अगर आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड, सुकन्या समृद्धि योजना या सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम जैसी सरकारी बचत योजनाओं में पैसा लगाते हैं, तो अगले 3 महीने आपके निवेश पर मिलने वाला ब्याज नहीं बदलेगा. सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 क्वार्टर के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी 1 अक्टूबर से शुरू हुई नई तिमाही में भी निवेशकों को पिछली तिमाही वाली ही दरें मिलेंगी. यह लगातार 9वीं तिमाही है, जब सरकार ने इन दरों को जस का तस रखा है.
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने बुधवार को छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को लेकर फैसला जारी किया. सरकार के इस फैसले का असर 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक के क्वार्टर पर रहेगा. इस दौरान सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिलता रहेगा. सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) की ब्याज दर भी 8.2 फीसदी रहेगी. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर 7.7 फीसदी ब्याज मिलेगा. किसान विकास पत्र (KVP) और 5 साल के पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट पर 7.5 फीसदी ब्याज की दर बनी रहेगी.
बाकी छोटी बचत योजनाओं की नई दरें
मंथली इनकम स्कीम (MIS) पर 7.4 फीसदी ब्याज मिलेगा. वहीं पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की ब्याज दर 7.1 फीसदी बनी रहेगी. 3 साल के पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट पर भी 7.1 फीसदी ब्याज मिलेगा. इसके अलावा 2 साल के पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट पर 7 फीसदी, 1 साल की जमा पर 6.9 फीसदी और 5 साल की रेकरिंग डिपॉजिट (RD) पर 6.7 फीसदी ब्याज मिलेगा. पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट पर ब्याज दर 4 फीसदी ही रहेगी.
| छोटी बचत योजना | ब्याज दर |
|---|---|
| सुकन्या समृद्धि योजना | 8.2% |
| सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम | 8.2% |
| नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) | 7.7% |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.5% |
| 5 साल का पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट | 7.5% |
| मंथली इनकम स्कीम (MIS) | 7.4% |
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.1% |
| 3 साल का पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट | 7.1% |
| 2 साल का पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट | 7.0% |
| 1 साल का पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट | 6.9% |
| 5 साल की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) | 6.7% |
| पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट | 4.0% |
SSY में 5000 मंथली इंवेस्ट, कितना पैसा?
अगर आप सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में ₹5,000 हर महीने जमा करते हैं और मौजूदा 8.2% ब्याज दर मानें, तो मोटे तौर पर हिसाब ऐसा बनेगा:
मासिक निवेश: ₹5,000
सालाना निवेश: ₹60,000
जमा करने की अवधि: 15 साल
15 साल में कुल जमा: ₹9,00,000
खाता मैच्योरिटी: 21 साल
मौजूदा ब्याज दर: 8.2%
21 साल में अनुमानित रकम: करीब ₹28.5 लाख
यानी ₹9 लाख जमा करके करीब ₹28.5 लाख का फंड बन सकता है. इसमें करीब ₹19.5 लाख ब्याज के तौर पर जुड़ेंगे. ध्यान रहे, SSY की ब्याज दर सरकार समय-समय पर बदलती है, इसलिए 21 साल बाद मिलने वाली वास्तविक रकम आज से तय नहीं मानी जा सकती. यह गणना पूरे समय 8.2% ब्याज दर बने रहने की स्थिति में अनुमान है. सुकन्या समृद्धि योजना खाते के लिए न्यूनतम सालाना जमा राशि ₹250 है और अधिकतम सालाना जमा राशि ₹1.5 लाख है. यह खाता 10 साल तक की बच्चियों के लिए खोल सकते हैं. यह एक टैक्स-फ्री सरकारी बचत योजना है.
PPF में 5000 मंथली इंवेस्ट, कितना पैसा?
अगर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में ₹5,000 हर महीने जमा करते हैं और मौजूदा 7.1% ब्याज दर पूरे समय बनी रहती है, तो 15 साल में मोटे तौर पर:
मासिक निवेश: ₹5,000
सालाना निवेश: ₹60,000
जमा करने की अवधि: 15 साल
15 साल में कुल जमा: ₹9,00,000
मौजूदा ब्याज दर: 7.1%
15 साल बाद कुल रकम: करीब ₹15.98 लाख
यानी पीपीएफ में 15 साल में ₹9 लाख के निवेश पर करीब ₹16 लाख का फंड बन सकता है. ध्यान दें: PPF में ब्याज सरकार हर तिमाही तय करती है, इसलिए 15 साल की वास्तविक रकम भविष्य की ब्याज दरों पर निर्भर करेगी. यह अनुमान 7.1% ब्याज दर पूरे 15 साल बनी रहने की स्थिति में है. पीपीएफ भी सरकार की टैक्स-फ्री सेविंग्स स्कीम है. पीपीएफ खाते के लिए न्यूनतम सालाना जमा राशि ₹500 है और अधिकतम सालाना जमा राशि ₹1.5 लाख है. सिर्फ भारत में रहने वाले भारतीय नागरिक ही अपने नाम पर या किसी नाबालिग की ओर से पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) खाता खोलने के लिए पात्र हैं.
सरकार हर तिमाही क्यों करती है समीक्षा?
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा सरकार हर तिमाही करती है. इसमें सरकारी बॉन्ड यील्ड, बाजार में चल रही ब्याज दरें, आर्थिक हालात और दूसरी परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाता है. इसके बाद सरकार तय करती है कि अगली तिमाही के लिए दरों में बदलाव किया जाए या पुरानी दरें ही जारी रखी जाएं. अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए हुई ताजा समीक्षा में सभी छोटी बचत योजनाओं की दरें पुरानी ही रखने का फैसला किया गया है.
पिछली बार कब बदली थीं ब्याज दरें?
ज्यादातर छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में वित्त वर्ष 2023-24 की जनवरी-मार्च तिमाही के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि, अप्रैल 2024 में 3 साल के पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट की दर 7 फीसदी से बढ़ाकर 7.1 फीसदी की गई थी. इसी दौरान सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर भी 8 फीसदी से बढ़ाकर 8.2 फीसदी की गई थी. इसके बाद से इन दोनों दरों में बदलाव नहीं हुआ है.
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब?
अगर आपका पैसा PPF, SCSS, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना या पोस्ट ऑफिस की किसी दूसरी छोटी बचत योजना में लगा है, तो अक्टूबर से दिसंबर तक मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं होगा. यानी इस तिमाही में आपको पहले वाली दर के हिसाब से ही रिटर्न मिलेगा. इन योजनाओं को खास तौर पर ऐसे निवेशकों के बीच पसंद किया जाता है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव से अलग अपेक्षाकृत स्थिर और तय ब्याज वाली बचत चाहते हैं. पब्लिक प्रोविडेंट फंड और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं में टैक्स से जुड़े फायदे भी लागू नियमों के तहत मिलते हैं.
आजतक बिजनेस डेस्क