भोपाल में एक घटना ने पुलिस थाने की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, जहां चोरी के आरोप में पकड़ा गया एक आरोपी रविवार तड़के कमला नगर थाने की बैरक से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. आरोपी के थाने से निकलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल उसकी तलाश शुरू कर दी. घंटों की मशक्कत के बाद आरोपी पकड़ा गया. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पुलिस की हिरासत में मौजूद आरोपी बैरक से बाहर निकलने में कैसे कामयाब हो गया?
आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही कमला नगर थाना पुलिस सक्रिय हो गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी क्राइम और डीसीपी जोन-1 प्रभारी अखिल पटेल ने क्राइम ब्रांच की टीम को भी आरोपी की तलाश में लगा दिया. इसके बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमें भोपाल के विभिन्न इलाकों में सर्चिंग करने लगीं. पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों के साथ-साथ उसके आने-जाने वाले रास्तों की भी जानकारी जुटाई.
करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद क्राइम ब्रांच को आरोपी के पुराने भोपाल के इतवारा इलाके में होने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया. आरोपी की पहचान अभय राजपूत, पिता धर्मेंद्र राजपूत के रूप में हुई है. गिरफ्तारी के बाद उसे कमला नगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां उससे पूछताछ की गई.
पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी अभय राजपूत को रविवार दोपहर न्यायालय में पेश किया गया. कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया. पुलिस के मुताबिक आरोपी मूल रूप से विदिशा का रहने वाला है और फिलहाल भोपाल के कोटरा इलाके में रह रहा था. हालांकि, पुलिस ने उसे कुछ ही घंटों में दोबारा गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उसके थाने से फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
दरअसल, कमला नगर थाना प्रभारी निरूपा पांडे के मुताबिक रविवार सुबह थाने में स्टाफ कम था. इसी दौरान आरोपी बैरक से पुलिस को चकमा देकर बाहर निकल गया. अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. खास तौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बैरक का ताला किसने खोला, वह कैसे खुला और आरोपी को बाहर निकलने का मौका कैसे मिला?
चोरी के आरोप में पकड़ा गया आरोपी करीब छह घंटे तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा और फिर क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल आरोपी जेल पहुंच चुका है, लेकिन अब जांच का फोकस इस बात पर है कि आखिर पुलिस थाने की बैरक से आरोपी इतनी आसानी से फरार कैसे हो गया. इस मामले में जिम्मेदारी तय होने के बाद ही सुरक्षा में हुई चूक की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी.
रवीश पाल सिंह