असम के हैलाकांदी जिले में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को रेप के बाद बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया. शनिवार रात नेशनल हाईवे-6 के पास मौजूद घर में लड़की की लाश बरामद हुई. परिवार का आरोप है कि उसके साथ जानवरों की तरह दरिंदगी की गई और फिर उसकी हत्या कर दी गई. इसके बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और रविवार को पांच युवकों को हिरासत में ले लिया था. सोमवार तक तीन किशोरों को गिरफ्तार कर लिया गया. ये आरोपी 17 से 19 साल की उम्र के बीच के हैं.
हैलाकांदी के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) अमिताभ सिन्हा ने बताया कि एक आरोपी साढ़े सत्रह साल का है. मामले की क्रूरता को देखते हुए पुलिस ने अदालत से अनुरोध किया है कि उसे वयस्क माना जाए. घटना शनिवार रात करीब ग्यारह बजे अलोइचोरा इलाके में कटलीचेरा थाना क्षेत्र में हुई. पीड़िता का परिवार उस समय पास के रिश्तेदार के घर दावत में गया हुआ था. एसएसपी ने कहा कि यह एक ऐसा मोहल्ला है, जहां एक ही बड़े परिवार के कई सदस्य साथ रहते हैं और घटना के समय परिवार वाले ज्यादा दूर नहीं थे.
मां ने बताया कि लड़की भी दावत में शामिल थी. चचेरे भाई से झगड़े के बाद वह रात दस बजकर तीस मिनट पर घर चली गई. परिवार ने सोचा कि बाद में उसके लिए खाना ले आएंगे. लगभग एक घंटे बाद जब वे घर पहुंचे तो वहां का मंजर बहुत भयानक था. फर्श पर लड़की की लाश पड़ी थी और लगभग पहचान में नहीं आ रही थी. मां ने कहा कि कोई इंसान किसी छोटी लड़की के साथ इस तरह का बर्ताव कैसे कर सकता है. उन्होंने आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की। बहन का आरोप है कि हमलावरों ने हमले के बाद बर्तनों और दूसरी चीज़ों से उसके जिस्म को क्षत-विक्षत किया.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि पीड़िता के निजी अंग क्षतिग्रस्त पाए गए और शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे. इससे पता चलता है कि उसके साथ विभिन्न वस्तुओं से यातना दी गई. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) समीर दपार बरुआ ने बताया कि तीनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1) नाबालिग से बलात्कार, 103(1) हत्या और POCSO अधिनियम 2012 की धारा 6 गंभीर यौन हमला के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच आगे बढ़ने पर और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं. कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं.
पुलिस ने कई अन्य लोगों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं. पीड़िता का मोबाइल अभी तक नहीं मिला, जिसके जल्द बरामद होने की उम्मीद है. कई लोगों से पूछताछ चल रही है. आरोपियों को अदालत में पेश किया गया लेकिन पुलिस ने जांच के संवेदनशील चरण का हवाला देते हुए और जानकारी नहीं दी. एसएसपी ने आम लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की कि वे मामले से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक न करें. उन्होंने कहा कि लोगों की भावना समझ में आती है लेकिन मामले की संवेदनशीलता को भी समझना जरूरी है.
एसएसपी सिन्हा ने बताया कि हत्या का मकसद अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है. आरोपी पीड़िता को जानते थे और उसके घर के बारे में पूरी जानकारी रखते थे. वे जानते थे कि कब और कहां जाना है. लड़की और लड़कों के बीच संपर्क भी थे, जिसकी आगे जांच हो रही है. जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता. पूरी जांच चल रही है. क्षेत्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब की टीमें सबूतों की जांच कर रही हैं. इनमें तेज धार वाली वस्तुएं, शरीर से लिए गए नमूने और घटनास्थल के साक्ष्य शामिल हैं.
इस घटना के बाद हैलाकांदी और बराक घाटी के अन्य इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. रविवार को स्थानीय लोगों ने असम-मिजोरम को जोड़ने वाले एनएच-6 को जाम कर दिया. सोमवार को भी विरोध जारी रहा. प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की. कुछ लोगों ने पुलिस से एनकाउंटर की बात भी कही. परिवार ने भी पूंजी सजा और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि न्याय में देरी न्याय से इनकार के बराबर है. वे असम के मुख्यमंत्री और न्यायपालिका से अपील करते हैं कि मामले की जल्द सुनवाई हो.
परिवार के अनुसार पीड़िता कक्षा दस की छात्रा थी. वह उच्च शिक्षा हासिल कर सरकारी नौकरी पाना चाहती थी. घटना के बाद सोशल मीडिया पर न्याय की मांग को लेकर अभियान चल रहा है. कई जगहों पर कैंडल मार्च भी निकाले गए हैं. सोमवार शाम कछार जिले के द्वारबोंड इलाके में सैकड़ों स्थानीय लोग सड़क पर उतरे और कैंडल मार्च निकाला.
सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा नेता धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि यह घटना समाज के लिए शर्मनाक है और युवा लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है. उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों और युवाओं की जिम्मेदारी लेनी होगी. चाहे लड़का हो या लड़की, बिना सही समर्थन के कोई सुरक्षित नहीं है.
(हैलाकांदी से पूर्णा विकास बोरा की रिपोर्ट)
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