इंदौर में 'सोनम-राजा रघुवंशी' जैसी साजिश! प्रेमी संग मिलकर पत्नी ने कराई पति की हत्या, तीनों को मिली उम्रकैद

इंदौर के चंदन नगर में पत्नी ने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर पति जावेद मंसूरी की हत्या कर दी. गुमशुदगी की झूठी कहानी रचकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जांच में साजिश का खुलासा हो गया. अदालत ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई.

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इस मामले को राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह देखा जा रहा है (फोटो-ITG) इस मामले को राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह देखा जा रहा है (फोटो-ITG)

धर्मेंद्र कुमार शर्मा

  • इंदौर,
  • 01 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:54 PM IST

मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह मध्य प्रदेश के इंदौर में भी एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर पति की हत्या की खौफनाक साजिश रची और उसे अंजाम तक पहुंचाया. हत्या के बाद उसने खुद ही थाने पहुंचकर पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, ताकि किसी को उस पर शक न हो. लेकिन उसकी चाल काम नहीं आई और कत्ल का राज खुल गया.

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हालांकि पुलिस की तकनीकी जांच और पूछताछ के बाद पूरी साजिश का खुलासा हो गया. करीब तीन साल तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और उसके साथी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

अभियोजन के मुताबिक यह मामला इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र का है. अप्रैल 2023 में रूखसाना ने अपने पति जावेद मंसूरी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसने पुलिस को बताया था कि जावेद काम की तलाश में घर से निकले थे और रात में सब्जी लेकर लौटने की बात कहकर गए थे. इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और वे घर वापस नहीं लौटे. 

शुरुआती जांच में मामला सामान्य गुमशुदगी का प्रतीत हुआ, इसलिए पुलिस उसी दिशा में जांच आगे बढ़ा रही थी. जांच के दौरान जावेद मंसूरी के परिजनों ने पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने बताया कि रूखसाना का सद्दाम हुसैन नाम के युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था. परिवार ने आशंका जताई कि इसी रिश्ते की वजह से जावेद की हत्या कराई गई हो सकती है. 

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इसी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रूखसाना, जावेद, सद्दाम और शाकिर के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की. पूछताछ के दौरान भी कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पुलिस के शक को और मजबूत कर दिया.

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 21 अप्रैल 2023 की रात रूखसाना ने अपने प्रेमी सद्दाम हुसैन और उसके साथी शाकिर खान के साथ मिलकर जावेद मंसूरी की हत्या की थी. हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने शव को ग्रीन पार्क कॉलोनी के एक खाली मैदान में छिपा दिया, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे. इसके बाद शक से बचने और पुलिस को गुमराह करने के लिए रूखसाना ने खुद ही पति की गुमशुदगी की झूठी कहानी तैयार की और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. 

लेकिन मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और पूछताछ में मिले तथ्यों ने उनकी पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया. इसके बाद करीब तीन साल तक चले ट्रायल के बाद नवम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इस मामले में फैसला सुना दिया. अदालत ने सद्दाम हुसैन और शाकिर खान को हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य छिपाने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास सहित अन्य सजाएं सुनाईं. 

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वहीं, आरोपी पत्नी रूखसाना को हत्या और आपराधिक साजिश के अपराध में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई. अदालत ने माना कि तीनों ने सुनियोजित तरीके से हत्या की और बाद में घटना को छिपाने की कोशिश भी की. हाल के महीनों में चर्चित रहे मेघालय के सोनम रघुवंशी-राजा रघुवंशी हत्याकांड की वजह से इस मामले की भी चर्चा हो रही है. 

हालांकि दोनों मामलों की परिस्थितियां और घटनाक्रम अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों में एक समानता दिखाई देती है. दोनों मामलों में प्रेम प्रसंग हत्या की बड़ी वजह बना और हत्या के बाद शुरुआती स्तर पर वारदात को छिपाने या पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई. यही वजह है कि इंदौर का यह मामला भी अब प्रदेश के चर्चित हत्या के मामलों में शामिल हो गया है.

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