Epstein Files: बिल गेट्स और एपस्टीन की 30 मुलाकातों का खुलासा, स्टाफ ने पहले ही जताई थी ये चिंता

गेट्स फाउंडेशन की बाहरी जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बिल गेट्स और जेफ्री एपस्टीन के बीच 2011 से 2014 के दौरान करीब 30 मुलाकातें हुईं. रिपोर्ट में किसी गैरकानूनी काम का सबूत तो नहीं मिला, लेकिन कर्मचारियों ने अपनी चिंता जताई थी. पढ़ें पूरी कहानी.

Advertisement
बिल गेट्स और जेफ्री एपस्टीन 2011 से 2014 के बीच कई बार मिले थे (फोटो-ITG) बिल गेट्स और जेफ्री एपस्टीन 2011 से 2014 के बीच कई बार मिले थे (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:27 PM IST

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स और उनकी संस्था गेट्स फाउंडेशन को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है. बाहरी कानूनी फर्म विलमरहेल (WilmerHale) की जांच में खुलासा हुआ है कि बिल गेट्स और गेट्स फाउंडेशन के अधिकारियों ने दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से 2011 से 2014 के बीच करीब 30 बार मुलाकात की थी. रिपोर्ट के मुताबिक इन बैठकों के दौरान फाउंडेशन के कुछ कर्मचारियों ने एपस्टीन के साथ जुड़ने से संस्था की साख पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता भी जताई थी. हालांकि जांच में किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि या एपस्टीन को भुगतान किए जाने का कोई सबूत नहीं मिला.

Advertisement

रिपोर्ट के अनुसार ये मुलाकातें मुख्य रूप से एक ऐसे वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य निवेश कोष (Public Health Fund) पर चर्चा के लिए हुई थीं, जो आखिरकार कभी अस्तित्व में नहीं आ सका. इसके अलावा इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (International Peace Institute) को दिए गए एक अनुदान को लेकर भी बातचीत हुई थी. इस संस्था का नेतृत्व उस समय टेरजे रोड-लार्सन कर रहे थे, जिन्हें एपस्टीन का करीबी माना जाता था. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बैठकों का मकसद परोपकारी परियोजनाओं पर चर्चा था.

जांच रिपोर्ट के मुताबिक करीब 30 बैठकों में से कई न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित जेफ्री एपस्टीन के आलीशान टाउनहाउस में हुईं. इसके अलावा एक बैठक गेट्स फाउंडेशन के कैंपस में भी आयोजित की गई थी. इन सभी बैठकों का समय 2011 से 2014 के बीच का बताया गया है. गेट्स फाउंडेशन ने मंगलवार को विलमरहेल की तीन पन्नों की सारांश रिपोर्ट जारी की, लेकिन पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई.

Advertisement

रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि गेट्स फाउंडेशन की ओर से एपस्टीन को कोई भुगतान नहीं किया गया और न ही ऐसा कोई सबूत मिला, जिससे यह साबित हो कि संस्था ने कोई गैरकानूनी काम किया हो. दूसरी ओर बिल गेट्स पर भी एपस्टीन के यौन अपराधों में किसी तरह की संलिप्तता का आरोप नहीं है. गेट्स पहले भी कई बार कह चुके हैं कि उन्हें एपस्टीन द्वारा लड़कियों के साथ किए गए अपराधों की जानकारी नहीं थी. पिछले महीने अमेरिकी कांग्रेस की एक समिति के सामने उन्होंने माना था कि एपस्टीन से मिलना उनके जीवन का गंभीर निर्णयात्मक भूल (Grave Error in Judgment) था.

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा एपस्टीन मामले से जुड़े दस्तावेज जारी किए जाने के बाद बिल गेट्स का नाम भी उन रिकॉर्ड में सामने आया था. हालांकि इन दस्तावेजों में टेक्नोलॉजी, वित्त, राजनीति और कारोबार जगत की कई बड़ी हस्तियों के नाम शामिल हैं और सभी ने एपस्टीन के अपराधों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है. गौरतलब है कि जेफ्री एपस्टीन पर जुलाई 2019 में नाबालिग लड़कियों की सेक्स ट्रैफिकिंग और साजिश के संघीय आरोप लगाए गए थे. मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से पहले ही जेल में उसकी आत्महत्या हो गई थी.

