के एशियन लॉ कॉलेज से BA LLB की पढ़ाई कर रहा है. उसके मुताबिक, उसके पिता सी. विक्रम सिंह म्यूजिशियन थे और करीब 7-8 साल से कोई काम नहीं करते थे. वह ज्यादातर समय घर पर ही रहते थे.

मारपीट के बाद याइफाबा ने अपनी मां जोलचा और पड़ोसी राडो की मदद से घायल पिता को टैक्सी से अस्पताल ले जाने का फैसला किया. FIR के मुताबिक, उन्हें होली फैमली हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था. इसी दौरान टैक्सी में विक्रम सिंह ने कथित तौर पर अपने बेटे को बताया कि जिन लड़कों ने उनके साथ मारपीट की, वे सामने वाले ढाबे से आए थे. FIR में यह भी दर्ज है कि इन लड़कों में से कुछ के साथ विक्रम सिंह की पहले भी कहासुनी हो चुकी थी.

याइफाबा के बयान के मुताबिक, उसके पिता ने पहले इन लड़कों को घर के बाहर शोर-शराबा करने से मना किया था. बेटे का आरोप है कि इसी बात को लेकर कुछ लड़के उसके पिता को पहले भी धमकाते थे. हालांकि, FIR में दर्ज ये बातें शिकायतकर्ता और मृतक के कथित बयान पर आधारित हैं. इन आरोपों की पुष्टि और घटना की पूरी वजह पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगी.

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याइफाबा के मुताबिक, अस्पताल ले जाते समय टैक्सी में उसके पिता ने उसे मारपीट की घटना के बारे में जानकारी दी थी. लेकिन अस्पताल पहुंचने के दौरान ही विक्रम सिंह बेहोश हो गए. इसके बाद उन्हें होली फैमली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

FIR में याइफाबा ने अपने पिता की मौत को घर के बाहर हुई मारपीट से जोड़ा है. उसका आरोप है कि जिन लड़कों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट की, उसी हमले की वजह से उनकी मौत हुई. उसने पुलिस से मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

FIR के मुताबिक, पुलिस ने याइफाबा का बयान दर्ज किया है. शिकायतकर्ता ने बयान को पढ़कर और समझकर सही बताया है. अब पुलिस इस मामले में आरोपियों की भूमिका, मारपीट की वजह और विक्रम सिंह की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है. जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि घटना में कितने लोग शामिल थे और उनके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई बनती है.

मामले में दर्ज शिकायत के अनुसार, 6 सितंबर की रात विक्रम सिंह के घर के बाहर 4-5 लड़कों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की थी. उनके बेटे ने आरोपियों को देखने और उनके चेहरे पहचानने का दावा किया है. घायल हालत में विक्रम सिंह को पत्नी जोलचा और पड़ोसी राडो की मदद से टैक्सी के जरिए अस्पताल ले जाया गया था. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

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पूछताछ में सामने आई 'सबक सिखाने' वाली बात इस केस में अहम मानी जा रही है. आरोपियों के कथित बयान के मुताबिक, उनका मकसद विक्रम सिंह को शोर-शराबे पर आपत्ति जताने के लिए डराना या सबक सिखाना था. लेकिन मारपीट के बाद उनकी मौत हो गई. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमला किसने किया, किसकी क्या भूमिका थी और विक्रम सिंह की मौत का सीधा कारण क्या था?

फिलहाल, इस मामले में FIR में दर्ज आरोप, शिकायतकर्ता का बयान और पूछताछ में सामने आई जानकारी जांच का हिस्सा हैं. पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की पूरी तस्वीर साफ होगी. विक्रम सिंह की मौत के मामले में पुलिस अब आरोपियों की पहचान, उनके बीच पुराने विवाद और मारपीट से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.
 

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