अहमदाबाद में रहने वाली कई अकेली और विधवा महिलाओं के लिए एक शख्स भरोसे, प्रेम और नए जीवन की उम्मीद बनकर आया था. वह खुद को 'आदित्य पटेल' बताता था. उसकी बातें इतनी मीठी थीं कि सामने वाला आसानी से उसके झांसे में आ जाता. लेकिन इस नाम और चेहरे के पीछे छिपी थी एक ऐसी साजिश, जिसका खुलासा होने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई.
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 44 वर्षीय करीम रफीकभाई सिपाही को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि करीम मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर खुद को हिंदू युवक 'आदित्य पटेल' बताकर प्रोफाइल बनाता था. वह खास तौर पर उन महिलाओं को निशाना बनाता था जो अकेले जीवन जी रही थीं या विधवा थीं और जीवनसाथी की तलाश में थीं.
खुद की लग्जरी जीवनशैली दिखाता
करीम पहले महिलाओं से दोस्ती करता, फिर धीरे-धीरे उनके विश्वास में जगह बना लेता. वह खुद को सफल कारोबारी बताता और आलीशान बंगलों तथा लग्जरी जीवनशैली की तस्वीरें भेजकर महिलाओं को प्रभावित करता था. वह दावा करता कि उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है और उसके कोई बच्चे नहीं हैं. इस भावनात्मक कहानी के जरिए वह महिलाओं की सहानुभूति और भरोसा जीत लेता था.
नंबर शेयर करने के बाद चैट शुरू
जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ती, करीम महिलाओं को निजी नंबर देता और घंटों चैट करता. कई बार वह उपहार भी भेजता, ताकि सामने वाली महिला को उस पर पूरा भरोसा हो जाए. लेकिन जब रिश्ता गहरा हो जाता, तब उसका असली खेल शुरू होता. शादी का झांसा देकर वह महिलाओं से व्यापार, निवेश या किसी अन्य बहाने से पैसे मांगता. कुछ मामलों में उसने नकदी, वाहन और अन्य कीमती सामान भी हासिल किए.
'आदित्य पटेल' नाम से डॉक्यूमेंट बनवाई
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि करीम ने अपनी फर्जी पहचान को मजबूत बनाने के लिए 'आदित्य पटेल' नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और यहां तक कि पासपोर्ट भी बनवा रखा था. इससे महिलाओं को उसके झूठ पर शक करने का कोई कारण नहीं मिलता था.
100 महिलाओं के फोटो और वीडियो मिले
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की और आखिरकार करीम को गिरफ्तार कर लिया. उसके मोबाइल फोन की जांच में करीब 100 महिलाओं का डेटा मिला है. इसके अलावा कई महिलाओं के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बरामद किए गए हैं.
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल के अनुसार अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि करीम ने फर्जी दस्तावेज कैसे बनवाए, इसमें उसकी मदद किसने की और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अब तक उसने कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया और उनसे कितनी रकम की ठगी की.
फिलहाल करीम पुलिस रिमांड पर है और जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं. यह मामला एक बार फिर ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते साइबर धोखाधड़ी और फर्जी पहचान के खतरों को उजागर करता है.
अतुल तिवारी