Advertisement

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बिल गेट्स और एपस्टीन की मुलाकात एक ऐसे सलाहकार के जरिए हुई थी, जो गेट्स फाउंडेशन और बिल गेट्स के निजी कार्यालय दोनों के साथ काम करता था. उस समय तक एपस्टीन एक नाबालिग से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था. इसके बावजूद एपस्टीन ने गेट्स को सुझाव दिया कि दुनिया के अमीर लोगों के दान को एक जगह इकट्ठा कर वैश्विक स्वास्थ्य परियोजनाओं के लिए एक बड़ा निवेश कोष बनाया जाए. गेट्स के कहने पर फाउंडेशन के कर्मचारियों ने इस योजना के कानूनी और टैक्स से जुड़े पहलुओं पर भी एपस्टीन के साथ चर्चा की.

इन्हीं चर्चाओं के तहत दिसंबर 2014 में मैनहट्टन स्थित एपस्टीन के घर पर एक नाश्ते की बैठक हुई, जिसमें बिल गेट्स, फाउंडेशन के अधिकारी और कुछ संभावित दानदाता शामिल हुए. लेकिन बाद में गेट्स इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि एपस्टीन ने संभावित दानदाताओं की रुचि और योगदान देने की इच्छा को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था. इसके बाद गेट्स फाउंडेशन ने इस निवेश कोष की योजना पर आगे काम करना बंद कर दिया.

रिपोर्ट में इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम का भी जिक्र है. साल 2012 में एपस्टीन ने बिल गेट्स की मुलाकात संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष टेरजे रोड-लार्सन से कराई थी. इसके अगले वर्ष गेट्स फाउंडेशन ने पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के लिए इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट को अनुदान देने का समझौता किया. बाद में वर्ष 2020 में रोड-लार्सन ने एपस्टीन से अपने संबंधों के विवाद के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था.

Advertisement

जांच में यह भी सामने आया कि गेट्स को एपस्टीन के यौन अपराधों की जानकारी थी और फाउंडेशन के कई कर्मचारियों ने उनके साथ संबंध रखने को लेकर चिंता भी जताई थी. इसके बावजूद कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच परोपकारी योजनाओं पर बातचीत जारी रही. हालांकि रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच के दौरान बिल गेट्स के निजी ईमेल, निजी संदेश या व्यक्तिगत क्षमता में एपस्टीन से उनके संबंधों की समीक्षा नहीं की गई.

पीटीआई के मुताबिक, गेट्स फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क सुज़मैन ने कहा कि इस रिपोर्ट के बाद फाउंडेशन के बोर्ड ने साझेदारों की जांच (Vetting Process) और जोखिम प्रबंधन (Risk Management) को और मजबूत करने के लिए नए कदमों को मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि संस्था का पूरा काम ईमानदारी और साझेदारों के विश्वास पर आधारित है, इसलिए भविष्य में ऐसे मामलों में और अधिक सतर्कता बरती जाएगी. फाउंडेशन ने इस बयान के अलावा कोई टिप्पणी नहीं की.

इस रिपोर्ट के सामने आने से ठीक पहले एक और घटनाक्रम चर्चा में रहा था. दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट ने इस वर्ष अपने वार्षिक दान में गेट्स फाउंडेशन को शामिल नहीं किया. बफेट ने स्पष्ट किया कि इसका मुख्य कारण यह था कि अब उनके तीनों बच्चे उनकी संपत्ति को मैनेज करने के लिए तैयार हैं. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि एपस्टीन के साथ बिल गेट्स का जुड़ाव उन्हें 'अप्रिय' (Distasteful) लगा था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »