Tatkal Ticket Rule Change: AC- 10 टोकन, स्लीपर- 15 टोकन... तत्काल टिकट के लिए 1 अगस्त से ये नया नियम

Tatkal Booking New Rule: भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य रेलवे जोन ने रिजर्वेशन काउंटरों पर होने वाली भारी भीड़, भगदड़ और दलालों की मनमानी को खत्म करने के लिए 'टोकन' सिस्टम का नया नियम लागू करने का फैसला किया है.

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काउंटर तत्काल टिकट को लेकर नया नियम. (Photo: ITG) काउंटर तत्काल टिकट को लेकर नया नियम. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST

अगस्त की पहली तारीख से देश में कई बदलाव होने जा रहे हैं. तत्काल रेल टिकट का नियम भी बदलने वाला है. दरअसल, अगर आप भारतीय रेलवे के काउंटर पर जाकर तत्काल टिकट बुक करवाते हैं, तो 1 अगस्त से लागू होने वाले इस नियम के बारे में जान लें. 

1 अगस्त 2026 से तत्काल टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य रेलवे जोन ने रिजर्वेशन काउंटरों पर होने वाली भारी भीड़, भगदड़ और दलालों की मनमानी को खत्म करने के लिए 'टोकन' सिस्टम का नया नियम लागू करने का फैसला किया है.

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क्यों किया गया यह बदलाव?
अक्सर देखा जाता है कि तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होते ही खिड़की पर अफरा-तफरी मच जाती है. दलाल और कुछ असामाजिक तत्व पहले से लाइन पर कब्जा जमा लेते हैं, जिससे घंटों लाइन में खड़े रहने वाले आम यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता है. 

इसी समस्या को दूर करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए रेलवे अब पहले टोकन बांटेगा और उसी टोकन नंबर के आधार पर यात्रियों को खिड़की पर बुलाएगा. 

टोकन मिलने का नया समय
पहले टिकट काउंटर खुलने से ठीक पहले टोकन दिए जाते थे, जिससे धक्का-मुक्की होती थी. अब टोकन बांटने का समय बुकिंग शुरू होने से काफी पहले तय कर दिया गया है. एसी क्लास की बुकिंग सुबह 10:00 बजे शुरू होती है. इसके लिए टोकन का वितरण सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे के बीच किया जाएगा. स्लीपर क्लास की बुकिंग सुबह 11:00 बजे शुरू होती है. इसके लिए टोकन सुबह 9:30 बजे से 10:00 बजे के बीच बांटे जाएंगे.

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प्रति काउंटर टोकन की सीमा तय
अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए रेलवे ने हर बुकिंग काउंटर के लिए टोकन की अधिकतम संख्या सीमित कर दी है. एसी टिकट के लिए प्रति काउंटर अधिकतम 10 टोकन ही मिलेंगे. जबकि स्लीपर/नॉन-एसी टिकट के लिए हर काउंटर अधिकतम 15 टोकन दिए जाएंगे. 

इस सीमा से उन लोगों का समय बर्बाद नहीं होगा, जिन्हें टोकन न मिलने के कारण पहले ही पता चल जाएगा कि उनका टिकट नहीं बन पाएगा. अब कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे या एजेंट के नाम पर टोकन नहीं ले सकेगा. 


टोकन लेते समय यात्री को अपना मूल पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस दिखाना अनिवार्य होगा. टोकन पर यात्री का नाम दर्ज किया जाएगा ताकि दलाल इसका गलत फायदा न उठा सकें. काउंटर पर टिकट बनवाते समय भी वही आईडी प्रूफ दिखाना होगा. 

आम यात्रियों को क्या फायदा होगा?
टोकन मिलने के बाद यात्रियों को खिड़की के सामने धूप या भीड़ में खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी. वे आराम से बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर सकते हैं. सही समय पर टोकन मिलने से बुकिंग का काम तेजी से और बिना किसी हंगामे के पूरा हो जाएगा. 

ऐसे अगर आप 1 अगस्त के बाद पश्चिम मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों जैसे कि भोपाल, जबलपुर, कोटा मंडल से तत्काल टिकट बनवाना चाहते हैं, तो समय पर स्टेशन पहुंचे, अपना भरा हुआ रिजर्वेशन फॉर्म और ओरिजिनल आईडी प्रूफ साथ रखना न भूलें. 
 

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